NGT Act 5अध्याय II · Establishment of the Tribunal
धारा 5 · अध्यक्ष, न्यायिक सदस्य और विशेषज्ञ सदस्य की नियुक्ति के लिए योग्यताएं।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई व्यक्ति न्यायाधिकरण के अध्यक्ष या न्यायिक सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए तब तक योग्य नहीं होगा जब तक कि वह भारत के सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश या उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश न हो या रह चुका हो:
बशर्ते कि जो व्यक्ति उच्च न्यायालय का न्यायाधीश है या रह चुका है, वह भी न्यायिक सदस्य के रूप में नियुक्त होने के लिए योग्य होगा।
(2) कोई व्यक्ति विशेषज्ञ सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए तब तक योग्य नहीं होगा, जब तक कि वह,--
(क) जिसके पास विज्ञान में स्नातकोत्तर (भौतिक विज्ञान या जीव विज्ञान में) की डिग्री के साथ डॉक्टरेट की डिग्री या इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर या प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर की डिग्री हो और संबंधित क्षेत्र में पंद्रह वर्ष का अनुभव हो, जिसमें किसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में पर्यावरण और वनों के क्षेत्र में पांच वर्ष का व्यावहारिक अनुभव शामिल हो (जिसमें प्रदूषण नियंत्रण, खतरनाक पदार्थ प्रबंधन, पर्यावरण प्रभाव आकलन, जलवायु परिवर्तन प्रबंधन, जैविक विविधता प्रबंधन और वन संरक्षण शामिल हैं); या
(ख) उसे पंद्रह वर्ष का प्रशासनिक अनुभव हो, जिसमें केंद्र या राज्य सरकार या किसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय संस्था में पर्यावरण संबंधी मामलों से निपटने का पांच वर्ष का अनुभव शामिल हो।
(3) न्यायाधिकरण के अध्यक्ष, न्यायिक सदस्य और विशेषज्ञ सदस्य अपने कार्यकाल के दौरान कोई अन्य पद धारण नहीं करेंगे।
(4) अध्यक्ष और अन्य न्यायिक एवं विशेषज्ञ सदस्य, अपने पद से हटने की तिथि से दो वर्ष की अवधि तक, किसी ऐसे व्यक्ति के प्रबंधन या प्रशासन से संबंधित कोई रोजगार स्वीकार नहीं करेंगे, जो इस अधिनियम के अंतर्गत न्यायाधिकरण के समक्ष किसी कार्यवाही में पक्षकार रहा हो।
बशर्ते कि इस धारा में निहित कोई भी बात केंद्र सरकार या राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण या किसी वैधानिक प्राधिकरण या किसी केंद्रीय, राज्य या प्रांतीय अधिनियम द्वारा या उसके तहत स्थापित किसी निगम या कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) की धारा 617 में परिभाषित किसी सरकारी कंपनी के अधीन किसी रोजगार पर लागू नहीं होगी।
बशर्ते कि जो व्यक्ति उच्च न्यायालय का न्यायाधीश है या रह चुका है, वह भी न्यायिक सदस्य के रूप में नियुक्त होने के लिए योग्य होगा।
(2) कोई व्यक्ति विशेषज्ञ सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए तब तक योग्य नहीं होगा, जब तक कि वह,--
(क) जिसके पास विज्ञान में स्नातकोत्तर (भौतिक विज्ञान या जीव विज्ञान में) की डिग्री के साथ डॉक्टरेट की डिग्री या इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर या प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर की डिग्री हो और संबंधित क्षेत्र में पंद्रह वर्ष का अनुभव हो, जिसमें किसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में पर्यावरण और वनों के क्षेत्र में पांच वर्ष का व्यावहारिक अनुभव शामिल हो (जिसमें प्रदूषण नियंत्रण, खतरनाक पदार्थ प्रबंधन, पर्यावरण प्रभाव आकलन, जलवायु परिवर्तन प्रबंधन, जैविक विविधता प्रबंधन और वन संरक्षण शामिल हैं); या
(ख) उसे पंद्रह वर्ष का प्रशासनिक अनुभव हो, जिसमें केंद्र या राज्य सरकार या किसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय संस्था में पर्यावरण संबंधी मामलों से निपटने का पांच वर्ष का अनुभव शामिल हो।
(3) न्यायाधिकरण के अध्यक्ष, न्यायिक सदस्य और विशेषज्ञ सदस्य अपने कार्यकाल के दौरान कोई अन्य पद धारण नहीं करेंगे।
(4) अध्यक्ष और अन्य न्यायिक एवं विशेषज्ञ सदस्य, अपने पद से हटने की तिथि से दो वर्ष की अवधि तक, किसी ऐसे व्यक्ति के प्रबंधन या प्रशासन से संबंधित कोई रोजगार स्वीकार नहीं करेंगे, जो इस अधिनियम के अंतर्गत न्यायाधिकरण के समक्ष किसी कार्यवाही में पक्षकार रहा हो।
बशर्ते कि इस धारा में निहित कोई भी बात केंद्र सरकार या राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण या किसी वैधानिक प्राधिकरण या किसी केंद्रीय, राज्य या प्रांतीय अधिनियम द्वारा या उसके तहत स्थापित किसी निगम या कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) की धारा 617 में परिभाषित किसी सरकारी कंपनी के अधीन किसी रोजगार पर लागू नहीं होगी।
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