MSCW Act 13अध्याय II · Constitution of the Commission
धारा 13 · आयोग के कार्य
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1)
इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, आयोग निम्नलिखित सभी या इनमें से कोई भी कार्य करेगा, अर्थात्;(क)
अनुचित व्यवहार की जांच करना, उस पर निर्णय लेना और उस मामले में सरकार को की जाने वाली कार्रवाई की सिफारिश करना।(ख)
भारत के संविधान (जिसे आगे संविधान कहा गया है) और अन्य कानूनों के तहत महिलाओं के लिए प्रदान की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं से संबंधित सभी मामलों की जांच और परीक्षण करना तथा राज्य में महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए ऐसी सुरक्षा व्यवस्थाओं के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु राज्य सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों की सिफारिश करना।(ग)
आयोग द्वारा उचित समझे जाने वाले अन्य समयों पर और वार्षिक रूप से राज्य सरकार को इन सुरक्षा उपायों के कामकाज पर रिपोर्ट प्रस्तुत करना;(घ)
समय-समय पर संविधान और महिलाओं को प्रभावित करने वाले अन्य कानूनों के मौजूदा प्रावधानों की समीक्षा करना और उनमें संशोधन की सिफारिश करना, साथ ही ऐसे विधायी प्रावधानों में किसी भी खामी, अपर्याप्तता या खामियों को दूर करने के लिए उपचारात्मक विधायी उपाय सुझाना;(ई)
राज्य में महिलाओं से संबंधित संविधान और अन्य कानूनों के प्रावधानों के उल्लंघन के मामले को उपयुक्त अधिकारियों के समक्ष उठाना;(f)
शिकायतों की जांच करना और निम्नलिखित मामलों का स्वतः संज्ञान लेना:-(जी)
महिलाओं के खिलाफ भेदभाव और अत्याचारों से उत्पन्न समस्याओं या स्थितियों के विशेष अध्ययन या जांच का आह्वान करना और बाधाओं की पहचान करना ताकि उन्हें दूर करने के लिए रणनीतियों की सिफारिश की जा सके;(h)
राज्य में महिलाओं की उन्नति की प्रगति का मूल्यांकन करना;(i)
जेल, पुलिस स्टेशन/लॉकअप, अवलोकन गृह, बाल गृह, बचाव गृह, आश्रय गृह, या हिरासत के अन्य स्थान जहाँ महिलाओं को कैदी के रूप में या अन्यथा रखा जाता है, का निरीक्षण करना या निरीक्षण करवाना तथा संबंधित अधिकारियों के साथ आवश्यक उपचारात्मक कार्रवाई हेतु ऐसे मामलों को उठाना।(2)
राज्य सरकार महिलाओं को प्रभावित करने वाले नीतिगत मामलों पर आयोग से परामर्श कर सकती है।(3)
आयोग प्रत्येक छह माह में और ऐसे अन्य समयों पर, जैसा आयोग उचित समझे, राज्य सरकार को अपनी गतिविधियों की रिपोर्टें, साथ ही अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगा और राज्य सरकार यथाशीघ्र उन्हें राज्य विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी, साथ ही एक ज्ञापन भी प्रस्तुत करेगी जिसमें सिफारिशों पर की गई या प्रस्तावित कार्रवाई और ऐसी किसी सिफारिश को अस्वीकार करने के कारणों (यदि कोई हो) का स्पष्टीकरण दिया जाएगा।(4)
राज्य सरकार द्वारा मांगे जाने पर, सरकार से संबंधित किसी भी मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग की किसी भी रिपोर्ट पर टिप्पणी एवं सिफारिशें प्रस्तुत करना आयोग का कर्तव्य होगा। अध्याय-V वित्त, लेखा एवं लेखापरीक्षाइस धारा पर आपका निजी नोट
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