MZI Act 9अध्याय III · Powers of Search and Seizure
धारा 9 · अधिकृत अधिकारी और उनकी शक्तियां।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) तटरक्षक अधिनियम, 1978 (30 ऑफ 1978) के तहत गठित तटरक्षक बल का कोई अधिकारी, या केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत कोई अन्य सरकारी अधिकारी, यह पता लगाने के उद्देश्य से कि इस अधिनियम की आवश्यकताओं का अनुपालन किया गया है या नहीं, वारंट के साथ या बिना वारंट के,--
(क) भारत के किसी समुद्री क्षेत्र में किसी विदेशी पोत को रोकना या उस पर चढ़ना और मछली तथा मछली पकड़ने के लिए प्रयुक्त या प्रयुक्त किए जा सकने वाले उपकरणों के लिए ऐसे पोत की तलाशी लेना;
(ख) ऐसे पोत के स्वामी से प्रस्तुत करने की अपेक्षा करना--
(i) पोत से संबंधित कोई लाइसेंस, परमिट, लॉग बुक या अन्य दस्तावेज की जांच करना या ऐसे लाइसेंस, परमिट, लॉग बुक या दस्तावेज की प्रतियां लेना;
(ii) ऐसे पोत पर या पोत से संबंधित कोई भी पकड़, जाल, मछली पकड़ने का उपकरण या अन्य उपकरण की जांच करना;
(ग) यह पता लगाने के लिए आवश्यक पूछताछ करना कि क्या इस अधिनियम के तहत कोई अपराध किया गया है।
(2) जहाँ उपधारा (1) में निर्दिष्ट अधिकारी (जिसे इसके बाद अधिकृत अधिकारी कहा जाएगा) को यह विश्वास करने का कारण हो कि किसी विदेशी पोत का उपयोग इस अधिनियम के तहत अपराध करने के लिए किया गया है, किया जा रहा है, या किया जाने वाला है, तो वह वारंट के साथ या बिना वारंट के,--
(क) ऐसे पोत को जब्त और हिरासत में लेना, जिसमें ऐसे पोत पर पाए जाने वाले या पोत से संबंधित कोई भी मछली पकड़ने का उपकरण, मछली पकड़ने का सामान, भंडार या माल शामिल है, और पोत द्वारा छोड़े गए किसी भी मछली पकड़ने के उपकरण को जब्त और हिरासत में लेना;
(ख) जब्त या हिरासत में लिए गए पोत के स्वामी को ऐसे पोत को किसी निर्दिष्ट बंदरगाह पर लाने के लिए कहना;
(ग) किसी ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करना जिसके बारे में अधिकारी को यह मानने का कारण हो कि उसने ऐसा अपराध किया है।
(3) उपधारा (2) के तहत कोई कार्रवाई करते समय, अधिकृत अधिकारी ऐसे बल का प्रयोग कर सकता है जो यथोचित रूप से आवश्यक हो।
(4) जहाँ उपधारा (2) के अंतर्गत कोई पोत या अन्य वस्तु जब्त की गई हो, या किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया हो,
(क) इस प्रकार जब्त किए गए पोत या अन्य वस्तुओं को यथाशीघ्र इस अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध की सुनवाई करने के लिए सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जो इस अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध के अभियोजन हेतु कार्यवाही पूर्ण होने तक ऐसे पोत या वस्तुओं को सरकार या किसी अन्य प्राधिकारी के पास रखने या हिरासत में रखने के लिए, या ऐसी हिरासत या हिरासत के दौरान ऐसे प्राधिकारी द्वारा उनके उपयोग के लिए, मजिस्ट्रेट द्वारा उचित समझे जाने वाले नियमों और शर्तों पर, ऐसा आदेश दे सकता है।
बशर्ते कि मजिस्ट्रेट, ऐसे पोत के स्वामी या कप्तान द्वारा निर्धारित प्रपत्र में किए गए आवेदन पर, पोत या जब्त की गई अन्य वस्तुओं को स्वामी या कप्तान द्वारा जब्त की गई पोत या वस्तुओं के मूल्य के पचास प्रतिशत से कम राशि के बराबर नकद या बैंक गारंटी के रूप में सुरक्षा प्रस्तुत करने पर, मुक्त करने का आदेश दे सकता है।
इसके अलावा, यदि जब्त की गई कोई मछली खराब होने की आशंका हो, तो मजिस्ट्रेट ऐसी मछली की बिक्री और बिक्री से प्राप्त धनराशि को न्यायालय में जमा करने की अनुमति दे सकता है;
(ख) गिरफ्तार व्यक्ति को यथाशीघ्र गिरफ्तारी के कारणों की सूचना दी जाएगी और उसे बिना किसी अनावश्यक देरी के ऐसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा; और
(ग) ऐसी ज़ब्ती या गिरफ्तारी और उसके विवरण की सूचना केंद्र सरकार को दी जाएगी।
(5) जहां इस अधिनियम के तहत किसी अपराध के निष्पादन के अनुसरण में, किसी विदेशी पोत का भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र की सीमा से परे पीछा किया जाता है, तो इस धारा द्वारा किसी अधिकृत अधिकारी को प्रदत्त शक्तियां ऐसी सीमाओं से परे उन परिस्थितियों में और उस सीमा तक प्रयोग की जा सकती हैं जो अंतरराष्ट्रीय कानून और राज्य प्रथा द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।
