JJ Act 110अध्याय X · Miscellaneous
धारा 110 · नियम बनाने की शक्ति
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राज्य सरकार इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियम बना सकेगी :
परंतु केन्द्रीय सरकार ऐसी सभी या किन्हीं विषयों की बाबत माडल नियम विरचित कर सकेगी, जिनके संबंध में राज्य सरकार द्वारा नियम बनाया जाना अपेक्षित है और जहां ऐसे माडल नियम किसी ऐसे विषय के संबंध में विरचित किए गए हैं, वे आवश्यक
उपांतरणों सहित राज्य को तब तक लागू होंगे जब तक उस विषय के संबंध में राज्य सरकार द्वारा नियम नहीं बना लिए जाते हैं और जब ऐसे नियम बनाए जाएं तो वे ऐसे माइल नियमों के अनुरूप होंगे।
(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना ऐसे नियमों में निम्नलिखित सभी विषयों या किन्हीं विषयों के लिए उपबंध किया जा सकेगा, अर्थात् :
(i) धारा 2 की उपधारा (14) के खंड (vii) के अधीन गुमशुदा या भागा हुआ बालक जिसके माता-पिता का पता नहीं लगाया जा सकता है की दशा में जांच की रीति :
(ii) धारा 2 की उपधारा (18) के अधीन किसी बालगृह से सहबद्ध बाल कल्याण अधिकारी के दायित्व :
(iii) धारा 4 की उपधारा (2) के अधीन बोर्ड के सदस्यों की अर्हताएं:
(iv) धारा 4 की उपधारा (6) के अधीन बोर्ड के सभी सदस्यों का समावेश प्रशिक्षण और संवेदीकरण ;
(v) धारा 4 की उपधारा (6) के अधीन बोर्ड के सदस्यों की पदावधि और वह रीति जिसमें ऐसा सदस्य पद त्याग सकेगा :
(vi) धारा 7 की उपधारा (1) के अधीन बोर्ड के अधिवेशनों का समय और उसकी बैठकों में कारवार के संव्यवहार के संबंध में प्रक्रिया के नियम :
(vii) धारा 8 की उपधारा (3) के खंड (घ) के अधीन किसी दुभाषिए या अनुवादक की अर्हताएं. अनुभव और फीस का संदाय
(viii) धारा 8 की उपधारा (3) के खंड (ड) के अधीन बोर्ड का कोई अन्य कृत्य :
(ix) वे व्यक्ति जिनके माध्यम से धारा 10 की उपधारा (2) के अधीन कथित विधि का उल्लंघन करने वाले वालक को बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकेगा और वे रीति जिसमें ऐसे बालक को किसी अन्वेषण गृह या सुरक्षित स्थान में भेजा जा सकेगा :
(x) धारा 12 की उपधारा (2) के अधीन पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी द्वारा गिरफ्तार किए गए किसी ऐसे व्यक्ति के. जिसे उसके द्वारा जमानत पर छोड़ा नहीं गया हैं, संबंध में ऐसी रीति, जिसमें उस व्यक्ति को तब तक संप्रेक्षण गृह में रखा जाएगा जब तक कि उसे बोर्ड के समक्ष पेश न किया जाए :
(xi) धारा 16 की उपधारा (3) के अधीन त्रैमासिक आधार पर बोर्ड द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट और जिला मजिस्ट्रेट को लंबन की सूचना देने का रूप-विधान :
(xii) धारा 20 की उपधारा (2) के अधीन मानिटरी प्रक्रियाएं और मानीटरी प्राधिकारियों की सूची :
(xiii) धारा 24 की उपधारा (2) के अधीन वह रीति जिसमें बोर्ड पुलिस या न्यायालय द्वारा बालक के सुसंगत अभिलेखों को नष्ट किया जा सकेगा :
(xiv) धारा 27 की उपधारा (5) के अधीन बाल कल्याण समिति के सदस्यों की अर्हताएं:
[(xiv) धारा 27 की उपधारा (8) के अधीन जिला मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का प्ररूप : ]
(xv) धारा 28 की उपधारा (1) के अधीन बाल कल्याण समिति की बैठकों मे कारवार का संव्यवहार करने के संबंध में नियम और प्रक्रियाएं:
(xvi) धारा 30 के खंड (भ) के अधीन परित्यक्त या खोए हुए बालकों को उनके कुटुंबों को प्रत्यावर्तित करने की प्रक्रिया :
