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10 प्रविष्टियाँ
धारा 171 - कपटपूर्ण आशय से लोक सेवक के उपयोग की पोशाक पहनना या टोकन को धारण करना
कपटपूर्ण आशय से लोक सेवक के उपयोग की पोशाक पहनना या टोकन को धारण करना जो कोई लोक सेवकों के किसी खास वर्ग का न होते हुए, इस आशय से कि यह विश्वास किया जाए, या इस ज्ञान से कि संभाव्य है कि यह विश्वास किया जाए, कि वह लोक सेवकों के उस वर्ग का है, लोक सेवकों के उस वर्ग द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली पोशाक के सद्रश पोशाक…
पूरा पढ़ेंधोखाधड़ी के इरादे से लोक सेवक द्वारा प्रयुक्त वस्त्र पहनना या टोकन ले जाना।
जो कोई भी, लोक सेवकों के एक निश्चित वर्ग से संबंधित न होते हुए, उस वर्ग के लोक सेवकों द्वारा प्रयुक्त किसी भी वस्त्र या वस्त्र से मिलते-जुलते किसी वस्त्र या चिह्न को धारण करता है, इस इरादे से कि यह विश्वास किया जाए, या इस ज्ञान के साथ कि ऐसा विश्वास किए जाने की संभावना है, कि वह लोक सेवकों के उस वर्ग से संबंधित है,…
पूरा पढ़ेंधारा 171A - “अभ्यर्थी”, “निर्वाचन अधिकार” परिभाषित
“अभ्यर्थी”, “निर्वाचन अधिकार” परिभाषित इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए - (क) “अभ्यर्थी” से वह व्यक्ति अभिप्रेत है जो किसी निर्वाचन में अभ्यर्थी के रूप में नामनिर्दिष्ट किया गया है ; (ख) “निर्वाचन अधिकार” से किसी निर्वाचन में अभ्यर्थी के रूप में खड़े होने या खड़े न होने या अभ्यर्थना से अपना नाम वापल लेने या मत देने या मत…
पूरा पढ़ेंउम्मीदवार, चुनावी अधिकार की परिभाषा।
इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए— (क) “उम्मीदवार” से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिसे किसी चुनाव में उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया हो; (ख) “चुनावी अधिकार” से तात्पर्य किसी व्यक्ति के उम्मीदवार के रूप में खड़े होने, या न खड़े होने, या उम्मीदवार होने से पीछे हटने, या चुनाव में मतदान करने या मतदान से परहेज करने के…
पूरा पढ़ेंधारा 171B - रिश्वत
रिश्वत (1) जो कोई - (A) किसी व्यक्ति को इस उद्देश्य से परितोषण देता है कि वह उस व्यक्ति को या किसी अन्य व्यक्ति को किसी निर्वाचन अधिकार का प्रयोग करने के लिए उत्प्रेरित करे या किसी व्यक्ति को इसलिए इनाम दे कि उसने ऐसे अधिकार का प्रयोग किया है, अथवा (B) सवयं अपने लिए या किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई परितोषण ऐसे किसी…
पूरा पढ़ेंरिश्वतखोरी।
(1) जो कोई भी— (i) किसी व्यक्ति को किसी चुनावी अधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से या किसी व्यक्ति को ऐसे किसी अधिकार का प्रयोग करने के लिए पुरस्कृत करने के उद्देश्य से कोई रिश्वत देता है; या (ii) यदि कोई व्यक्ति स्वयं के लिए या किसी अन्य व्यक्ति के लिए किसी ऐसे अधिकार का प्रयोग करने के पुरस्कार…
पूरा पढ़ेंधारा 171C - निर्वाचनों में असम्यक असर डालना
निर्वाचनों में असम्यक असर डालना (1) जो कोई किसी निर्वाचन अधिकार के निर्बांध प्रयोग में स्वेच्छया हस्तक्षेप कर्ता है या हस्तक्षेप करने का प्रयत्न कर्ता है, वह निर्वाचन में असम्यक असर डालने का अपराध कर्ता है । (2) उपधारा (1) के उपबंधों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना जो कोई - (क) किसी अभ्यर्थी या मतदाता को, या…
