आईपीसी → बीएनएस

583 प्रविष्टियाँ

  • IPC §46BNS §2(6)

    धारा 46 - “मॄत्यु”

    परिभाषाएँ।

  • IPC §47BNS §2(2)

    धारा 47 - “जीवजन्तु”

    परिभाषाएँ।

  • IPC §48BNS §2(32)

    धारा 48 - “जलयान”

    परिभाषाएँ।

  • IPC §49BNS §2(20)

    धारा 49 - “वर्ष” या “मास”

    परिभाषाएँ।

  • IPC §50BNS §DELETED

    धारा 50 - “धारा”

    हटाई गई धारा

    IPC §50BNS §DELETED
  • IPC §51BNS §2(23)

    धारा 51 - “शपथ”

    परिभाषाएँ।

  • IPC §52BNS §2(11)

    धारा 52 - “सद्भावपूर्वक”

    परिभाषाएँ।

  • IPC §52ABNS §2(13)

    धारा 52A - “संश्रय”

    परिभाषाएँ।

  • IPC §53BNS §4

    दंड।

  • IPC §53ABNS §DELETED

    परिवहन के संदर्भ में निर्माण।

    हटाई गई धारा

    IPC §53ABNS §DELETED
  • IPC §54BNS §5

    मृत्युदंड की सजा में कमी।

    सजा में कमी।

  • IPC §55BNS §5

    आजीवन कारावास की सजा में कमी।

    सजा में कमी।

  • IPC §55ABNS §5

    "उपयुक्त सरकार" की परिभाषा।

    सजा में कमी।

  • IPC §56BNS §-

    [निरस्त]

    —

    IPC §56BNS §-
  • IPC §57BNS §6

    सजा की अवधि के अंश।

  • IPC §58BNS §-

    [निरस्त]

    —

    IPC §58BNS §-
  • IPC §59BNS §-

    [निरस्त]

    —

    IPC §59BNS §-
  • IPC §60BNS §7

    कारावास के कुछ मामलों में सजा पूरी तरह या आंशिक रूप से कठोर या साधारण हो सकती है।

  • IPC §61BNS §-

    [निरस्त]

    —

    IPC §61BNS §-
  • IPC §62BNS §-

    [निरस्त]

    —

    IPC §62BNS §-
  • IPC §63BNS §8(1)

    जुर्माने की राशि।

    जुर्माने की राशि, जुर्माना न चुकाने पर देयता आदि।

  • IPC §64BNS §8(2)

    जुर्माना न भरने पर कारावास की सजा।

    जुर्माने की राशि, जुर्माना न चुकाने पर देयता आदि।

  • IPC §65BNS §8(3)

    जब कारावास और जुर्माना दोनों दिए जा सकते हों, तो जुर्माने का भुगतान न करने पर कारावास की सीमा निर्धारित करना।

    जुर्माने की राशि, जुर्माना न चुकाने पर देयता आदि।

  • IPC §66BNS §8(4)

    जुर्माना न भरने पर कारावास का विवरण।

    जुर्माने की राशि, जुर्माना न चुकाने पर देयता आदि।

  • IPC §67BNS §8(5)

    जुर्माना न भरने पर कारावास, जब अपराध केवल जुर्माने से दंडनीय हो।

    जुर्माने की राशि, जुर्माना न चुकाने पर देयता आदि।

  • IPC §68BNS §8(6(a))

    जुर्माना अदा करने पर कारावास समाप्त हो जाएगा।

    जुर्माने की राशि, जुर्माना न चुकाने पर देयता आदि।

  • IPC §69BNS §8(6(b))

    जुर्माने के आनुपातिक हिस्से के भुगतान पर कारावास की समाप्ति।

    जुर्माने की राशि, जुर्माना न चुकाने पर देयता आदि।

  • IPC §70BNS §8(7)

    छह साल के भीतर या कारावास की अवधि के दौरान जुर्माना लगाया जा सकता है। मृत्यु से संपत्ति दायित्व से मुक्त नहीं होती।

    जुर्माने की राशि, जुर्माना न चुकाने पर देयता आदि।

  • IPC §71BNS §9

    धारा 71 - कई अपराधों से मिलकर बने अपराध के लिए दण्ड की अवधि

    अनेक अपराधों से मिलकर बने अपराध के लिए सजा की सीमा।

  • IPC §72BNS §10

    धारा 72 - कई अपराधों में से एक के दोषी व्यक्ति के लिए दण्ड जबकि निर्णय में यह कथित है कि यह संदेह है कि वह किस अपराध का दोषी है

    अनेक अपराधों में से किसी एक अपराध के दोषी व्यक्ति को दी गई सजा, जिसमें यह कहा गया हो कि यह स्पष्ट नहीं है कि कौन सा अपराध दोषी है।

  • IPC §73BNS §11

    धारा 73 - एकांत परिरोध

    एकान्त कारावास।

  • IPC §74BNS §12

    धारा 74 - एकांत परिरोध की अवधि

    एकांत कारावास की सीमा।

  • IPC §75BNS §13

    धारा 75 - पूर्व दोषसिद्धि के पश्चात् अध्याय 12 या अध्याय 17 के अधीन कतिपय अपराधों के लिए वर्धित दण्ड

