PMLA 59अध्याय IX · Reciprocal Arrangement for Assistance in Certain Matters and Procedure for Attachment and Confiscation of Property
धारा 59 · अभियुक्त व्यक्तियों के स्थानांतरण की प्रक्रियाओं और सहायता के लिए पारस्परिक व्यवस्थाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जहां कोई विशेष न्यायालय, धारा 4 के तहत दंडनीय अपराध के संबंध में, यह इच्छा रखता है कि--
(क) किसी आरोपी व्यक्ति को समन, या
(ख) किसी आरोपी व्यक्ति की गिरफ्तारी का वारंट, या
(ग) किसी व्यक्ति को समन जारी करना जिसमें उसे उपस्थित होने और कोई दस्तावेज या अन्य वस्तु प्रस्तुत करने या उसे प्रस्तुत करने के लिए कहा गया हो, या
(घ) तलाशी वारंट,
इसके द्वारा जारी किया गया कोई भी समन या वारंट किसी भी संविदाकारी राज्य में किसी भी स्थान पर तामील या निष्पादित किया जाएगा, तो यह ऐसे समन या वारंट की दो प्रतियां ऐसे प्रपत्र में, ऐसे न्यायालय, न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट को ऐसे अधिकारियों के माध्यम से भेजेगा, जैसा कि केंद्र सरकार इस संबंध में अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है, और वह न्यायालय, न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट, जैसा भी मामला हो, उसे निष्पादित करवाएगा।
(2) जहाँ किसी विशेष न्यायालय ने धारा 4 के तहत दंडनीय अपराध के संबंध में तामील या निष्पादन हेतु कोई नोटिस प्राप्त किया हो—
(क) किसी आरोपी व्यक्ति को समन, या
(ख) किसी आरोपी व्यक्ति की गिरफ्तारी का वारंट, या
(ग) किसी व्यक्ति को समन जारी करना जिसमें उसे उपस्थित होने और कोई दस्तावेज या अन्य वस्तु प्रस्तुत करने के लिए कहा गया हो, या उसे प्रस्तुत करने के लिए कहा गया हो, या
(घ) तलाशी वारंट,
यदि किसी संविदाकारी राज्य के न्यायालय, न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किया गया हो, तो वह उसे इस प्रकार तामील या निष्पादित करवाएगा मानो वह उक्त क्षेत्र के किसी अन्य न्यायालय से उसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र में तामील या निष्पादन के लिए प्राप्त किया गया सम्मन या वारंट हो; और जहाँ--
(i) यदि गिरफ्तारी वारंट निष्पादित किया गया है, तो गिरफ्तार व्यक्ति के साथ धारा 19 के तहत निर्दिष्ट प्रक्रिया के अनुसार व्यवहार किया जाएगा;
(ii) यदि तलाशी वारंट निष्पादित किया गया है, तो इस तलाशी में पाई गई वस्तुओं को यथासंभव धारा 17 और 18 के तहत निर्दिष्ट प्रक्रिया के अनुसार निपटाया जाएगा:
बशर्ते कि यदि किसी संविदाकारी राज्य से प्राप्त समन या तलाशी वारंट को निष्पादित किया गया हो, तो तलाशी में प्राप्त दस्तावेज या अन्य वस्तुएं या पाई गई वस्तुएं, समन या तलाशी वारंट जारी करने वाले न्यायालय को ऐसे प्राधिकारी के माध्यम से भेजी जाएंगी, जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट कर सकती है।
(3) जहां उपधारा (2) के अनुसार किसी संविदाकारी राज्य में स्थानांतरित किया गया व्यक्ति भारत में कैदी है, तो विशेष न्यायालय या केंद्र सरकार ऐसी शर्तें लगा सकती है जो न्यायालय या सरकार उचित समझे।
(4) जहां उपधारा (1) के अनुसार भारत में स्थानांतरित किया गया व्यक्ति किसी संविदाकारी राज्य में कैदी है, तो भारत में विशेष न्यायालय यह सुनिश्चित करेगा कि जिन शर्तों के अधीन कैदी को भारत में स्थानांतरित किया गया है, उनका अनुपालन किया जाए और ऐसे कैदी को ऐसी हिरासत में रखा जाएगा, जो केंद्र सरकार द्वारा लिखित रूप में निर्देशित शर्तों के अधीन हो।
