अपराध जाँचक
कोई धारा चुनिए — जमानतीय है या नहीं, संज्ञेय है या नहीं, कौन-सा न्यायालय।
- प्रकाशित
- 8522
- जमानतीय
- 6196
- अजमानतीय
- 1830
- संज्ञेय
- 2552
- अधिनियम
- 3166
6 परिणाम
यह सूची CSV में डाउनलोड करें- 79मिथ्या विवरणी या जानकारी देने, समन या अन्य विधिपूर्ण आदेश, अध्यपेक्षा या निदेश की अवज्ञा करने, या धारा 35 या धारा 36 के उल्लंघन में कार्य करने या बहियां आदि पेश करने में असफलता के लिए दंडAndhra Pradesh Co-Operative Societies Act, 1964 · 7 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयप्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- 79Aभ्रष्ट आचरणों के लिए दंडAndhra Pradesh Co-Operative Societies Act, 1964 · 1 वर्षजमानतीयसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
- 37वेतन या मजदूरी से कटौतीAndhra Pradesh Co-Operative Societies Act, 1964 · जुर्माना ₹500जमानतीयसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
- 80सहकारी शब्द या उसके समतुल्य शब्द के प्रयोग का प्रतिषेधAndhra Pradesh Co-Operative Societies Act, 1964 · जुर्माना ₹200जमानतीयसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
- 81विनिश्चय या आदेश को प्रभावी करने में असफलता के लिए दंडAndhra Pradesh Co-Operative Societies Act, 1964 · जुर्माना ₹500जमानतीयसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
- 82उन अपराधों के लिए दंड जिनके लिए अन्यथा उपबंध नहीं किया गया हैAndhra Pradesh Co-Operative Societies Act, 1964 · जुर्माना ₹50जमानतीयसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
कौन-सी संहिता लागू होगी?
प्रक्रिया: 1 जुलाई 2024 को या उसके बाद दर्ज हर मामले पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता लागू है; उस दिन पहले से लंबित अन्वेषण, जाँच या विचारण दंड प्रक्रिया संहिता के अधीन चलता रहता है (भा.ना.सु.सं. धारा 531(2)(क))। अपराध: 1 जुलाई 2024 को या उसके बाद किया गया कृत्य भारतीय न्याय संहिता के अधीन, उससे पहले का भारतीय दंड संहिता के अधीन।

