Electricity Act 135अध्याय XIV · Offences and Penalties
धारा 135 · बिजली की चोरी।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
26 [(1) जो कोई बेईमानी से,--
(क) लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता की ओवरहेड, भूमिगत या पानी के नीचे की लाइनों या केबलों, या सेवा तारों, या सेवा सुविधाओं से कोई कनेक्शन करता है, बनाता है या करवाता है; या
(ख) मीटर से छेड़छाड़ करता है, छेड़छाड़ किए गए मीटर, करंट रिवर्सिंग ट्रांसफार्मर, लूप कनेक्शन या किसी अन्य उपकरण या विधि को स्थापित करता है या उपयोग करता है जो विद्युत धारा के सटीक या उचित पंजीकरण, अंशांकन या मापन में बाधा उत्पन्न करता है या अन्यथा इस प्रकार से बिजली की चोरी या बर्बादी का कारण बनता है; या
(ग) किसी विद्युत मीटर, उपकरण, साज-सामान या तार को क्षतिग्रस्त या नष्ट करता है, या उनमें से किसी को इस प्रकार क्षतिग्रस्त या नष्ट होने देता है जिससे बिजली की उचित या सटीक मीटरिंग में बाधा उत्पन्न हो; या
(घ) छेड़छाड़ किए गए मीटर के माध्यम से बिजली का उपयोग करता है; या
(ई) बिजली का उपयोग उस उद्देश्य के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए करता है जिसके लिए बिजली के उपयोग को अधिकृत किया गया था।
बिजली की चोरी, उपभोग या उपयोग करने का प्रयास तीन वर्ष तक के कारावास या जुर्माने या दोनों से दंडनीय होगा।
बशर्ते कि ऐसे मामले में जहां भार को निकाला गया हो, उपभोग किया गया हो, या उपयोग किया गया हो, या निकालने का प्रयास किया गया हो, या उपभोग का प्रयास किया गया हो, या उपयोग का प्रयास किया गया हो—
(i) यदि बिजली की चोरी 10 किलोवाट से अधिक नहीं है, तो पहली बार दोषी पाए जाने पर लगाया गया जुर्माना बिजली की चोरी से प्राप्त वित्तीय लाभ के तीन गुना से कम नहीं होगा और दूसरी या उसके बाद की बार दोषी पाए जाने पर लगाया गया जुर्माना बिजली की चोरी से प्राप्त वित्तीय लाभ के छह गुना से कम नहीं होगा;
(ii) यदि बिजली की चोरी 10 किलोवाट से अधिक होती है, तो पहली बार दोषी पाए जाने पर लगाया गया जुर्माना बिजली की चोरी से प्राप्त वित्तीय लाभ के तीन गुना से कम नहीं होगा और दूसरी या उसके बाद की बार दोषी पाए जाने पर, सजा कम से कम छह महीने की कैद होगी, जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है और बिजली की चोरी से प्राप्त वित्तीय लाभ के छह गुना से कम का जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।
इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति को दूसरी या उसके बाद की बार दोषी ठहराया जाता है और उसके द्वारा निकाली गई, उपभोग की गई या उपयोग की गई या निकालने का प्रयास की गई या उपभोग का प्रयास की गई या उपयोग का प्रयास की गई बिजली की मात्रा 10 किलोवाट से अधिक है, तो ऐसे व्यक्ति को कम से कम तीन महीने से लेकर दो साल तक की अवधि के लिए बिजली की आपूर्ति प्राप्त करने से वंचित कर दिया जाएगा और उस अवधि के लिए उसे किसी अन्य स्रोत या उत्पादन केंद्र से भी बिजली की आपूर्ति प्राप्त करने से वंचित कर दिया जाएगा।
इसके अलावा, यदि यह सिद्ध हो जाता है कि उपभोक्ता द्वारा बिजली की निकासी, उपभोग या उपयोग के लिए कोई कृत्रिम साधन या बोर्ड या लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता द्वारा अधिकृत न किए गए साधन मौजूद हैं, तो जब तक इसके विपरीत सिद्ध न हो जाए, यह माना जाएगा कि बिजली की निकासी, उपभोग या उपयोग ऐसे उपभोक्ता द्वारा बेईमानी से किया गया है।
