PHR Act 3अध्याय II · The National Human Rights Commission
धारा 3 · राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का गठन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार इस अधिनियम के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने और इसे सौंपे गए कार्यों को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नामक एक निकाय का गठन करेगी।
(2) आयोग में निम्नलिखित सदस्य होंगे--
(क) एक अध्यक्ष जो सर्वोच्च न्यायालय का [भारत का मुख्य न्यायाधीश या न्यायाधीश] रह चुका हो;
(ख) एक सदस्य जो सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश है या रह चुका है;
(ग) एक सदस्य जो उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश है या रह चुका है;
(घ) 2 [तीन सदस्य जिनमें से कम से कम एक महिला होनी चाहिए] ऐसे व्यक्तियों में से नियुक्त किए जाएंगे जिन्हें मानवाधिकारों से संबंधित मामलों का ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव हो।
( 3 ) राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग एवं विकलांग व्यक्तियों के मुख्य आयुक्त के अध्यक्ष धारा 12 के खंड ( ख ) से (ज) में निर्दिष्ट कार्यों के निर्वहन हेतु आयोग के सदस्य माने जाएँगे।
(4) एक महासचिव होगा जो आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होगा और 6 [अध्यक्ष के नियंत्रण के अधीन रहते हुए, सभी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों का प्रयोग करेगा (न्यायिक कार्यों और धारा 40बी के तहत विनियम बनाने की शक्ति को छोड़कर)]।
(5) आयोग का मुख्यालय दिल्ली में होगा और आयोग केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से भारत में अन्य स्थानों पर कार्यालय स्थापित कर सकता है।
(2) आयोग में निम्नलिखित सदस्य होंगे--
(क) एक अध्यक्ष जो सर्वोच्च न्यायालय का [भारत का मुख्य न्यायाधीश या न्यायाधीश] रह चुका हो;
(ख) एक सदस्य जो सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश है या रह चुका है;
(ग) एक सदस्य जो उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश है या रह चुका है;
(घ) 2 [तीन सदस्य जिनमें से कम से कम एक महिला होनी चाहिए] ऐसे व्यक्तियों में से नियुक्त किए जाएंगे जिन्हें मानवाधिकारों से संबंधित मामलों का ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव हो।
( 3 ) राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग एवं विकलांग व्यक्तियों के मुख्य आयुक्त के अध्यक्ष धारा 12 के खंड ( ख ) से (ज) में निर्दिष्ट कार्यों के निर्वहन हेतु आयोग के सदस्य माने जाएँगे।
(4) एक महासचिव होगा जो आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होगा और 6 [अध्यक्ष के नियंत्रण के अधीन रहते हुए, सभी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों का प्रयोग करेगा (न्यायिक कार्यों और धारा 40बी के तहत विनियम बनाने की शक्ति को छोड़कर)]।
(5) आयोग का मुख्यालय दिल्ली में होगा और आयोग केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से भारत में अन्य स्थानों पर कार्यालय स्थापित कर सकता है।
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