(क) किसी आरोपी व्यक्ति को समन, या
(ख) किसी आरोपी व्यक्ति की गिरफ्तारी का वारंट, या
(ग) किसी व्यक्ति को समन जारी करना जिसमें उसे उपस्थित होने और कोई दस्तावेज या अन्य वस्तु प्रस्तुत करने या उसे प्रस्तुत करने के लिए कहा गया हो, या
(घ) तलाशी वारंट,
इसके द्वारा जारी किया गया कोई भी समन या वारंट किसी भी संविदाकारी राज्य में किसी भी स्थान पर तामील या निष्पादित किया जाएगा, तो यह ऐसे समन या वारंट की दो प्रतियां ऐसे प्रपत्र में, ऐसे न्यायालय, न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट को ऐसे अधिकारियों के माध्यम से भेजेगा, जैसा कि केंद्र सरकार इस संबंध में अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है, और वह न्यायालय, न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट, जैसा भी मामला हो, उसे निष्पादित करवाएगा।
(2) जहाँ किसी विशेष न्यायालय ने धारा 4 के तहत दंडनीय अपराध के संबंध में तामील या निष्पादन हेतु कोई नोटिस प्राप्त किया हो—
(क) किसी आरोपी व्यक्ति को समन, या
(ख) किसी आरोपी व्यक्ति की गिरफ्तारी का वारंट, या
(ग) किसी व्यक्ति को समन जारी करना जिसमें उसे उपस्थित होने और कोई दस्तावेज या अन्य वस्तु प्रस्तुत करने के लिए कहा गया हो, या उसे प्रस्तुत करने के लिए कहा गया हो, या
(घ) तलाशी वारंट,
यदि किसी संविदाकारी राज्य के न्यायालय, न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किया गया हो, तो वह उसे इस प्रकार तामील या निष्पादित करवाएगा मानो वह उक्त क्षेत्र के किसी अन्य न्यायालय से उसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र में तामील या निष्पादन के लिए प्राप्त किया गया सम्मन या वारंट हो; और जहाँ--
(i) यदि गिरफ्तारी वारंट निष्पादित किया गया है, तो गिरफ्तार व्यक्ति के साथ धारा 19 के तहत निर्दिष्ट प्रक्रिया के अनुसार व्यवहार किया जाएगा;
(ii) यदि तलाशी वारंट निष्पादित किया गया है, तो इस तलाशी में पाई गई वस्तुओं को यथासंभव धारा 17 और 18 के तहत निर्दिष्ट प्रक्रिया के अनुसार निपटाया जाएगा:
बशर्ते कि यदि किसी संविदाकारी राज्य से प्राप्त समन या तलाशी वारंट को निष्पादित किया गया हो, तो तलाशी में प्राप्त दस्तावेज या अन्य वस्तुएं या पाई गई वस्तुएं, समन या तलाशी वारंट जारी करने वाले न्यायालय को ऐसे प्राधिकारी के माध्यम से भेजी जाएंगी, जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट कर सकती है।
(3) जहां उपधारा (2) के अनुसार किसी संविदाकारी राज्य में स्थानांतरित किया गया व्यक्ति भारत में कैदी है, तो विशेष न्यायालय या केंद्र सरकार ऐसी शर्तें लगा सकती है जो न्यायालय या सरकार उचित समझे।
(4) जहां उपधारा (1) के अनुसार भारत में स्थानांतरित किया गया व्यक्ति किसी संविदाकारी राज्य में कैदी है, तो भारत में विशेष न्यायालय यह सुनिश्चित करेगा कि जिन शर्तों के अधीन कैदी को भारत में स्थानांतरित किया गया है, उनका अनुपालन किया जाए और ऐसे कैदी को ऐसी हिरासत में रखा जाएगा, जो केंद्र सरकार द्वारा लिखित रूप में निर्देशित शर्तों के अधीन हो।
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