(xvii) धारा 31 की उपधारा (2) के अधीन समिति को रिपोर्ट प्रस्तुत करने की रीति और बालक को बालगृह या आश्रयगृह या उचित सुविधा तंत्र या योग्य व्यक्ति को भेजने और सौंपने की रीति :
(xviii) धारा 36 की उपधारा (1) के अधीन बाल कल्याण समिति द्वारा जांच करने की रीति :
(xix) धारा 36 की उपधारा (3) के अधीन यदि बालक छह वर्ष से कम आयु का है तो बालक को विशिष्ट दत्तकग्रहण अभिकरण, बालगृह या उपयुक्त सुविधा तंत्र या योग्य व्यक्ति या पोषण कुटुंब में तब तक भेजने की रीति जब तक बालक के समुचित पुनर्वास के लिए उचित साधन नहीं मिल जाते हैं जिसके अंतर्गत वह रीति भी है जिसमें बालगृह में या उपयुक्त सुविधा तंत्र या योग्य व्यक्ति का पोषण कुटुंब में रखे गए बालक की स्थिति का समिति द्वारा पुनर्विलोकन किया जा सकेगा :
(xx) वह रीति जिसमें धारा 36 की उपधारा (4) के अधीन समिति द्वारा जिला मजिस्ट्रेट को मामलों के लंबन के पुनर्विलोकन की त्रैमासिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सकेगी :
(xxi) धारा 37 की उपधारा (2) के खंड (iii) के अधीन समिति के अन्य कृत्यों से संबंधित कोई अन्य आदेश ;
(xxii) धारा 38 की उपधारा (5) के अधीन समिति द्वारा राज्य अभिकरण और प्राधिकरण को विधिक रूप से दत्तक ग्रहण करने के लिए मुक्त घोषित बालकों की संख्या और लंबित मामलों की संख्या के संबंध में प्रत्येक मास दी जाने वाली सूचना :
(xxii) धारा 40 की उपधारा (4) के अधीन प्रत्यावर्तित, मृत और भगोड़े बालकों की बाबत तिमाही रिपोर्ट का प्ररूप :
(xxiii) धारा 41 की उपधारा (1) के अधीन वह रीति जिसमें इस अधिनियम के अधीन सभी संस्थाओं को रजिस्ट्रीकृत किया जाएगा:
(xxiv) कोई संस्था जो धारा 41 की उपधारा (7) के अधीन ऐसी संस्था जो पुनर्वास और पुनः एकीकरण सेवाएं प्रदान करने में असफल रहती है के रजिस्ट्रीकरण को रद्द करने या विधारित करने की प्रक्रिया :
(xxv) धारा 43 की उपधारा (3) के अधीन वह रीति जिसमें खुले आश्रम द्वारा जिला बाल संरक्षण एकक और समिति को प्रतिमास सूचना भेजी जाएगी :
(xxvi) धारा 44 की उपधारा (1) के अधीन बालकों को पोषण देखरेख, जिसके अंतर्गत समूह पोषण देखरेख भी है. में रखने की प्रक्रिया :
(xxvii) धारा 44 की उपधारा (4) के अधीन पोषण देखरेख में बालकों के निरीक्षण की प्रक्रिया :
(xxviii) धारा 44 की उपधारा (6) के अधीन वह रीति जिसमें पोषण कुटुंब द्वारा बालक को शिक्षा, स्वास्थय और पोषण प्रदान किया जाएगा।
(xxix) धारा 44 की उपधारा (7) के अधीन वह प्रक्रिया और मानदण्ड जिसमें बालकों को पोषण देखरेख सेवाएं प्रदान की जाएंगी
(xxx ) धारा 45 की उपधारा (8) के अधीन बालकों की भलाई का पता लगाने के लिए समिति द्वारा पोषण कुटुंबों के निरीक्षण का रूप विधान :
(xxxi) धारा 45 की उपधारा (1) के अधीन बालकों की प्रवर्तकता के विभिन्न कार्यक्रमों जैसे व्यष्टि से व्यष्टि प्रवर्तकता, समूह प्रवर्तकता या सामुदायिक प्रवर्तकता का जिम्मा लेने का प्रयोजन :
(xxxii) धारा 45 की उपधारा (3) के अधीन प्रवर्तकता की अवधि :
(xxxiii) धारा 47 के अधीन अठारह वर्ष की आयु पूरा करने वाले, संस्था की देखरेख छोड़ने वाले किसी बालक को वित्तीय सहायता प्रदान करने की रीति :
(xxxiv) धारा 47 की उपधारा (3) के अधीन संप्रेक्षण गृहों का प्रबंध और मानीटरी जिसके अंतर्गत विधि का उल्लंघन करने के अभिकथित किसी बालक के पुनर्वास और समाज में पुनः मिलाए जाने के लिए मानक और उनके द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न सेवाएं और वे परिस्थितियां भी हैं जिनके अधीन और वह रीति जिसमें किसी संप्रेक्षण गृह को रजिस्ट्रीकरण प्रदान किया जा सकेगा या प्रतिसंहन किया जा सकेगा :
