बीएनएस → आईपीसी
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धारा 249. अपराधी को संश्रय देना ।
249. जब कोई अपराध किया जा चुका हो, तब जो कोई किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसके बारे में वह जानता हो या विश्वास करने का कारण रखता हो कि वह अपराधी है, वैध दंड से प्रतिच्छादित करने के आशय से संश्रय देगा या छिपाएगा-- (क) यदि वह अपराध मृत्यु से दंडनीय हो तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो…
पूरा पढ़ेंधारा 212 - अपराधी को संश्रय देना
अपराधी को संश्रय देना जबकि कोई अपराध किया जा चुका हो, तब जो कोई किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसके बारे में वह जानता हो या विश्वास करने का कारण रखता हो कि वह अपराधी है, वैध दंड से प्रतिच्छादित करने के आशय से संश्रय देगा या छिपाएगा ; यदि अपराध मॄत्यु से दंडनीय हो - यदि वह अपराध मॄत्यु से दंडनीय हो तो वह दोनों में से किसी भांति…
पूरा पढ़ें- BNS §249IPC §212
धारा 249. अपराधी को संश्रय देना ।
धारा 212 - अपराधी को संश्रय देना