(1ए) इस अधिनियम के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता, जैसा भी मामला हो, बिजली की ऐसी चोरी का पता चलने पर बिजली की आपूर्ति तुरंत काट सकता है:
बशर्ते कि लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता का केवल ऐसा अधिकारी, जिसे उपयुक्त आयोग द्वारा इस प्रयोजन के लिए अधिकृत किया गया हो, या लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता का कोई अन्य अधिकारी, जैसा भी मामला हो, जो इस प्रकार अधिकृत पद से उच्चतर पद का हो, विद्युत आपूर्ति लाइन को काट सकता है।
इसके अलावा, लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता का ऐसा अधिकारी, जैसा भी मामला हो, ऐसे अपराध के घटित होने से संबंधित शिकायत, ऐसे विच्छेदन के समय से चौबीस घंटे के भीतर अधिकार क्षेत्र वाले पुलिस स्टेशन में दर्ज कराएगा।
इसके अलावा, लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता, जैसा भी मामला हो, इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित राशि या बिजली शुल्क जमा करने या भुगतान करने पर, इस खंड के दूसरे परंतुक में उल्लिखित शिकायत दर्ज करने के दायित्व पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे जमा या भुगतान के अड़तालीस घंटे के भीतर बिजली की आपूर्ति लाइन बहाल कर देगा।
(2) 2 [लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता का कोई अधिकारी, जैसा भी मामला हो, जिसे राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में अधिकृत किया गया हो]
(क) किसी भी स्थान या परिसर में प्रवेश करना, निरीक्षण करना, तोड़कर खोलना और तलाशी लेना, जिसके बारे में उसे यह विश्वास करने का कारण हो कि बिजली का उपयोग अनधिकृत रूप से किया गया है या किया जा रहा है;
(ख) ऐसे सभी उपकरणों, यंत्रों, तारों और किसी भी अन्य सहायक वस्तु या वस्तु की तलाशी लेना, जब्त करना और हटाना जो बिजली के अनधिकृत उपयोग के लिए इस्तेमाल किया गया है या किया जा रहा है;
(ग) किसी भी लेखा-पुस्तकों या दस्तावेजों की जांच या उन्हें जब्त कर सकता है जो उसकी राय में उप-धारा (1) के तहत अपराध के संबंध में किसी भी कार्यवाही के लिए उपयोगी या प्रासंगिक हों, और उस व्यक्ति को, जिसकी हिरासत से ऐसी लेखा-पुस्तकों या दस्तावेजों को जब्त किया गया है, उसकी उपस्थिति में उनकी प्रतियां बनाने या उनमें से उद्धरण लेने की अनुमति दे सकता है।
(3) तलाशी स्थल का अधिवासी या उसकी ओर से कोई व्यक्ति तलाशी के दौरान उपस्थित रहेगा और ऐसी तलाशी के दौरान जब्त की गई सभी वस्तुओं की एक सूची तैयार की जाएगी और ऐसे अधिवासी या व्यक्ति को सौंपी जाएगी, जिस पर वह हस्ताक्षर करेगा।
बशर्ते कि सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच किसी भी घरेलू स्थान या घरेलू परिसर का निरीक्षण, तलाशी और ज़ब्ती तब तक नहीं की जाएगी जब तक कि ऐसे परिसर में रहने वाला कोई वयस्क पुरुष सदस्य उपस्थित न हो।
(4) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के तलाशी एवं जब्ती से संबंधित प्रावधान, जहां तक संभव हो, इस अधिनियम के तहत तलाशी एवं जब्ती पर लागू होंगे।