(xxxv) धारा 48 की उपधारा (2) और उपधारा (3) के अधीन विशेष गृहों का प्रबंधन और मानीटरी जिसके अंतर्गत मानक और उनके द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न प्रकार की सेवाएं भी है:
(xxxvi) धारा 50 की उपधारा (3) के अधीन बालगृहों की मानीटरी और प्रबंधन जिसके अंतर्गत मानक और उनके द्वारा प्रत्येक बालक के लिए व्यष्टिक देखरेख योजनाओं पर आधारित उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की प्रकृति है;
(xxxvii) धारा 51 की उपधारा (1) के अधीन वह रीति जिसमें बोर्ड या समिति, तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन रजिस्ट्रीकृत किसी सरकारी संगठन या स्वैच्छिक या गैर सरकारी संगठन चलाए जा रहे किसी सुविधा तंत्र को, बालक की देखरेख के लिए सुविधातंत्र और संगठन की उपयुक्तता के संबंध में सम्यक् जांच के पश्चात् किसी विनिर्दिष्ट प्रयोजन के लिए बालक का अस्थायी रूप से लेने के लिए मान्यता :
(xxxviii) बोर्ड या समिति द्वारा धारा 52 की उपधारा (1) के अधीन किसी बालक की देखरेख, संरक्षण और उपचार के लिए ऐसे बालक को विनिर्दिष्ट अवधि के लिए अस्थायी रूप से प्राप्त करने के लिए किसी व्यक्ति को योग्य के रूप में मान्यता प्रदान करने के लिए प्रत्यय पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया;
(xxxix) धारा 53 की उपधारा (1) के अधीन वह रीति जिसमें इस अधिनियम के अधीन बालकों के पुनर्वास और पुनः मिलाने के लिए आधारभूत अपेक्षाओं जैसे खाद्य, आश्रय, वस्त्र और चिकित्सा की सुविधाएं किसी संस्था द्वारा उपलब्ध की जाएंगी:
(xi) धारा 53 की उपधारा (2) के अधीन वह रीति जिसमें संस्थान के प्रबंधन और प्रत्येक बालक की प्रगति की मानीटरी करने के लिए प्रत्येक संस्थान द्वारा प्रबंधन समिति स्थापित की जाएगी;
(xli) धारा 53 की उपधारा (3) के अधीन बाल समितियों द्वारा किए जा सकने वाले कार्यकलाप :
(xiii) धारा 54 की उपधारा (1) के अधीन राज्य और जिले के लिए रजिस्ट्रीकृत या उचित के रूप में मान्यता प्रदान की गई सभी संस्थाओं के लिए निरीक्षण समितियों की नियुक्ति :
(xliii) धारा 55 की उपधारा (1) के अधीन वह रीति जिसमें केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा बोर्ड, समिति, विशेष किशोर पुलिस एककों, रजिस्ट्रीकृत संस्थाओं या मान्यता प्राप्त उचित सुविधा तंत्रों और व्यक्तियों के कार्यकरण का स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन कर सकेगी जिसके अंतर्गत अवधि और व्यक्ति या संस्थाओं के माध्यम से भी है :
(xliv) धारा 66 की उपधारा (2) के अधीन वह रीति जिसमें संस्थाएं विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण को दत्तक ग्रहण के लिए विधिक रूप से मुक्त घोषित किए गए बालकों के ब्यौरे प्रस्तुत करेंगी ;
(xiv) धारा 68 के खंड (ङ) के अधीन प्राधिकरण के कोई अन्य कृत्य :
(xlvi) धारा 69 की उपधारा (2) के अधीन प्राधिकरण की विषय निर्वाचन समिति के सदस्यों के चयन या नामनिर्देशन का मानदंड और उनकी पदावधि के साथ उनकी नियुक्ति के निबंधन और शर्ते :
(xlvii) धारा 69 की उपधारा (4) के अधीन वह रीति जिसमें प्राधिकरण की विषय निर्वाचन समिति बैठक करेगी : (xviii) धारा 71 की उपधारा (1) के अधीन वह रीति जिसमें प्राधिकरण द्वारा केन्द्रीय सरकार को वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी:
(xlix) धारा 72 की उपधारा (2) के अधीन प्राधिकरण के कृत्य :
(I) धारा 73 की उपधारा (1) के अधीन वह रीति जिसमें प्राधिकरण, उचित लेखे और सुसंगत दस्तावेज रखेगा और लेखाओं का वार्षिक विवरण तैयार करेगा :
