आईईए → बीएसए
2 प्रविष्टियाँ
पक्षकार द्वारा अपने ही साक्षी से प्रश्न
१)न्यायालय उस व्यक्ति को, जो साक्षी को बुलाता है, उस साक्षी से ऐसे प्रश्न करने की अपने विवेकानुसार अनुमा दे सकेगा, जो प्रतिपक्षी द्वारा प्रतिपरिक्षा में किए जा सकते है । २)इस धारा की कोई बात, उपधारा (१) के अधीन इस प्रकार अनुज्ञात किए गए व्यक्ति को ऐसे साक्षी के साक्ष्य के किसी भाग का अवलम्ब लेने के हक से वंचित नहीं…
पूरा पढ़ेंपक्षकार द्वारा अपने ही गवाह से प्रश्न पूछना।
(1) न्यायालय अपने विवेक से किसी गवाह को बुलाने वाले व्यक्ति को उससे कोई भी प्रश्न पूछने की अनुमति दे सकता है जो विरोधी पक्ष द्वारा जिरह में पूछा जा सकता है। (2) इस धारा में कोई बात उपधारा (1) के अधीन अनुमति प्राप्त व्यक्ति को ऐसे गवाह के साक्ष्य के किसी भाग पर भरोसा करने से वंचित नहीं करेगी।
पूरा पढ़ेंउस तथ्य के बारे में पश्चातवर्ती अभिसाक्ष्य की सम्पुष्टि करने के लिए साक्षी के पूर्वतन कथन साबित किए जा सकेंगे
किसी साक्षी के परिसाक्ष्य की सम्पुष्टि करने के लिए ऐसे साक्षी द्वारा उसी तथ्य से संबंधित, उस समय पर या के लगभग जब वह तथ्य घटित हुआ था, किया हुआ, या उस तथ्य का अन्वेषण करने के लिए विधि द्वारा सक्षम किसी प्राधिकारी के समक्ष किया हुआ कोई पूर्वतन कथन साबित किया जा सकेगा ।
पूरा पढ़ेंधारा 160: गवाह के पूर्व बयानों को उसी तथ्य के रूप में बाद की गवाही की पुष्टि करने के लिए साबित किया जा सकता है
160. किसी गवाह की गवाही को पुष्ट करने के लिए, ऐसे गवाह द्वारा उसी तथ्य के संबंध में, उस समय या उसके आसपास जब तथ्य घटित हुआ हो, या तथ्य की जांच करने के लिए कानूनी रूप से सक्षम किसी प्राधिकारी के समक्ष दिया गया कोई भी पूर्व बयान साबित किया जा सकता है। .
पूरा पढ़ें- IEA §154BSA §157
पक्षकार द्वारा अपने ही साक्षी से प्रश्न
पक्षकार द्वारा अपने ही गवाह से प्रश्न पूछना।
- IEA §157BSA §160
उस तथ्य के बारे में पश्चातवर्ती अभिसाक्ष्य की सम्पुष्टि करने के लिए साक्षी के पूर्वतन कथन साबित किए जा सकेंगे
धारा 160: गवाह के पूर्व बयानों को उसी तथ्य के रूप में बाद की गवाही की पुष्टि करने के लिए साबित किया जा सकता है

