BIS Act 9अध्याय II · Bureau of Indian Standards
धारा 9 · ब्यूरो की शक्तियां और कार्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के अधीन ब्यूरो को सौंपी जाने वाली शक्तियाँ और कर्तव्य शासी परिषद द्वारा प्रयोग और निष्पादित किए जाएँगे, और विशेष रूप से, ऐसी शक्तियों में निम्नलिखित शक्तियाँ शामिल हो सकती हैं—
(क) भारत या भारत के बाहर शाखाएँ, कार्यालय या एजेंसियाँ स्थापित करना;
(ख) केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से, पारस्परिक आधार पर या अन्यथा, किसी भी अंतर्राष्ट्रीय निकाय या संस्था के चिह्न को, ब्यूरो द्वारा किसी भी वस्तु, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा के संबंध में, ऐसे माल, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा के मानक चिह्न के समतुल्य, पारस्परिक रूप से सहमत शर्तों और नियमों पर मान्यता देना;
(ग) ब्यूरो और भारतीय मानकों की भारत के बाहर मान्यता प्राप्त करने का प्रयास करना, ऐसी शर्तों और नियमों पर जो ब्यूरो द्वारा किसी देश में किसी संबंधित संस्था या संगठन या किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन के साथ पारस्परिक रूप से तय किए जा सकते हैं;
(घ) इस अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए स्थानों, परिसरों या वाहनों में प्रवेश करना और उनकी तलाशी लेना तथा माल या वस्तुओं तथा दस्तावेजों का निरीक्षण करना और उन्हें जब्त करना;
(ई) वस्तुओं, वस्तुओं या प्रक्रियाओं के निर्माताओं और उपभोक्ताओं को मानकों के अनुपालन हेतु ऐसी शर्तों और नियमों पर सेवाएं प्रदान करना, जिन पर पारस्परिक सहमति हो;
(f) गुणवत्ता प्रबंधन, मानकों, अनुरूपता मूल्यांकन, प्रयोगशाला परीक्षण और अंशांकन तथा अन्य संबंधित क्षेत्रों से संबंधित प्रशिक्षण सेवाएं प्रदान करना;
(जी) भारतीय मानक प्रकाशित करना और ऐसे प्रकाशनों तथा अंतर्राष्ट्रीय निकायों के प्रकाशनों की बिक्री करना;
(h) ब्यूरो की किसी भी या सभी गतिविधियों और ऐसे अन्य उद्देश्यों को पूरा करने के लिए भारत या भारत के बाहर की एजेंसियों को ऐसे नियमों और शर्तों पर अधिकृत करना, जैसा वह उचित समझे;
(i) ब्यूरो के समान उद्देश्यों वाले क्षेत्रीय, अंतर्राष्ट्रीय और विदेशी निकायों में सदस्यता प्राप्त करना और अंतर्राष्ट्रीय मानक निर्धारण प्रक्रिया में भाग लेना;
(j) अनुरूपता मूल्यांकन के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए नमूनों का परीक्षण करना; और
(k) विधिक माप विज्ञान से संबंधित गतिविधियों को करना।
(2) ब्यूरो उपभोक्ताओं और अन्य विभिन्न हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए वस्तुओं, उत्पादों, प्रक्रियाओं, प्रणालियों और सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ावा देने, निगरानी करने और प्रबंधन करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा, जिनमें निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं, अर्थात्: —
(क) किसी वस्तु, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा की गुणवत्ता की निगरानी करने और ऐसी निगरानी या सर्वेक्षण के निष्कर्षों को प्रकाशित करने के लिए बाजार निगरानी या सर्वेक्षण करना;
(ख) उपभोक्ताओं और उद्योग जगत में जागरूकता पैदा करके तथा उन्हें किसी भी वस्तु, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा से संबंधित गुणवत्ता और मानकों के बारे में शिक्षित करके गुणवत्ता को बढ़ावा देना;
(ग) किसी भी सामान, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा के संबंध में सुरक्षा को बढ़ावा देना;
(घ) किसी भी वस्तु, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा की पहचान जिसके लिए एक नया भारतीय मानक स्थापित करने या किसी मौजूदा भारतीय मानक को संशोधित करने की आवश्यकता है;
(ई) भारतीय मानकों के उपयोग को बढ़ावा देना;
(f) भारत या भारत के बाहर किसी भी संस्था को मान्यता देना या प्रत्यायन करना जो किसी भी वस्तु, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा या परीक्षण प्रयोगशालाओं के अनुरूपता प्रमाणन और निरीक्षण में लगी हो;
(जी) किसी भी वस्तु, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा के संबंध में गुणवत्ता में सुधार या किसी भी गुणवत्ता आश्वासन गतिविधियों के कार्यान्वयन के संबंध में निर्माताओं या उपभोक्ताओं के किसी भी संघ या किसी अन्य निकाय की गतिविधियों का समन्वय और प्रचार; और
(h) ऐसे अन्य कार्य जो वस्तुओं, वस्तुओं, प्रक्रियाओं, प्रणालियों और सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ावा देने, निगरानी करने और प्रबंधन करने तथा उपभोक्ताओं और अन्य हितधारकों के हितों की रक्षा करने के लिए आवश्यक हों।