(li) धारा 92 के अधीन वह अवधि जो समिति या बोर्ड द्वारा, बालकों के, जो ऐसे रोग से ग्रस्त हैं जिसके लिए लंबे चिकित्सा उपचार की आवश्यकता है या जिन्हें शारीरिक या मानसिक रोग है, जिसका उपचार किसी सुविधा तंत्र में होगा, के उपचार के लिए आवश्यक समझी जाए :
(lii) धारा 95 की उपधारा (1) के अधीन किसी बालक को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया :
(liii) धारा 95 की उपधारा (3) के अधीन बालक के अनुरक्षक कर्मचारिवृंद को यात्रा भने का उपबंध :
(liv) धारा 103 की उपधारा (1) के अधीन समिति या किसी बोर्ड द्वारा कोई जांच, अपील या पुनरीक्षण करते समय अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया :
कार्यकरण:
(iv) धारा 105 की उपधारा (3) के अधीन वह रीति जिसमें किशोर न्याय निधि को प्रशासित किया जाएगा :
(lvi) धारा 106 के अधीन राज्य बाल संरक्षण सोसाइटी और प्रत्येक जिले के लिए बाल संरक्षण एककों का
(lvii) धारा 109 की उपधारा (1) के अधीन इस अधिनियम के उपबंधों के कार्यान्वयन को मानीटर करने के लिए. यथास्थिति, राष्ट्रीय आयोग या राज्य आयोग को समर्थ बनाना
(viii) ऐसा कोई अन्य विषय, जिसे विहित करना अपेक्षित है या जो विहित किया जाए।
(3) इस अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम और प्रत्येक विनियम बनाए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिन की अवधि के लिए रखा जाएगा। यह अवधि एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में पूरी हो सकेगी। यदि उस सत्र के या पूर्वोक्त आनुक्रमिक सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसान के पूर्व दोनों सदन उस नियम या विनियम में कोई परिवर्तन करने के लिए सहमत हो जाएं तो तत्पश्चात् वह ऐसे परिवर्तित रूप में ही प्रभावी होगा। यदि उक्त अवसान के पूर्व दोनों सदन सहमत हो जाएं कि वह नियम या विनियम नहीं बनाया जाना चाहिए तो तत्पश्चात् वह निष्प्रभाव हो जाएगा। किन्तु नियम या विनियम के ऐसे परिवर्तित या निष्प्रभाव होने से उसके अधीन पहले की गई किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(4) इस अधिनियम के अधीन राज्य सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम बनाए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र राज्य विधान- मंडल के समक्ष रखा जाएगा।
परंतु केन्द्रीय सरकार ऐसी सभी या किन्हीं विषयों की बाबत माडल नियम विरचित कर सकेगी, जिनके संबंध में राज्य सरकार द्वारा नियम बनाया जाना अपेक्षित है और जहां ऐसे माडल नियम किसी ऐसे विषय के संबंध में विरचित किए गए हैं, वे आवश्यक
उपांतरणों सहित राज्य को तब तक लागू होंगे जब तक उस विषय के संबंध में राज्य सरकार द्वारा नियम नहीं बना लिए जाते हैं और जब ऐसे नियम बनाए जाएं तो वे ऐसे माइल नियमों के अनुरूप होंगे।
(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना ऐसे नियमों में निम्नलिखित सभी विषयों या किन्हीं विषयों के लिए उपबंध किया जा सकेगा, अर्थात् :
(i) धारा 2 की उपधारा (14) के खंड (vii) के अधीन गुमशुदा या भागा हुआ बालक जिसके माता-पिता का पता नहीं लगाया जा सकता है की दशा में जांच की रीति :
(ii) धारा 2 की उपधारा (18) के अधीन किसी बालगृह से सहबद्ध बाल कल्याण अधिकारी के दायित्व :
(iii) धारा 4 की उपधारा (2) के अधीन बोर्ड के सदस्यों की अर्हताएं:
(iv) धारा 4 की उपधारा (6) के अधीन बोर्ड के सभी सदस्यों का समावेश प्रशिक्षण और संवेदीकरण ;
(v) धारा 4 की उपधारा (6) के अधीन बोर्ड के सदस्यों की पदावधि और वह रीति जिसमें ऐसा सदस्य पद त्याग सकेगा :