    पूर्व दोषसिद्धि के बाद कुछ अपराधों के लिए बढ़ी हुई सजा।

  • IPC §76BNS §14

    धारा 76 - विधि द्वारा आबद्ध या तथ्य की भूल से अपने को विधि द्वारा आबद्ध होने का विश्वास करने वाले व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य

    किसी व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य, जो कानून द्वारा बाध्य है, या जिसने तथ्य की गलती से स्वयं को कानून द्वारा बाध्य मान लिया है।

  • IPC §77BNS §15

    धारा 77 - न्यायिकतः कार्य करते हुए न्यायाधीश का कार्य

    न्यायिक कार्यवाही करते समय न्यायाधीश का कार्य।

  • IPC §78BNS §16

    धारा 78 - न्यायलय के निर्णय या आदेश के अनुसरण में किया गया कार्य

    न्यायालय के निर्णय या आदेश के अनुसार किया गया कार्य।

  • IPC §79BNS §17

    धारा 79 - विधि द्वारा न्यायानुमत या तथ्य की भूल से अपने को विधि द्वारा न्यायानुमत होने का विश्वास करने वाले व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य

    किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य जो कानून द्वारा न्यायसंगत ठहराया गया हो, या जिसने तथ्य की गलती से स्वयं को कानून द्वारा न्यायसंगत मान लिया हो।

  • IPC §80BNS §18

    धारा 80 - विधिपूर्ण कार्य करने में दुर्घटना

    किसी वैध कार्य को करते समय दुर्घटना।

  • IPC §81BNS §19

    धारा 81 - कार्य, जिससे अपहानि कारित होना संभाव्य है, किंतु जो आपराधिक आशय के बिना और अन्य अपहानि के निवारण के लिए किया गया है

    ऐसा कृत्य जिससे हानि होने की संभावना हो, लेकिन वह आपराधिक इरादे के बिना और अन्य हानि को रोकने के लिए किया गया हो।

  • IPC §82BNS §20

    धारा 82 - सात वर्ष से कम आयु के शिशु का कार्य

    सात वर्ष से कम आयु के बच्चे का कृत्य।

  • IPC §83BNS §21

    धारा 83 - सात वर्ष से ऊपर किंतु बारह वर्ष से कम आयु के अपरिपक्व समझ के शिशु का कार्य

    सात से बारह वर्ष की आयु के अपरिपक्व बच्चे द्वारा किया गया कृत्य।

  • IPC §84BNS §22

    धारा 84 - विकॄतचित व्यक्ति का कार्य

    मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति का कृत्य।

  • IPC §85BNS §23

    धारा 85 - ऐसे व्यक्ति का कार्य जो अपनी इच्छा के विरुद्ध मत्ता में होने के कारण निर्णय पर पहुंचने में असमर्थ है

    किसी व्यक्ति द्वारा अपनी इच्छा के विरुद्ध किए गए कृत्य, जिसमें वह निर्णय लेने में असमर्थ हो गया हो।

  • IPC §86BNS §24

    धारा 86 - किसी व्यक्ति द्वारा, जो मत्ता में है, किया गया अपराध जिसमें विशेष आशय या ज्ञान का होना अपेक्षित है

    ऐसा अपराध जिसमें किसी विशेष इरादे या जानकारी की आवश्यकता होती है और जिसे नशे की हालत में किसी व्यक्ति द्वारा किया जाता है।

  • IPC §87BNS §25

    धारा 87 - सम्मति से किया गया कार्य जिससे मृत्यु या घोर उपहति कारित करने का आशय न हो और न उसकी संभाव्यता का ज्ञान हो

    ऐसा कार्य जिसका उद्देश्य मृत्यु या गंभीर चोट पहुंचाना न हो और न ही जिसके बारे में यह ज्ञात हो कि ऐसा होने की संभावना है, और जो सहमति से किया गया हो।

  • IPC §88BNS §26

    धारा 88 - किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सम्मति से सद्भावपूर्वक किया गया कार्य जिससे मृत्यु कारित करने का आशय नहीं है

    ऐसा कार्य जिसका उद्देश्य मृत्यु उत्पन्न करना न हो, और जो सद्भावनापूर्वक सहमति से व्यक्ति के हित में किया गया हो।

  • IPC §89BNS §27

    धारा 89 - संरक्षक द्वारा या उसकी सम्मति से शिशु या उन्मत्त व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया कार्य

    किसी बच्चे या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के हित में, अभिभावक द्वारा या अभिभावक की सहमति से सद्भावनापूर्वक किया गया कार्य।

  • IPC §90BNS §28

    धारा 90 - सम्मति, जिसके संबंध में यह ज्ञात हो कि वह भय या भ्रम के अधीन दी गई है

    भय या गलतफहमी के तहत दी गई सहमति।

  • IPC §91BNS §29

    धारा 91 - ऐसे कार्यों का अपर्वजन जो कारित अपहानि के बिना भी स्वतः अपराध है

    उन कृत्यों को बाहर रखा गया है जो किसी भी प्रकार की हानि से स्वतंत्र रूप से अपराध हैं।

  • IPC §92BNS §30

    धारा 92 - सम्मति के बिना किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया कार्य

    बिना सहमति के किसी व्यक्ति के लाभ के लिए सद्भावनापूर्वक किया गया कार्य।