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धारा 296 - धार्मिक जमाव में विघ्न करना
धार्मिक जमाव में विघ्न करना जो कोई धार्मिक उपासना या धार्मिक संस्कारों में वैध रूप से लगे हुए किसी जमाव में स्वचेछया विघ्न कारित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ेंधार्मिक सभा में अशांति फैलाना।
जो कोई भी स्वेच्छा से किसी ऐसे समूह में अशांति उत्पन्न करता है जो विधिवत रूप से धार्मिक पूजा या धार्मिक अनुष्ठानों के निष्पादन में लगा हुआ हो, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि एक वर्ष तक हो सकती है, या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ेंहत्या।
इसके बाद जिन मामलों को अपवाद स्वरूप रखा गया है, उन्हें छोड़कर, यदि मृत्यु का कारण बनने वाला कृत्य मृत्यु का कारण बनने के इरादे से किया गया हो, तो गैर इरादतन हत्या, हत्या मानी जाएगी, या— द्वितीय. —यदि यह इस इरादे से किया गया हो कि अपराधी को ऐसी शारीरिक चोट पहुंचे जिससे उस व्यक्ति की मृत्यु होने की संभावना हो जिसे चोट…
पूरा पढ़ेंहत्या।
इसके बाद जिन मामलों को अपवाद स्वरूप रखा गया है, उन्हें छोड़कर, गैर इरादतन हत्या, हत्या ही मानी जाएगी। (क) यदि जिस कार्य से मृत्यु हुई है वह मृत्यु का कारण बनने के इरादे से किया गया हो; या (ख) यदि जिस कृत्य से मृत्यु हुई है, वह इस इरादे से किया गया हो कि अपराधी को यह ज्ञात हो कि उससे उस व्यक्ति की मृत्यु होने की…
पूरा पढ़ें- IPC §296BNS §300
धारा 296 - धार्मिक जमाव में विघ्न करना
धार्मिक सभा में अशांति फैलाना।
- IPC §300BNS §101
हत्या।