(vi) धारा 7 की उपधारा (1) के अधीन बोर्ड के अधिवेशनों का समय और उसकी बैठकों में कारवार के संव्यवहार के संबंध में प्रक्रिया के नियम :
(vii) धारा 8 की उपधारा (3) के खंड (घ) के अधीन किसी दुभाषिए या अनुवादक की अर्हताएं. अनुभव और फीस का संदाय
(viii) धारा 8 की उपधारा (3) के खंड (ड) के अधीन बोर्ड का कोई अन्य कृत्य :
(ix) वे व्यक्ति जिनके माध्यम से धारा 10 की उपधारा (2) के अधीन कथित विधि का उल्लंघन करने वाले वालक को बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकेगा और वे रीति जिसमें ऐसे बालक को किसी अन्वेषण गृह या सुरक्षित स्थान में भेजा जा सकेगा :
(x) धारा 12 की उपधारा (2) के अधीन पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी द्वारा गिरफ्तार किए गए किसी ऐसे व्यक्ति के. जिसे उसके द्वारा जमानत पर छोड़ा नहीं गया हैं, संबंध में ऐसी रीति, जिसमें उस व्यक्ति को तब तक संप्रेक्षण गृह में रखा जाएगा जब तक कि उसे बोर्ड के समक्ष पेश न किया जाए :
(xi) धारा 16 की उपधारा (3) के अधीन त्रैमासिक आधार पर बोर्ड द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट और जिला मजिस्ट्रेट को लंबन की सूचना देने का रूप-विधान :
(xii) धारा 20 की उपधारा (2) के अधीन मानिटरी प्रक्रियाएं और मानीटरी प्राधिकारियों की सूची :
(xiii) धारा 24 की उपधारा (2) के अधीन वह रीति जिसमें बोर्ड पुलिस या न्यायालय द्वारा बालक के सुसंगत अभिलेखों को नष्ट किया जा सकेगा :
(xiv) धारा 27 की उपधारा (5) के अधीन बाल कल्याण समिति के सदस्यों की अर्हताएं:
[(xiv) धारा 27 की उपधारा (8) के अधीन जिला मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का प्ररूप : ]
(xv) धारा 28 की उपधारा (1) के अधीन बाल कल्याण समिति की बैठकों मे कारवार का संव्यवहार करने के संबंध में नियम और प्रक्रियाएं:
(xvi) धारा 30 के खंड (भ) के अधीन परित्यक्त या खोए हुए बालकों को उनके कुटुंबों को प्रत्यावर्तित करने की प्रक्रिया :
(xvii) धारा 31 की उपधारा (2) के अधीन समिति को रिपोर्ट प्रस्तुत करने की रीति और बालक को बालगृह या आश्रयगृह या उचित सुविधा तंत्र या योग्य व्यक्ति को भेजने और सौंपने की रीति :
(xviii) धारा 36 की उपधारा (1) के अधीन बाल कल्याण समिति द्वारा जांच करने की रीति :
(xix) धारा 36 की उपधारा (3) के अधीन यदि बालक छह वर्ष से कम आयु का है तो बालक को विशिष्ट दत्तकग्रहण अभिकरण, बालगृह या उपयुक्त सुविधा तंत्र या योग्य व्यक्ति या पोषण कुटुंब में तब तक भेजने की रीति जब तक बालक के समुचित पुनर्वास के लिए उचित साधन नहीं मिल जाते हैं जिसके अंतर्गत वह रीति भी है जिसमें बालगृह में या उपयुक्त सुविधा तंत्र या योग्य व्यक्ति का पोषण कुटुंब में रखे गए बालक की स्थिति का समिति द्वारा पुनर्विलोकन किया जा सकेगा :
(xx) वह रीति जिसमें धारा 36 की उपधारा (4) के अधीन समिति द्वारा जिला मजिस्ट्रेट को मामलों के लंबन के पुनर्विलोकन की त्रैमासिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सकेगी :
(xxi) धारा 37 की उपधारा (2) के खंड (iii) के अधीन समिति के अन्य कृत्यों से संबंधित कोई अन्य आदेश ;
(xxii) धारा 38 की उपधारा (5) के अधीन समिति द्वारा राज्य अभिकरण और प्राधिकरण को विधिक रूप से दत्तक ग्रहण करने के लिए मुक्त घोषित बालकों की संख्या और लंबित मामलों की संख्या के संबंध में प्रत्येक मास दी जाने वाली सूचना :
(xxii) धारा 40 की उपधारा (4) के अधीन प्रत्यावर्तित, मृत और भगोड़े बालकों की बाबत तिमाही रिपोर्ट का प्ररूप :