(3) ब्यूरो इस धारा के अधीन अपने कार्यों का निष्पादन शासी परिषद के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार और ऐसे नियमों के अधीन करेगा।
(क) भारत या भारत के बाहर शाखाएँ, कार्यालय या एजेंसियाँ स्थापित करना;
(ख) केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से, पारस्परिक आधार पर या अन्यथा, किसी भी अंतर्राष्ट्रीय निकाय या संस्था के चिह्न को, ब्यूरो द्वारा किसी भी वस्तु, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा के संबंध में, ऐसे माल, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा के मानक चिह्न के समतुल्य, पारस्परिक रूप से सहमत शर्तों और नियमों पर मान्यता देना;
(ग) ब्यूरो और भारतीय मानकों की भारत के बाहर मान्यता प्राप्त करने का प्रयास करना, ऐसी शर्तों और नियमों पर जो ब्यूरो द्वारा किसी देश में किसी संबंधित संस्था या संगठन या किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन के साथ पारस्परिक रूप से तय किए जा सकते हैं;
(घ) इस अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए स्थानों, परिसरों या वाहनों में प्रवेश करना और उनकी तलाशी लेना तथा माल या वस्तुओं तथा दस्तावेजों का निरीक्षण करना और उन्हें जब्त करना;
(ई) वस्तुओं, वस्तुओं या प्रक्रियाओं के निर्माताओं और उपभोक्ताओं को मानकों के अनुपालन हेतु ऐसी शर्तों और नियमों पर सेवाएं प्रदान करना, जिन पर पारस्परिक सहमति हो;
(f) गुणवत्ता प्रबंधन, मानकों, अनुरूपता मूल्यांकन, प्रयोगशाला परीक्षण और अंशांकन तथा अन्य संबंधित क्षेत्रों से संबंधित प्रशिक्षण सेवाएं प्रदान करना;
(जी) भारतीय मानक प्रकाशित करना और ऐसे प्रकाशनों तथा अंतर्राष्ट्रीय निकायों के प्रकाशनों की बिक्री करना;
(h) ब्यूरो की किसी भी या सभी गतिविधियों और ऐसे अन्य उद्देश्यों को पूरा करने के लिए भारत या भारत के बाहर की एजेंसियों को ऐसे नियमों और शर्तों पर अधिकृत करना, जैसा वह उचित समझे;
(i) ब्यूरो के समान उद्देश्यों वाले क्षेत्रीय, अंतर्राष्ट्रीय और विदेशी निकायों में सदस्यता प्राप्त करना और अंतर्राष्ट्रीय मानक निर्धारण प्रक्रिया में भाग लेना;
(j) अनुरूपता मूल्यांकन के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए नमूनों का परीक्षण करना; और
(k) विधिक माप विज्ञान से संबंधित गतिविधियों को करना।
(2) ब्यूरो उपभोक्ताओं और अन्य विभिन्न हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए वस्तुओं, उत्पादों, प्रक्रियाओं, प्रणालियों और सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ावा देने, निगरानी करने और प्रबंधन करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा, जिनमें निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं, अर्थात्: —
(क) किसी वस्तु, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा की गुणवत्ता की निगरानी करने और ऐसी निगरानी या सर्वेक्षण के निष्कर्षों को प्रकाशित करने के लिए बाजार निगरानी या सर्वेक्षण करना;
(ख) उपभोक्ताओं और उद्योग जगत में जागरूकता पैदा करके तथा उन्हें किसी भी वस्तु, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा से संबंधित गुणवत्ता और मानकों के बारे में शिक्षित करके गुणवत्ता को बढ़ावा देना;
(ग) किसी भी सामान, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा के संबंध में सुरक्षा को बढ़ावा देना;
(घ) किसी भी वस्तु, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा की पहचान जिसके लिए एक नया भारतीय मानक स्थापित करने या किसी मौजूदा भारतीय मानक को संशोधित करने की आवश्यकता है;
(ई) भारतीय मानकों के उपयोग को बढ़ावा देना;
(f) भारत या भारत के बाहर किसी भी संस्था को मान्यता देना या प्रत्यायन करना जो किसी भी वस्तु, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा या परीक्षण प्रयोगशालाओं के अनुरूपता प्रमाणन और निरीक्षण में लगी हो;
(जी) किसी भी वस्तु, वस्तु, प्रक्रिया, प्रणाली या सेवा के संबंध में गुणवत्ता में सुधार या किसी भी गुणवत्ता आश्वासन गतिविधियों के कार्यान्वयन के संबंध में निर्माताओं या उपभोक्ताओं के किसी भी संघ या किसी अन्य निकाय की गतिविधियों का समन्वय और प्रचार; और
(h) ऐसे अन्य कार्य जो वस्तुओं, वस्तुओं, प्रक्रियाओं, प्रणालियों और सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ावा देने, निगरानी करने और प्रबंधन करने तथा उपभोक्ताओं और अन्य हितधारकों के हितों की रक्षा करने के लिए आवश्यक हों।
(3) ब्यूरो इस धारा के अधीन अपने कार्यों का निष्पादन शासी परिषद के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार और ऐसे नियमों के अधीन करेगा।
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