RPD Act 47अध्याय VIII · Duties and Responsibilities of Appropriate Governments
धारा 47 · मानव संसाधन विकास।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) भारतीय पुनर्वास परिषद अधिनियम, 1992 (34 ऑफ 1992) के तहत गठित भारतीय पुनर्वास परिषद के किसी भी कार्य और शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, उपयुक्त सरकार इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए मानव संसाधन विकसित करने का प्रयास करेगी और उस उद्देश्य के लिए,---
(क) पंचायती राज सदस्यों, विधायकों, प्रशासकों, पुलिस अधिकारियों, न्यायाधीशों और वकीलों के प्रशिक्षण के सभी पाठ्यक्रमों में विकलांगता अधिकारों पर प्रशिक्षण अनिवार्य करना;
(ख) विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय के शिक्षकों, चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों, सामाजिक कल्याण अधिकारियों, ग्रामीण विकास अधिकारियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, इंजीनियरों, वास्तुकारों, अन्य पेशेवरों और सामुदायिक कार्यकर्ताओं के लिए सभी शिक्षा पाठ्यक्रमों में विकलांगता को एक घटक के रूप में शामिल करना;
(ग) परिवारों, समुदाय के सदस्यों और अन्य हितधारकों तथा देखभाल प्रदाताओं के लिए देखभाल और सहायता पर स्वतंत्र जीवन यापन और सामुदायिक संबंधों में प्रशिक्षण सहित क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू करना;
(घ) पारस्परिक योगदान और सम्मान पर आधारित सामुदायिक संबंध बनाने के लिए विकलांग व्यक्तियों के लिए स्वतंत्रता प्रशिक्षण सुनिश्चित करना;
(ई) खेल, खेलकूद, साहसिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए खेल शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना;
(f) क्षमता विकास के अन्य उपाय, जैसा आवश्यक हो।
(2) सभी विश्वविद्यालय विकलांगता अध्ययन में शिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देंगे, जिसमें ऐसे अध्ययन के लिए अध्ययन केंद्रों की स्थापना भी शामिल है।
(3) उपधारा (1) में बताए गए दायित्व को पूरा करने के लिए, उपयुक्त सरकार प्रत्येक पांच वर्ष में आवश्यकता आधारित विश्लेषण करेगी और इस अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न जिम्मेदारियों को निभाने के लिए उपयुक्त कर्मियों की भर्ती, प्रेरण, संवेदन, अभिविन्यास और प्रशिक्षण के लिए योजनाएँ तैयार करेगी।
(क) पंचायती राज सदस्यों, विधायकों, प्रशासकों, पुलिस अधिकारियों, न्यायाधीशों और वकीलों के प्रशिक्षण के सभी पाठ्यक्रमों में विकलांगता अधिकारों पर प्रशिक्षण अनिवार्य करना;
(ख) विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय के शिक्षकों, चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों, सामाजिक कल्याण अधिकारियों, ग्रामीण विकास अधिकारियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, इंजीनियरों, वास्तुकारों, अन्य पेशेवरों और सामुदायिक कार्यकर्ताओं के लिए सभी शिक्षा पाठ्यक्रमों में विकलांगता को एक घटक के रूप में शामिल करना;
(ग) परिवारों, समुदाय के सदस्यों और अन्य हितधारकों तथा देखभाल प्रदाताओं के लिए देखभाल और सहायता पर स्वतंत्र जीवन यापन और सामुदायिक संबंधों में प्रशिक्षण सहित क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू करना;
(घ) पारस्परिक योगदान और सम्मान पर आधारित सामुदायिक संबंध बनाने के लिए विकलांग व्यक्तियों के लिए स्वतंत्रता प्रशिक्षण सुनिश्चित करना;
(ई) खेल, खेलकूद, साहसिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए खेल शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना;
(f) क्षमता विकास के अन्य उपाय, जैसा आवश्यक हो।
(2) सभी विश्वविद्यालय विकलांगता अध्ययन में शिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देंगे, जिसमें ऐसे अध्ययन के लिए अध्ययन केंद्रों की स्थापना भी शामिल है।
(3) उपधारा (1) में बताए गए दायित्व को पूरा करने के लिए, उपयुक्त सरकार प्रत्येक पांच वर्ष में आवश्यकता आधारित विश्लेषण करेगी और इस अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न जिम्मेदारियों को निभाने के लिए उपयुक्त कर्मियों की भर्ती, प्रेरण, संवेदन, अभिविन्यास और प्रशिक्षण के लिए योजनाएँ तैयार करेगी।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