(xxiii) धारा 41 की उपधारा (1) के अधीन वह रीति जिसमें इस अधिनियम के अधीन सभी संस्थाओं को रजिस्ट्रीकृत किया जाएगा:
(xxiv) कोई संस्था जो धारा 41 की उपधारा (7) के अधीन ऐसी संस्था जो पुनर्वास और पुनः एकीकरण सेवाएं प्रदान करने में असफल रहती है के रजिस्ट्रीकरण को रद्द करने या विधारित करने की प्रक्रिया :
(xxv) धारा 43 की उपधारा (3) के अधीन वह रीति जिसमें खुले आश्रम द्वारा जिला बाल संरक्षण एकक और समिति को प्रतिमास सूचना भेजी जाएगी :
(xxvi) धारा 44 की उपधारा (1) के अधीन बालकों को पोषण देखरेख, जिसके अंतर्गत समूह पोषण देखरेख भी है. में रखने की प्रक्रिया :
(xxvii) धारा 44 की उपधारा (4) के अधीन पोषण देखरेख में बालकों के निरीक्षण की प्रक्रिया :
(xxviii) धारा 44 की उपधारा (6) के अधीन वह रीति जिसमें पोषण कुटुंब द्वारा बालक को शिक्षा, स्वास्थय और पोषण प्रदान किया जाएगा।
(xxix) धारा 44 की उपधारा (7) के अधीन वह प्रक्रिया और मानदण्ड जिसमें बालकों को पोषण देखरेख सेवाएं प्रदान की जाएंगी
(xxx ) धारा 45 की उपधारा (8) के अधीन बालकों की भलाई का पता लगाने के लिए समिति द्वारा पोषण कुटुंबों के निरीक्षण का रूप विधान :
(xxxi) धारा 45 की उपधारा (1) के अधीन बालकों की प्रवर्तकता के विभिन्न कार्यक्रमों जैसे व्यष्टि से व्यष्टि प्रवर्तकता, समूह प्रवर्तकता या सामुदायिक प्रवर्तकता का जिम्मा लेने का प्रयोजन :
(xxxii) धारा 45 की उपधारा (3) के अधीन प्रवर्तकता की अवधि :
(xxxiii) धारा 47 के अधीन अठारह वर्ष की आयु पूरा करने वाले, संस्था की देखरेख छोड़ने वाले किसी बालक को वित्तीय सहायता प्रदान करने की रीति :
(xxxiv) धारा 47 की उपधारा (3) के अधीन संप्रेक्षण गृहों का प्रबंध और मानीटरी जिसके अंतर्गत विधि का उल्लंघन करने के अभिकथित किसी बालक के पुनर्वास और समाज में पुनः मिलाए जाने के लिए मानक और उनके द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न सेवाएं और वे परिस्थितियां भी हैं जिनके अधीन और वह रीति जिसमें किसी संप्रेक्षण गृह को रजिस्ट्रीकरण प्रदान किया जा सकेगा या प्रतिसंहन किया जा सकेगा :
(xxxv) धारा 48 की उपधारा (2) और उपधारा (3) के अधीन विशेष गृहों का प्रबंधन और मानीटरी जिसके अंतर्गत मानक और उनके द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न प्रकार की सेवाएं भी है:
(xxxvi) धारा 50 की उपधारा (3) के अधीन बालगृहों की मानीटरी और प्रबंधन जिसके अंतर्गत मानक और उनके द्वारा प्रत्येक बालक के लिए व्यष्टिक देखरेख योजनाओं पर आधारित उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की प्रकृति है;
(xxxvii) धारा 51 की उपधारा (1) के अधीन वह रीति जिसमें बोर्ड या समिति, तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन रजिस्ट्रीकृत किसी सरकारी संगठन या स्वैच्छिक या गैर सरकारी संगठन चलाए जा रहे किसी सुविधा तंत्र को, बालक की देखरेख के लिए सुविधातंत्र और संगठन की उपयुक्तता के संबंध में सम्यक् जांच के पश्चात् किसी विनिर्दिष्ट प्रयोजन के लिए बालक का अस्थायी रूप से लेने के लिए मान्यता :
(xxxviii) बोर्ड या समिति द्वारा धारा 52 की उपधारा (1) के अधीन किसी बालक की देखरेख, संरक्षण और उपचार के लिए ऐसे बालक को विनिर्दिष्ट अवधि के लिए अस्थायी रूप से प्राप्त करने के लिए किसी व्यक्ति को योग्य के रूप में मान्यता प्रदान करने के लिए प्रत्यय पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया;
