CC Act 12अध्याय III · Specified Value
धारा 12 · निर्दिष्ट मूल्य का निर्धारण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी मुकदमे, अपील या आवेदन में वाणिज्यिक विवाद के विषय-वस्तु का निर्दिष्ट मूल्य निम्नलिखित तरीके से निर्धारित किया जाएगा:---
(क) जहां किसी मुकदमे या आवेदन में मांगी गई राहत धन की वसूली के लिए हो, तो मुकदमे या आवेदन में वसूली के लिए मांगी गई धनराशि, जिसमें मुकदमे या आवेदन दाखिल करने की तिथि तक गणना किया गया ब्याज (यदि कोई हो) शामिल है, निर्दिष्ट मूल्य निर्धारित करने के लिए ध्यान में रखी जाएगी;
(ख) जहां किसी मुकदमे, अपील या आवेदन में मांगी गई राहत चल संपत्ति या उसमें किसी अधिकार से संबंधित हो, तो ऐसे निर्दिष्ट मूल्य का निर्धारण करने के लिए मुकदमे, अपील या आवेदन दाखिल करने की तिथि पर चल संपत्ति के बाजार मूल्य को ध्यान में रखा जाएगा;
(ग) जहां किसी वाद, अपील या आवेदन में मांगी गई राहत अचल संपत्ति या उसमें किसी अधिकार से संबंधित हो, तो वाद, अपील या आवेदन दाखिल करने की तिथि पर अचल संपत्ति का बाजार मूल्य, जैसा भी मामला हो, निर्दिष्ट मूल्य निर्धारित करने के लिए ध्यान में रखा जाएगा; 1 [और]
(घ) जहां किसी मुकदमे, अपील या आवेदन में मांगी गई राहत किसी अन्य अमूर्त अधिकार से संबंधित हो, वहां निर्दिष्ट मूल्य निर्धारित करने के लिए वादी द्वारा अनुमानित उक्त अधिकारों के बाजार मूल्य को ध्यान में रखा जाएगा; 2 ***
3 * * * * *
(2) किसी वाणिज्यिक विवाद के मध्यस्थता में दावे और प्रतिदावे के विवरण में उल्लिखित दावे और प्रतिदावे का कुल मूल्य, यदि कोई हो, यह निर्धारित करने का आधार होगा कि ऐसी मध्यस्थता वाणिज्यिक प्रभाग, वाणिज्यिक अपीलीय प्रभाग या वाणिज्यिक न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के अधीन है या नहीं।
(3) वाणिज्यिक प्रभाग या वाणिज्यिक न्यायालय के उस आदेश के विरुद्ध, जिसमें यह पाया गया हो कि उसे इस अधिनियम के अंतर्गत वाणिज्यिक विवाद की सुनवाई करने का अधिकार है, सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) की धारा 115 के अंतर्गत कोई अपील या दीवानी पुनरीक्षण आवेदन नहीं किया जाएगा।
(क) जहां किसी मुकदमे या आवेदन में मांगी गई राहत धन की वसूली के लिए हो, तो मुकदमे या आवेदन में वसूली के लिए मांगी गई धनराशि, जिसमें मुकदमे या आवेदन दाखिल करने की तिथि तक गणना किया गया ब्याज (यदि कोई हो) शामिल है, निर्दिष्ट मूल्य निर्धारित करने के लिए ध्यान में रखी जाएगी;
(ख) जहां किसी मुकदमे, अपील या आवेदन में मांगी गई राहत चल संपत्ति या उसमें किसी अधिकार से संबंधित हो, तो ऐसे निर्दिष्ट मूल्य का निर्धारण करने के लिए मुकदमे, अपील या आवेदन दाखिल करने की तिथि पर चल संपत्ति के बाजार मूल्य को ध्यान में रखा जाएगा;
(ग) जहां किसी वाद, अपील या आवेदन में मांगी गई राहत अचल संपत्ति या उसमें किसी अधिकार से संबंधित हो, तो वाद, अपील या आवेदन दाखिल करने की तिथि पर अचल संपत्ति का बाजार मूल्य, जैसा भी मामला हो, निर्दिष्ट मूल्य निर्धारित करने के लिए ध्यान में रखा जाएगा; 1 [और]
(घ) जहां किसी मुकदमे, अपील या आवेदन में मांगी गई राहत किसी अन्य अमूर्त अधिकार से संबंधित हो, वहां निर्दिष्ट मूल्य निर्धारित करने के लिए वादी द्वारा अनुमानित उक्त अधिकारों के बाजार मूल्य को ध्यान में रखा जाएगा; 2 ***
3 * * * * *
(2) किसी वाणिज्यिक विवाद के मध्यस्थता में दावे और प्रतिदावे के विवरण में उल्लिखित दावे और प्रतिदावे का कुल मूल्य, यदि कोई हो, यह निर्धारित करने का आधार होगा कि ऐसी मध्यस्थता वाणिज्यिक प्रभाग, वाणिज्यिक अपीलीय प्रभाग या वाणिज्यिक न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के अधीन है या नहीं।
(3) वाणिज्यिक प्रभाग या वाणिज्यिक न्यायालय के उस आदेश के विरुद्ध, जिसमें यह पाया गया हो कि उसे इस अधिनियम के अंतर्गत वाणिज्यिक विवाद की सुनवाई करने का अधिकार है, सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) की धारा 115 के अंतर्गत कोई अपील या दीवानी पुनरीक्षण आवेदन नहीं किया जाएगा।
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