अपराध जाँचक
कोई धारा चुनिए — जमानतीय है या नहीं, संज्ञेय है या नहीं, कौन-सा न्यायालय।
- प्रकाशित
- 8522
- जमानतीय
- 6196
- अजमानतीय
- 1830
- संज्ञेय
- 2552
- अधिनियम
- 3166
9 परिणाम
यह सूची CSV में डाउनलोड करें- 135बिजली की चोरी।विद्युत अधि. · 5 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयप्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- 136बिजली की लाइनों और सामग्रियों की चोरी।विद्युत अधि. · 5 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयप्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- 137चोरी की संपत्ति प्राप्त करने पर दंड।विद्युत अधि. · 3 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयप्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- 138लाइसेंसधारी के मीटरों या कार्यों में हस्तक्षेप करना।विद्युत अधि. · 3 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयप्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- 150उकसाना।विद्युत अधि. · 3 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयप्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- 146आदेशों या निर्देशों का पालन न करने पर दंड।विद्युत अधि. · 3 माहजमानतीयअसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
- 139लापरवाही से निर्माण कार्यों को तोड़ना या नुकसान पहुंचाना।विद्युत अधि. · जुर्माना ₹10,000अजमानतीयसंज्ञेयविशेष न्यायालय
- 140जानबूझकर कलाकृतियों को नुकसान पहुंचाने पर दंड।विद्युत अधि. · जुर्माना ₹10,000अजमानतीयसंज्ञेयविशेष न्यायालय
- 141सार्वजनिक लैंप बुझाना।विद्युत अधि. · जुर्माना ₹2,000जमानतीयअसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
कौन-सी संहिता लागू होगी?
प्रक्रिया: 1 जुलाई 2024 को या उसके बाद दर्ज हर मामले पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता लागू है; उस दिन पहले से लंबित अन्वेषण, जाँच या विचारण दंड प्रक्रिया संहिता के अधीन चलता रहता है (भा.ना.सु.सं. धारा 531(2)(क))। अपराध: 1 जुलाई 2024 को या उसके बाद किया गया कृत्य भारतीय न्याय संहिता के अधीन, उससे पहले का भारतीय दंड संहिता के अधीन।