(क) भारत के किसी समुद्री क्षेत्र में किसी विदेशी पोत को रोकना या उस पर चढ़ना और मछली तथा मछली पकड़ने के लिए प्रयुक्त या प्रयुक्त किए जा सकने वाले उपकरणों के लिए ऐसे पोत की तलाशी लेना;
(ख) ऐसे पोत के स्वामी से प्रस्तुत करने की अपेक्षा करना--
(i) पोत से संबंधित कोई लाइसेंस, परमिट, लॉग बुक या अन्य दस्तावेज की जांच करना या ऐसे लाइसेंस, परमिट, लॉग बुक या दस्तावेज की प्रतियां लेना;
(ii) ऐसे पोत पर या पोत से संबंधित कोई भी पकड़, जाल, मछली पकड़ने का उपकरण या अन्य उपकरण की जांच करना;
(ग) यह पता लगाने के लिए आवश्यक पूछताछ करना कि क्या इस अधिनियम के तहत कोई अपराध किया गया है।
(2) जहाँ उपधारा (1) में निर्दिष्ट अधिकारी (जिसे इसके बाद अधिकृत अधिकारी कहा जाएगा) को यह विश्वास करने का कारण हो कि किसी विदेशी पोत का उपयोग इस अधिनियम के तहत अपराध करने के लिए किया गया है, किया जा रहा है, या किया जाने वाला है, तो वह वारंट के साथ या बिना वारंट के,--
(क) ऐसे पोत को जब्त और हिरासत में लेना, जिसमें ऐसे पोत पर पाए जाने वाले या पोत से संबंधित कोई भी मछली पकड़ने का उपकरण, मछली पकड़ने का सामान, भंडार या माल शामिल है, और पोत द्वारा छोड़े गए किसी भी मछली पकड़ने के उपकरण को जब्त और हिरासत में लेना;
(ख) जब्त या हिरासत में लिए गए पोत के स्वामी को ऐसे पोत को किसी निर्दिष्ट बंदरगाह पर लाने के लिए कहना;
(ग) किसी ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करना जिसके बारे में अधिकारी को यह मानने का कारण हो कि उसने ऐसा अपराध किया है।
(3) उपधारा (2) के तहत कोई कार्रवाई करते समय, अधिकृत अधिकारी ऐसे बल का प्रयोग कर सकता है जो यथोचित रूप से आवश्यक हो।
(4) जहाँ उपधारा (2) के अंतर्गत कोई पोत या अन्य वस्तु जब्त की गई हो, या किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया हो,
(क) इस प्रकार जब्त किए गए पोत या अन्य वस्तुओं को यथाशीघ्र इस अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध की सुनवाई करने के लिए सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जो इस अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध के अभियोजन हेतु कार्यवाही पूर्ण होने तक ऐसे पोत या वस्तुओं को सरकार या किसी अन्य प्राधिकारी के पास रखने या हिरासत में रखने के लिए, या ऐसी हिरासत या हिरासत के दौरान ऐसे प्राधिकारी द्वारा उनके उपयोग के लिए, मजिस्ट्रेट द्वारा उचित समझे जाने वाले नियमों और शर्तों पर, ऐसा आदेश दे सकता है।
बशर्ते कि मजिस्ट्रेट, ऐसे पोत के स्वामी या कप्तान द्वारा निर्धारित प्रपत्र में किए गए आवेदन पर, पोत या जब्त की गई अन्य वस्तुओं को स्वामी या कप्तान द्वारा जब्त की गई पोत या वस्तुओं के मूल्य के पचास प्रतिशत से कम राशि के बराबर नकद या बैंक गारंटी के रूप में सुरक्षा प्रस्तुत करने पर, मुक्त करने का आदेश दे सकता है।
इसके अलावा, यदि जब्त की गई कोई मछली खराब होने की आशंका हो, तो मजिस्ट्रेट ऐसी मछली की बिक्री और बिक्री से प्राप्त धनराशि को न्यायालय में जमा करने की अनुमति दे सकता है;
(ख) गिरफ्तार व्यक्ति को यथाशीघ्र गिरफ्तारी के कारणों की सूचना दी जाएगी और उसे बिना किसी अनावश्यक देरी के ऐसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा; और
(ग) ऐसी ज़ब्ती या गिरफ्तारी और उसके विवरण की सूचना केंद्र सरकार को दी जाएगी।
(5) जहां इस अधिनियम के तहत किसी अपराध के निष्पादन के अनुसरण में, किसी विदेशी पोत का भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र की सीमा से परे पीछा किया जाता है, तो इस धारा द्वारा किसी अधिकृत अधिकारी को प्रदत्त शक्तियां ऐसी सीमाओं से परे उन परिस्थितियों में और उस सीमा तक प्रयोग की जा सकती हैं जो अंतरराष्ट्रीय कानून और राज्य प्रथा द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।
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