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दोष स्वीकार करने पर दोषसिद्धि।
यदि अभियुक्त अपना अपराध स्वीकार करता है, तो न्यायाधीश उस स्वीकारोक्ति को दर्ज करेगा और अपने विवेकानुसार उसे दोषी ठहरा सकता है।
पूरा पढ़ेंदोष स्वीकार करने पर दोषसिद्धि।
यदि अभियुक्त अपना अपराध स्वीकार करता है, तो न्यायाधीश उस स्वीकारोक्ति को दर्ज करेगा और अपने विवेकानुसार उसे दोषी ठहरा सकता है।
पूरा पढ़ेंधारा 252. दोषी होने के अभिवाक् पर दोषसिद्धि
252. दोषी होने के अभिवाक् पर दोषसिद्धि यदि अभियुक्त दोषी होने का अभिवाक् करता है, तो मजिस्ट्रेट उस अभिवाक् को यथासंभव उन्हीं शब्दों में अभिलिखित करेगा, जो अभियुक्त द्वारा प्रयोग किए गए हैं, और अपने विवेकानुसार उस पर उसे दोषसिद्ध कर सकेगा।
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यदि अभियुक्त अपना अपराध स्वीकार करता है, तो मजिस्ट्रेट अभियुक्त द्वारा प्रयुक्त शब्दों में यथासंभव उसका बयान दर्ज करेगा और अपने विवेकानुसार उसे दोषी ठहरा सकता है।
पूरा पढ़ें- CRPC §229BNSS §252
दोष स्वीकार करने पर दोषसिद्धि।
- CRPC §252BNSS §275
धारा 252. दोषी होने के अभिवाक् पर दोषसिद्धि
दोष स्वीकार करने पर दोषसिद्धि।