(xxxix) धारा 53 की उपधारा (1) के अधीन वह रीति जिसमें इस अधिनियम के अधीन बालकों के पुनर्वास और पुनः मिलाने के लिए आधारभूत अपेक्षाओं जैसे खाद्य, आश्रय, वस्त्र और चिकित्सा की सुविधाएं किसी संस्था द्वारा उपलब्ध की जाएंगी:
(xi) धारा 53 की उपधारा (2) के अधीन वह रीति जिसमें संस्थान के प्रबंधन और प्रत्येक बालक की प्रगति की मानीटरी करने के लिए प्रत्येक संस्थान द्वारा प्रबंधन समिति स्थापित की जाएगी;
(xli) धारा 53 की उपधारा (3) के अधीन बाल समितियों द्वारा किए जा सकने वाले कार्यकलाप :
(xiii) धारा 54 की उपधारा (1) के अधीन राज्य और जिले के लिए रजिस्ट्रीकृत या उचित के रूप में मान्यता प्रदान की गई सभी संस्थाओं के लिए निरीक्षण समितियों की नियुक्ति :
(xliii) धारा 55 की उपधारा (1) के अधीन वह रीति जिसमें केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा बोर्ड, समिति, विशेष किशोर पुलिस एककों, रजिस्ट्रीकृत संस्थाओं या मान्यता प्राप्त उचित सुविधा तंत्रों और व्यक्तियों के कार्यकरण का स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन कर सकेगी जिसके अंतर्गत अवधि और व्यक्ति या संस्थाओं के माध्यम से भी है :
(xliv) धारा 66 की उपधारा (2) के अधीन वह रीति जिसमें संस्थाएं विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण को दत्तक ग्रहण के लिए विधिक रूप से मुक्त घोषित किए गए बालकों के ब्यौरे प्रस्तुत करेंगी ;
(xiv) धारा 68 के खंड (ङ) के अधीन प्राधिकरण के कोई अन्य कृत्य :
(xlvi) धारा 69 की उपधारा (2) के अधीन प्राधिकरण की विषय निर्वाचन समिति के सदस्यों के चयन या नामनिर्देशन का मानदंड और उनकी पदावधि के साथ उनकी नियुक्ति के निबंधन और शर्ते :
(xlvii) धारा 69 की उपधारा (4) के अधीन वह रीति जिसमें प्राधिकरण की विषय निर्वाचन समिति बैठक करेगी : (xviii) धारा 71 की उपधारा (1) के अधीन वह रीति जिसमें प्राधिकरण द्वारा केन्द्रीय सरकार को वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी:
(xlix) धारा 72 की उपधारा (2) के अधीन प्राधिकरण के कृत्य :
(I) धारा 73 की उपधारा (1) के अधीन वह रीति जिसमें प्राधिकरण, उचित लेखे और सुसंगत दस्तावेज रखेगा और लेखाओं का वार्षिक विवरण तैयार करेगा :
(li) धारा 92 के अधीन वह अवधि जो समिति या बोर्ड द्वारा, बालकों के, जो ऐसे रोग से ग्रस्त हैं जिसके लिए लंबे चिकित्सा उपचार की आवश्यकता है या जिन्हें शारीरिक या मानसिक रोग है, जिसका उपचार किसी सुविधा तंत्र में होगा, के उपचार के लिए आवश्यक समझी जाए :
(lii) धारा 95 की उपधारा (1) के अधीन किसी बालक को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया :
(liii) धारा 95 की उपधारा (3) के अधीन बालक के अनुरक्षक कर्मचारिवृंद को यात्रा भने का उपबंध :
(liv) धारा 103 की उपधारा (1) के अधीन समिति या किसी बोर्ड द्वारा कोई जांच, अपील या पुनरीक्षण करते समय अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया :
कार्यकरण:
(iv) धारा 105 की उपधारा (3) के अधीन वह रीति जिसमें किशोर न्याय निधि को प्रशासित किया जाएगा :
(lvi) धारा 106 के अधीन राज्य बाल संरक्षण सोसाइटी और प्रत्येक जिले के लिए बाल संरक्षण एककों का
(lvii) धारा 109 की उपधारा (1) के अधीन इस अधिनियम के उपबंधों के कार्यान्वयन को मानीटर करने के लिए. यथास्थिति, राष्ट्रीय आयोग या राज्य आयोग को समर्थ बनाना
(viii) ऐसा कोई अन्य विषय, जिसे विहित करना अपेक्षित है या जो विहित किया जाए।
