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महत्वपूर्ण गवाह को बुलाने या उपस्थित व्यक्ति से पूछताछ करने का अधिकार।
इस संहिता के अंतर्गत किसी भी जांच, मुकदमे या अन्य कार्यवाही के किसी भी चरण में, कोई भी न्यायालय किसी भी व्यक्ति को गवाह के रूप में बुला सकता है, या उपस्थित किसी भी व्यक्ति की जांच कर सकता है, भले ही उसे गवाह के रूप में न बुलाया गया हो, या पहले से जांचे गए किसी व्यक्ति को पुनः बुलाकर पुनः जांच कर सकता है; और न्यायालय…
पूरा पढ़ेंमहत्वपूर्ण गवाह को बुलाने या उपस्थित व्यक्ति से पूछताछ करने का अधिकार।
इस संहिता के अंतर्गत किसी भी जांच, मुकदमे या अन्य कार्यवाही के किसी भी चरण में कोई भी न्यायालय किसी भी व्यक्ति को गवाह के रूप में बुला सकता है, या उपस्थित किसी भी व्यक्ति की जांच कर सकता है, भले ही उसे गवाह के रूप में न बुलाया गया हो, या पहले से जांचे गए किसी व्यक्ति को पुनः बुलाकर पुनः जांच कर सकता है; और न्यायालय…
पूरा पढ़ेंधारा 348. क्षमायाचना प्रस्तुत किए जाने पर अपराधी का उन्मोचन
348. क्षमायाचना प्रस्तुत किए जाने पर अपराधी का उन्मोचन जब किसी न्यायालय ने किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसने कोई ऐसी बात करने से, जिसे करने के लिए वह विधिपूर्वक अपेक्षित था, इनकार किया है या उसे करने का लोप किया है, अथवा जिसने साशय अपमान किया है या विघ्न डाला है, धारा 345 के अधीन दंड का भागी अधिनिर्णीत किया है, अथवा धारा 346…
पूरा पढ़ेंमाफी मांगने पर अपराधी को रिहा कर दिया गया।
जब किसी न्यायालय ने धारा 384 के तहत किसी अपराधी को दंड दिया हो, या धारा 385 के तहत उसे किसी मजिस्ट्रेट के पास परीक्षण के लिए भेजा हो, किसी ऐसे कार्य को करने से इनकार करने या चूक करने के लिए जिसे करने के लिए वह विधिवत रूप से बाध्य था, या किसी जानबूझकर अपमान या व्यवधान के लिए, तो न्यायालय अपने विवेक से अपराधी को बरी कर…
पूरा पढ़ें- CRPC §311BNSS §348
महत्वपूर्ण गवाह को बुलाने या उपस्थित व्यक्ति से पूछताछ करने का अधिकार।
- CRPC §348BNSS §387
धारा 348. क्षमायाचना प्रस्तुत किए जाने पर अपराधी का उन्मोचन
माफी मांगने पर अपराधी को रिहा कर दिया गया।