पूरा पढ़ेंचुनावों में अनुचित प्रभाव।
(1) जो कोई भी स्वेच्छा से किसी चुनावी अधिकार के स्वतंत्र प्रयोग में हस्तक्षेप करता है या हस्तक्षेप करने का प्रयास करता है, वह चुनाव में अनुचित प्रभाव डालने का अपराध करता है। (2) उपधारा (1) के प्रावधानों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, जो कोई भी— (क) किसी उम्मीदवार या मतदाता को, या किसी ऐसे व्यक्ति को जिसमें…
पूरा पढ़ेंधारा 171D - निर्वाचनों में प्रतिरूपण
निर्वाचनों में प्रतिरूपण जो कोई किसी निर्वाचन में किसी अन्य व्यक्ति के नाम से, चाहे वह जीवित हो या मॄत, या किसी कल्पित नाम से, मतपत्र के लिए आवेदन कर्ता या मत देता है, या ऐसे निर्वाचन में एक बार मत दे चुकने के पश्यात उसी निर्वाचन में अपने नाम से मत-पत्र के लिए आवेदन कर्ता है, और जो कोई किसी व्यक्ति द्वारा किसी ऐसे…
पूरा पढ़ेंचुनाव में प्रतिरूपण।
जो कोई भी चुनाव में किसी अन्य व्यक्ति, चाहे वह जीवित हो या मृत, के नाम पर या किसी काल्पनिक नाम पर मतदान पत्र के लिए आवेदन करता है, या जो ऐसे चुनाव में एक बार मतदान कर चुका है और उसी चुनाव में अपने नाम पर मतदान पत्र के लिए आवेदन करता है, और जो कोई भी किसी व्यक्ति द्वारा इस प्रकार से मतदान करने में सहायता करता है, उसे…
पूरा पढ़ेंधारा 171E - रिश्वत के लिए दण्ड
रिश्वत के लिए दण्ड जो कोई रिश्वत का अपराध करेगा, वह दोनों में से किसी भांत के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा : परंतु सत्कार के रूप में रिश्वत केवल जुर्माने से ही दण्डित की जाएगी । स्पष्टीकरण - “सत्कार” से रिश्वत का वह रूप अभिप्रेत है जो परितोषण, खाद्य,…
पूरा पढ़ेंरिश्वतखोरी के लिए सजा।
रिश्वतखोरी का अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को एक वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास, या जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा। इस प्रकार कि रिश्वतखोरी करने पर केवल जुर्माना ही लगाया जाएगा। स्पष्टीकरण.—“उपहार देना” से तात्पर्य रिश्वतखोरी के उस रूप से है जिसमें संतुष्टि भोजन, पेय पदार्थ, मनोरंजन या…
पूरा पढ़ेंधारा 171F - निर्वाचनों में असम्यक असर डालने या प्रतिरूपण के लिए दण्ड
निर्वाचनों में असम्यक असर डालने या प्रतिरूपण के लिए दण्ड जो कोई किसी निर्वाचन में असम्यक असर डालने या प्रतिरूपण का अपराध करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंचुनाव में अनुचित प्रभाव डालने या प्रतिरूपण करने पर दंड।
जो कोई भी चुनाव में अनुचित प्रभाव डालने या प्रतिरूपण का अपराध करता है, उसे एक वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास या जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंधारा 171G - निर्वाचन के सिलसिले में मिथ्या कथन
निर्वाचन के सिलसिले में मिथ्या कथन जो कोई निर्वाचन के परिणाम पर प्रभाव डालने के आशय से किसी अभ्यर्थी के वैयक्तिक शील या आचरण के संबंध में तथ्य का कथन तात्पर्यित होने वाला कोई ऐसा कथन करेगा या प्रकाशित करेगा, जो मिथ्या है, और जिसका मिथ्या होना वह जानता या विश्वास कर्ता है अथवा जिसके सत्य होने का वह विश्वास नहीं कर्ता…
पूरा पढ़ेंचुनाव के संबंध में झूठा बयान।