(3) इस अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम और प्रत्येक विनियम बनाए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिन की अवधि के लिए रखा जाएगा। यह अवधि एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में पूरी हो सकेगी। यदि उस सत्र के या पूर्वोक्त आनुक्रमिक सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसान के पूर्व दोनों सदन उस नियम या विनियम में कोई परिवर्तन करने के लिए सहमत हो जाएं तो तत्पश्चात् वह ऐसे परिवर्तित रूप में ही प्रभावी होगा। यदि उक्त अवसान के पूर्व दोनों सदन सहमत हो जाएं कि वह नियम या विनियम नहीं बनाया जाना चाहिए तो तत्पश्चात् वह निष्प्रभाव हो जाएगा। किन्तु नियम या विनियम के ऐसे परिवर्तित या निष्प्रभाव होने से उसके अधीन पहले की गई किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(4) इस अधिनियम के अधीन राज्य सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम बनाए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र राज्य विधान- मंडल के समक्ष रखा जाएगा।
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संबंधित कानूनी धाराएँ
- संबंधितकि.न्या. अधि. §10कानून के साथ कथित संघर्ष में शामिल बच्चे की गिरफ्तारी।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §103जांच, अपील और पुनरीक्षण कार्यवाही में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §105किशोर न्याय कोष।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §106राज्य बाल संरक्षण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §109अधिनियम के कार्यान्वयन की निगरानी।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §12कानून के साथ संघर्ष करने के आरोपी, स्पष्ट रूप से एक बच्चे को जमानत देना।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §16लंबित जांच की समीक्षा।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §2परिभाषाएँ।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §20बच्चे की उम्र इक्कीस वर्ष हो चुकी है और उसे अभी भी सुरक्षित स्थान पर रहने की निर्धारित अवधि पूरी करनी बाकी है।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §24अपराध सिद्ध होने पर अयोग्यता को हटाना।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §27बाल कल्याण समिति।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §28समिति से संबंधित प्रक्रिया।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §30समिति के कार्य और जिम्मेदारियां।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §31समिति के समक्ष प्रस्तुति।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §36जाँच करना।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §37देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे के संबंध में आदेश पारित किए गए।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §38किसी बच्चे को कानूनी रूप से गोद लेने के लिए स्वतंत्र घोषित करने की प्रक्रिया।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §4किशोर न्याय बोर्ड।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §40देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे का पुनर्वास।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §41बाल देखभाल संस्थानों का पंजीकरण।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §43खुला आश्रय स्थल।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §44पालन पोषण संबंधी देखभाल।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §45प्रायोजन।
- संबंधितकि.न्या. अधि. §47अवलोकन गृह।

