OSCW Act 10
धारा 10 · आयोग के कार्य
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1)
आयोग निम्नलिखित में से सभी या कोई भी कार्य करेगा, अर्थात्:(क)
गहन अध्ययन करना -(ख)
राज्य में या चयनित क्षेत्रों में महिलाओं के विरुद्ध सभी अपराधों के मामलों पर समय-समय पर जानकारी संकलित करना, जिसमें विवाह और दहेज, बलात्कार, अपहरण, आपराधिक अपहरण, छेड़छाड़, महिलाओं की अनैतिक तस्करी और प्रसव या नसबंदी या प्रसव या बच्चे के जन्म से संबंधित चिकित्सा हस्तक्षेप में चिकित्सा लापरवाही के मामले शामिल हैं;(ग)
राज्य में या विशिष्ट क्षेत्रों में महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों के मामलों में जनमत जुटाने के लिए राज्य प्रकोष्ठ और जिला प्रकोष्ठों के साथ समन्वय करेगा, जिससे ऐसे अत्याचारों के अपराधों की शीघ्र रिपोर्टिंग और पहचान करने तथा अपराधियों के खिलाफ जनमत जुटाने में सहायता मिलेगी।(घ)
शिकायतें प्राप्त करना -(ई)
राज्य में गैर-सरकारी संगठनों को गरीब महिलाओं की कानूनी सलाह देने और ऐसी महिलाओं को कानूनी सहायता प्राप्त करने में सहायता, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान करना।(f)
किसी जेल, सुधार गृह, महिला संस्था या हिरासत के अन्य स्थान का निरीक्षण करना या करवाना जहाँ महिलाओं को कैदी के रूप में या अन्यथा रखा जाता है और यदि आवश्यक पाया जाए तो उपचारात्मक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों से परामर्श करना।(जी)
राज्य सरकार द्वारा इसे सौंपे गए किसी अन्य मामले से संबंधित कार्यों का निष्पादन करना।(2)
राज्य सरकार उपधारा (1) के अधीन आयोग द्वारा उसे प्रस्तुत की गई सभी अनुशंसाओं या रिपोर्टों, या उनके किसी भाग को, जो किसी ऐसे मामले से संबंधित हों जिससे राज्य सरकार का संबंध हो, राज्य के विधानमंडल के समक्ष एक ज्ञापन के साथ प्रस्तुत करवाएगी, जिसमें आयोग की अनुशंसाओं पर की गई या प्रस्तावित की जाने वाली कार्रवाई और ऐसी अनुशंसाओं को अस्वीकार किए जाने के कारणों का स्पष्टीकरण दिया जाएगा।(3)
उपधारा (1) के खंड (क) या खंड (घ) में निर्दिष्ट किसी मामले की जांच करते समय आयोग को किसी मुकदमे की सुनवाई करने वाले दीवानी न्यायालय की सभी शक्तियां प्राप्त होंगी, और विशेष रूप से निम्नलिखित मामलों के संबंध में, अर्थात्:(क)
भारत के किसी भी भाग से किसी व्यक्ति को बुलाना और उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा शपथ पर उससे पूछताछ करना;(ख)
किसी दस्तावेज की खोज और प्रस्तुति की आवश्यकता;(ग)
शपथपत्रों पर साक्ष्य प्राप्त करना;(घ)
किसी न्यायालय या कार्यालय से कोई सार्वजनिक अभिलेख या उसकी प्रति मंगवाना;(ई)
गवाहों और दस्तावेजों की जांच के लिए आयोग जारी करना; और(f)
कोई अन्य मामला जो निर्धारित किया जा सके।इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
