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धारा 227. उन्मोचन
227. उन्मोचन यदि मामले के अभिलेख पर और उसके साथ पेश किए गए दस्तावेजों पर विचार करने के पश्चात्, तथा इस निमित्त अभियुक्त के और अभियोजन के निवेदन सुनने के पश्चात्, न्यायाधीश यह समझता है कि अभियुक्त के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है, तो वह अभियुक्त को उन्मोचित कर देगा और ऐसा करने के अपने कारण…
पूरा पढ़ेंस्राव होना।
(1) अभियुक्त धारा 232 के तहत मामले की सुनवाई की तिथि से साठ दिनों की अवधि के भीतर बरी होने के लिए आवेदन कर सकता है। (2) यदि मामले के अभिलेख और उसके साथ प्रस्तुत दस्तावेजों पर विचार करने के बाद, और इस संबंध में अभियुक्त और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद, न्यायाधीश को लगता है कि अभियुक्त के विरुद्ध कार्यवाही करने…
पूरा पढ़ेंधारा 250. युक्तियुक्त कारण के बिना अभियोग लगाने के लिए प्रतिकर
250. युक्तियुक्त कारण के बिना अभियोग लगाने के लिए प्रतिकर (1) यदि परिवाद पर, या पुलिस अधिकारी को या मजिस्ट्रेट को दी गई इत्तिला पर, संस्थित किसी मामले में एक या अधिक व्यक्ति मजिस्ट्रेट के समक्ष ऐसे किसी अपराध के अभियुक्त हैं, जो मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है, और वह मजिस्ट्रेट, जिसके द्वारा मामला सुना जाता है, सभी…
पूरा पढ़ेंबिना उचित कारण के आरोप लगाने पर मुआवजा।
(1) यदि किसी शिकायत या पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को दी गई सूचना के आधार पर किसी मामले में, एक या एक से अधिक व्यक्ति मजिस्ट्रेट के समक्ष किसी ऐसे अपराध के लिए आरोपित हैं, जिस पर मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है, और जिस मजिस्ट्रेट द्वारा मामले की सुनवाई की जाती है वह सभी या किसी भी आरोपी को बरी कर देता है, और मजिस्ट्रेट…
पूरा पढ़ें- CRPC §227BNSS §250
धारा 227. उन्मोचन
स्राव होना।
- CRPC §250BNSS §273
धारा 250. युक्तियुक्त कारण के बिना अभियोग लगाने के लिए प्रतिकर
बिना उचित कारण के आरोप लगाने पर मुआवजा।