जो कोई भी चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने के इरादे से किसी उम्मीदवार के व्यक्तिगत चरित्र या आचरण के संबंध में कोई ऐसा बयान देता है या प्रकाशित करता है जो तथ्य के रूप में प्रस्तुत किया जाता है लेकिन वह झूठा है और जिसे वह या तो झूठा मानता है या सच नहीं मानता है, उसे जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंधारा 171H - निर्वाचन के सिलसिले में अवैध संदाय
निर्वाचन के सिलसिले में अवैध संदाय जो कोई किसी अभ्यर्थी के साधारण या विशेष लिखित प्राधिकार के बिना ऐसे अभ्यर्थी का निर्वाचन अग्रसर करने या निर्वाचन करा देने के लिए कोई सार्वजनिक सभा करने में या किसी विज्ञापन, परिपत्र या प्रकाशन पर या किसी भी अन्य ढंग से व्यय करेगा या करना प्राधिकॄत करेगा, वह जुर्माने से, जो पांच सौ…
पूरा पढ़ेंचुनाव के संबंध में अवैध भुगतान।
जो कोई भी उम्मीदवार के लिखित सामान्य या विशेष प्राधिकरण के बिना किसी सार्वजनिक सभा के आयोजन, किसी विज्ञापन, परिपत्र या प्रकाशन, या किसी अन्य तरीके से ऐसे उम्मीदवार के चुनाव को बढ़ावा देने या सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यय करता है या अधिकृत करता है, उसे दस हजार रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा। बशर्ते कि…
पूरा पढ़ेंधारा 171I - निर्वाचन लेखा रखने में असफलता
निर्वाचन लेखा रखने में असफलता जो कोई किसी तत्समय प्रवृत्त विधि द्वारा या विधि का बल रखने वाले किसी नियम द्वारा इसके लिए अपेक्षित होते हुए कि वह निर्वाचन में या निर्वाचन के संबंध में किए गए व्ययों का लेखा रखे, ऐसा लेखा रखने में असफल रहेगा, वह जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, दंडित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंचुनाव खातों को बनाए रखने में विफलता।
जो कोई भी, किसी भी लागू कानून या कानून के समान बल रखने वाले किसी नियम द्वारा चुनाव के दौरान या उससे संबंधित व्यय का हिसाब रखने के लिए बाध्य होने पर, ऐसा हिसाब रखने में विफल रहता है, तो उसे जुर्माने से दंडित किया जाएगा जो पांच हजार रुपये तक हो सकता है।
पूरा पढ़ें- IPC §171BNS §205
धारा 171 - कपटपूर्ण आशय से लोक सेवक के उपयोग की पोशाक पहनना या टोकन को धारण करना
धोखाधड़ी के इरादे से लोक सेवक द्वारा प्रयुक्त वस्त्र पहनना या टोकन ले जाना।
- IPC §171ABNS §169
धारा 171A - “अभ्यर्थी”, “निर्वाचन अधिकार” परिभाषित
उम्मीदवार, चुनावी अधिकार की परिभाषा।
- IPC §171BBNS §170
धारा 171B - रिश्वत
रिश्वतखोरी।
- IPC §171CBNS §171
धारा 171C - निर्वाचनों में असम्यक असर डालना
चुनावों में अनुचित प्रभाव।
- IPC §171DBNS §172
धारा 171D - निर्वाचनों में प्रतिरूपण
चुनाव में प्रतिरूपण।
- IPC §171EBNS §173
धारा 171E - रिश्वत के लिए दण्ड
रिश्वतखोरी के लिए सजा।
- IPC §171FBNS §174
धारा 171F - निर्वाचनों में असम्यक असर डालने या प्रतिरूपण के लिए दण्ड
चुनाव में अनुचित प्रभाव डालने या प्रतिरूपण करने पर दंड।
- IPC §171GBNS §175
धारा 171G - निर्वाचन के सिलसिले में मिथ्या कथन
चुनाव के संबंध में झूठा बयान।
- IPC §171HBNS §176
धारा 171H - निर्वाचन के सिलसिले में अवैध संदाय
चुनाव के संबंध में अवैध भुगतान।
- IPC §171IBNS §177
धारा 171I - निर्वाचन लेखा रखने में असफलता
चुनाव खातों को बनाए रखने में विफलता।