(क) लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता की ओवरहेड, भूमिगत या पानी के नीचे की लाइनों या केबलों, या सेवा तारों, या सेवा सुविधाओं से कोई कनेक्शन करता है, बनाता है या करवाता है; या
(ख) मीटर से छेड़छाड़ करता है, छेड़छाड़ किए गए मीटर, करंट रिवर्सिंग ट्रांसफार्मर, लूप कनेक्शन या किसी अन्य उपकरण या विधि को स्थापित करता है या उपयोग करता है जो विद्युत धारा के सटीक या उचित पंजीकरण, अंशांकन या मापन में बाधा उत्पन्न करता है या अन्यथा इस प्रकार से बिजली की चोरी या बर्बादी का कारण बनता है; या
(ग) किसी विद्युत मीटर, उपकरण, साज-सामान या तार को क्षतिग्रस्त या नष्ट करता है, या उनमें से किसी को इस प्रकार क्षतिग्रस्त या नष्ट होने देता है जिससे बिजली की उचित या सटीक मीटरिंग में बाधा उत्पन्न हो; या
(घ) छेड़छाड़ किए गए मीटर के माध्यम से बिजली का उपयोग करता है; या
(ई) बिजली का उपयोग उस उद्देश्य के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए करता है जिसके लिए बिजली के उपयोग को अधिकृत किया गया था।
बिजली की चोरी, उपभोग या उपयोग करने का प्रयास तीन वर्ष तक के कारावास या जुर्माने या दोनों से दंडनीय होगा।
बशर्ते कि ऐसे मामले में जहां भार को निकाला गया हो, उपभोग किया गया हो, या उपयोग किया गया हो, या निकालने का प्रयास किया गया हो, या उपभोग का प्रयास किया गया हो, या उपयोग का प्रयास किया गया हो—
(i) यदि बिजली की चोरी 10 किलोवाट से अधिक नहीं है, तो पहली बार दोषी पाए जाने पर लगाया गया जुर्माना बिजली की चोरी से प्राप्त वित्तीय लाभ के तीन गुना से कम नहीं होगा और दूसरी या उसके बाद की बार दोषी पाए जाने पर लगाया गया जुर्माना बिजली की चोरी से प्राप्त वित्तीय लाभ के छह गुना से कम नहीं होगा;
(ii) यदि बिजली की चोरी 10 किलोवाट से अधिक होती है, तो पहली बार दोषी पाए जाने पर लगाया गया जुर्माना बिजली की चोरी से प्राप्त वित्तीय लाभ के तीन गुना से कम नहीं होगा और दूसरी या उसके बाद की बार दोषी पाए जाने पर, सजा कम से कम छह महीने की कैद होगी, जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है और बिजली की चोरी से प्राप्त वित्तीय लाभ के छह गुना से कम का जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।
इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति को दूसरी या उसके बाद की बार दोषी ठहराया जाता है और उसके द्वारा निकाली गई, उपभोग की गई या उपयोग की गई या निकालने का प्रयास की गई या उपभोग का प्रयास की गई या उपयोग का प्रयास की गई बिजली की मात्रा 10 किलोवाट से अधिक है, तो ऐसे व्यक्ति को कम से कम तीन महीने से लेकर दो साल तक की अवधि के लिए बिजली की आपूर्ति प्राप्त करने से वंचित कर दिया जाएगा और उस अवधि के लिए उसे किसी अन्य स्रोत या उत्पादन केंद्र से भी बिजली की आपूर्ति प्राप्त करने से वंचित कर दिया जाएगा।
इसके अलावा, यदि यह सिद्ध हो जाता है कि उपभोक्ता द्वारा बिजली की निकासी, उपभोग या उपयोग के लिए कोई कृत्रिम साधन या बोर्ड या लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता द्वारा अधिकृत न किए गए साधन मौजूद हैं, तो जब तक इसके विपरीत सिद्ध न हो जाए, यह माना जाएगा कि बिजली की निकासी, उपभोग या उपयोग ऐसे उपभोक्ता द्वारा बेईमानी से किया गया है।
