IPC 505अध्याय XXII · Or Criminal Intimidation, Insultand Annoyanceअब BNS 353

धारा 505 · धारा 505 - लोक रिष्टिकारक वक्तव्य

अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से

अपराध एक नज़र में

अधिकतम दंड
5 वर्ष
जुर्माना
जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
जमानतीय
अजमानतीय
समझौता योग्य
समझौता योग्य नहीं
विचारण न्यायालय
कोई भी मजिस्ट्रेट
  • अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है

इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।

प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से

नए कानून में

IPC 505BNS 353

353. Statements conducing to public mischief.

दोनों पाठों की तुलना करें →

इस धारा पर आपका निजी नोट

यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

इस धारा में हुए बदलाव

कौन-सा कानून लागू होगा, यह अपराध की तारीख से तय होता है — इसलिए यह समयरेखा मायने रखती है।

  1. 1898प्रतिस्थापित

    किस उपबंध से: Act 4 of 1898

    By 3.

  2. 1927प्रतिस्थापित

    किस उपबंध से: Act 10 of 1927

    पहले यह पाठ था

    or sailor

  3. 1950प्रतिस्थापित

    किस उपबंध से: the A. O. 1950

    पहले यह पाठ था

    of Her Majesty or in the Imperial Service Troops

  4. 1961प्रतिस्थापित

    किस उपबंध से: Act 41 of 1961

    पहले यह पाठ था

    two years

  5. 1969जोड़ा गया

    किस उपबंध से: Act 35 of 1969

अपराध की तारीख पर जो पाठ लागू था, वही लागू होगा — बाद का संशोधन पिछले अपराध पर लागू नहीं होता।