MV Act 214अध्याय XIV · Miscellaneous
धारा 214 · मूल प्राधिकारी द्वारा पारित आदेशों पर अपील और पुनरीक्षण का प्रभाव।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहां इस अधिनियम के तहत मूल प्राधिकारी द्वारा पारित किसी आदेश के विरुद्ध अपील की गई हो या पुनरीक्षण के लिए आवेदन किया गया हो, तो अपील या पुनरीक्षण के लिए आवेदन मूल प्राधिकारी द्वारा पारित आदेश पर रोक नहीं लगाएगा और ऐसा आदेश अपील या पुनरीक्षण के लिए आवेदन के निपटारे तक लागू रहेगा, जब तक कि निर्धारित अपीलीय प्राधिकारी या पुनरीक्षण प्राधिकारी अन्यथा निर्देश न दे।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, यदि किसी व्यक्ति द्वारा परमिट के नवीनीकरण के लिए किया गया आवेदन मूल प्राधिकारी द्वारा अस्वीकार कर दिया गया हो और उस व्यक्ति ने इस अस्वीकृति के विरुद्ध इस अधिनियम के अंतर्गत अपील की हो या पुनरीक्षण के लिए आवेदन किया हो, तो अपीलीय प्राधिकारी या, जैसा भी मामला हो, पुनरीक्षण प्राधिकारी आदेश द्वारा यह निर्देश दे सकता है कि परमिट, उसमें निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के बावजूद, अपील या पुनरीक्षण के लिए आवेदन का निपटारा होने तक वैध बना रहेगा।
(3) इस अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित कोई भी आदेश कार्यवाही में किसी त्रुटि, चूक या अनियमितता के कारण अपील या पुनरीक्षण पर उलट या परिवर्तित नहीं किया जाएगा, जब तक कि निर्धारित अपीलीय प्राधिकारी या पुनरीक्षण प्राधिकारी को, जैसा भी मामला हो, यह प्रतीत न हो कि ऐसी त्रुटि, चूक या अनियमितता ने वास्तव में न्याय की विफलता का कारण बना है।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, यदि किसी व्यक्ति द्वारा परमिट के नवीनीकरण के लिए किया गया आवेदन मूल प्राधिकारी द्वारा अस्वीकार कर दिया गया हो और उस व्यक्ति ने इस अस्वीकृति के विरुद्ध इस अधिनियम के अंतर्गत अपील की हो या पुनरीक्षण के लिए आवेदन किया हो, तो अपीलीय प्राधिकारी या, जैसा भी मामला हो, पुनरीक्षण प्राधिकारी आदेश द्वारा यह निर्देश दे सकता है कि परमिट, उसमें निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के बावजूद, अपील या पुनरीक्षण के लिए आवेदन का निपटारा होने तक वैध बना रहेगा।
(3) इस अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित कोई भी आदेश कार्यवाही में किसी त्रुटि, चूक या अनियमितता के कारण अपील या पुनरीक्षण पर उलट या परिवर्तित नहीं किया जाएगा, जब तक कि निर्धारित अपीलीय प्राधिकारी या पुनरीक्षण प्राधिकारी को, जैसा भी मामला हो, यह प्रतीत न हो कि ऐसी त्रुटि, चूक या अनियमितता ने वास्तव में न्याय की विफलता का कारण बना है।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