(1ए) इस अधिनियम के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता, जैसा भी मामला हो, बिजली की ऐसी चोरी का पता चलने पर बिजली की आपूर्ति तुरंत काट सकता है:
बशर्ते कि लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता का केवल ऐसा अधिकारी, जिसे उपयुक्त आयोग द्वारा इस प्रयोजन के लिए अधिकृत किया गया हो, या लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता का कोई अन्य अधिकारी, जैसा भी मामला हो, जो इस प्रकार अधिकृत पद से उच्चतर पद का हो, विद्युत आपूर्ति लाइन को काट सकता है।
इसके अलावा, लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता का ऐसा अधिकारी, जैसा भी मामला हो, ऐसे अपराध के घटित होने से संबंधित शिकायत, ऐसे विच्छेदन के समय से चौबीस घंटे के भीतर अधिकार क्षेत्र वाले पुलिस स्टेशन में दर्ज कराएगा।
इसके अलावा, लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता, जैसा भी मामला हो, इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित राशि या बिजली शुल्क जमा करने या भुगतान करने पर, इस खंड के दूसरे परंतुक में उल्लिखित शिकायत दर्ज करने के दायित्व पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे जमा या भुगतान के अड़तालीस घंटे के भीतर बिजली की आपूर्ति लाइन बहाल कर देगा।
(2) 2 [लाइसेंसधारी या आपूर्तिकर्ता का कोई अधिकारी, जैसा भी मामला हो, जिसे राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में अधिकृत किया गया हो]
(क) किसी भी स्थान या परिसर में प्रवेश करना, निरीक्षण करना, तोड़कर खोलना और तलाशी लेना, जिसके बारे में उसे यह विश्वास करने का कारण हो कि बिजली का उपयोग अनधिकृत रूप से किया गया है या किया जा रहा है;
(ख) ऐसे सभी उपकरणों, यंत्रों, तारों और किसी भी अन्य सहायक वस्तु या वस्तु की तलाशी लेना, जब्त करना और हटाना जो बिजली के अनधिकृत उपयोग के लिए इस्तेमाल किया गया है या किया जा रहा है;
(ग) किसी भी लेखा-पुस्तकों या दस्तावेजों की जांच या उन्हें जब्त कर सकता है जो उसकी राय में उप-धारा (1) के तहत अपराध के संबंध में किसी भी कार्यवाही के लिए उपयोगी या प्रासंगिक हों, और उस व्यक्ति को, जिसकी हिरासत से ऐसी लेखा-पुस्तकों या दस्तावेजों को जब्त किया गया है, उसकी उपस्थिति में उनकी प्रतियां बनाने या उनमें से उद्धरण लेने की अनुमति दे सकता है।
(3) तलाशी स्थल का अधिवासी या उसकी ओर से कोई व्यक्ति तलाशी के दौरान उपस्थित रहेगा और ऐसी तलाशी के दौरान जब्त की गई सभी वस्तुओं की एक सूची तैयार की जाएगी और ऐसे अधिवासी या व्यक्ति को सौंपी जाएगी, जिस पर वह हस्ताक्षर करेगा।
बशर्ते कि सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच किसी भी घरेलू स्थान या घरेलू परिसर का निरीक्षण, तलाशी और ज़ब्ती तब तक नहीं की जाएगी जब तक कि ऐसे परिसर में रहने वाला कोई वयस्क पुरुष सदस्य उपस्थित न हो।
(4) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के तलाशी एवं जब्ती से संबंधित प्रावधान, जहां तक संभव हो, इस अधिनियम के तहत तलाशी एवं जब्ती पर लागू होंगे।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 5 वर्ष
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 3 माह
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

