PMLA 60अध्याय IX · Reciprocal Arrangement for Assistance in Certain Matters and Procedure for Attachment and Confiscation of Property
धारा 60 · किसी संविदाकारी राज्य या भारत में संपत्ति की कुर्की, ज़ब्ती और अधिग्रहण आदि।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहाँ निदेशक ने धारा 5 के अधीन किसी संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया हो या धारा 17 की उपधारा (1ए) के अधीन संपत्ति को फ्रीज करने का आदेश दिया हो, या जहाँ किसी न्यायनिर्णय प्राधिकारी ने धारा 8 के अधीन किसी संपत्ति से संबंधित आदेश दिया हो, या जहाँ किसी विशेष न्यायालय ने धारा 8 की उपधारा (5) या उपधारा (6) के अधीन किसी संपत्ति से संबंधित ज़ब्ती का आदेश दिया हो, और ऐसी संपत्ति किसी संविदाकारी राज्य में होने का संदेह हो, तो विशेष न्यायालय, निदेशक या धारा 10 की उपधारा (1) के अधीन नियुक्त प्रशासक द्वारा, जैसा भी मामला हो, आवेदन पर, संविदाकारी राज्य के किसी न्यायालय या प्राधिकारी को ऐसे आदेश के निष्पादन हेतु अनुरोध पत्र जारी कर सकता है।
(2) जहाँ किसी संविदाकारी राज्य के न्यायालय या प्राधिकरण से केंद्र सरकार को भारत में किसी संपत्ति की कुर्की, ज़ब्ती, फ्रीजिंग या जब्ती का अनुरोध करते हुए कोई अनुरोध पत्र प्राप्त होता है, जो किसी व्यक्ति द्वारा उस संविदाकारी राज्य में किए गए किसी अपराध के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अर्जित की गई हो, तो केंद्र सरकार ऐसे अनुरोध पत्र को निदेशक को, जैसा वह उचित समझे, इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निष्पादन हेतु अग्रेषित कर सकती है।
4 [(2ए) जहां भारत के बाहर किसी अन्य देश के समतुल्य कानून के तहत किसी आपराधिक मामले के बंद होने या मुकदमे के समापन पर, ऐसा न्यायालय पाता है कि उस देश के समतुल्य कानून के तहत धन शोधन का अपराध किया गया है, तो 5 [विशेष न्यायालय] उप-धारा (2) के तहत ज़ब्ती के निष्पादन के लिए निदेशक से आवेदन प्राप्त होने पर, प्रभावित व्यक्तियों को नोटिस देने के बाद आदेश देगा कि धन शोधन में शामिल ऐसी संपत्ति या जिसका उपयोग धन शोधन के अपराध को अंजाम देने के लिए किया गया है, केंद्र सरकार को जब्त कर ली जाए।
(3) धारा 58 या धारा 59 के तहत अनुरोध पत्र प्राप्त होने पर निदेशक, इस अधिनियम के अधीन किसी भी प्राधिकरण को ऐसी संपत्ति का पता लगाने और उसकी पहचान करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश देगा।
(4) उपधारा (3) में निर्दिष्ट चरणों में किसी व्यक्ति, स्थान, संपत्ति, परिसंपत्तियों, दस्तावेजों, किसी बैंक या सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों में खातों की पुस्तकों या किसी अन्य प्रासंगिक मामलों के संबंध में कोई पूछताछ, जांच या सर्वेक्षण शामिल हो सकता है।
(5) उपधारा (4) में निर्दिष्ट कोई भी पूछताछ, जांच या सर्वेक्षण उपधारा (3) में निर्दिष्ट प्राधिकरण द्वारा इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार जारी किए गए ऐसे निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
(6) इस अधिनियम के अध्याय III में निहित संपत्ति की कुर्की, अधिनिर्णय, ज़ब्ती और केंद्र सरकार में निहित होने से संबंधित प्रावधान तथा अध्याय V में निहित सर्वेक्षण, खोज और ज़ब्ती से संबंधित प्रावधान उस संपत्ति पर लागू होंगे जिसके संबंध में किसी न्यायालय या संविदाकारी राज्य से संपत्ति की कुर्की या ज़ब्ती के लिए अनुरोध पत्र प्राप्त होता है।
5 [(7) जब भारत में किसी संविदाकारी राज्य के अनुरोध पर इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किसी संपत्ति को जब्त किया जाता है, तो केंद्र सरकार या तो ऐसी संपत्ति को अनुरोधकर्ता राज्य को लौटा सकती है या पारस्परिक रूप से सहमत शर्तों पर ऐसी संपत्ति का निपटान करके उस राज्य को मुआवजा दे सकती है, जिसमें जब्त की गई संपत्ति की वापसी या निपटान की ओर ले जाने वाली जांच, अभियोजन या न्यायिक कार्यवाही में किए गए उचित खर्चों की कटौती को ध्यान में रखा जाएगा।]
(2) जहाँ किसी संविदाकारी राज्य के न्यायालय या प्राधिकरण से केंद्र सरकार को भारत में किसी संपत्ति की कुर्की, ज़ब्ती, फ्रीजिंग या जब्ती का अनुरोध करते हुए कोई अनुरोध पत्र प्राप्त होता है, जो किसी व्यक्ति द्वारा उस संविदाकारी राज्य में किए गए किसी अपराध के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अर्जित की गई हो, तो केंद्र सरकार ऐसे अनुरोध पत्र को निदेशक को, जैसा वह उचित समझे, इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निष्पादन हेतु अग्रेषित कर सकती है।
4 [(2ए) जहां भारत के बाहर किसी अन्य देश के समतुल्य कानून के तहत किसी आपराधिक मामले के बंद होने या मुकदमे के समापन पर, ऐसा न्यायालय पाता है कि उस देश के समतुल्य कानून के तहत धन शोधन का अपराध किया गया है, तो 5 [विशेष न्यायालय] उप-धारा (2) के तहत ज़ब्ती के निष्पादन के लिए निदेशक से आवेदन प्राप्त होने पर, प्रभावित व्यक्तियों को नोटिस देने के बाद आदेश देगा कि धन शोधन में शामिल ऐसी संपत्ति या जिसका उपयोग धन शोधन के अपराध को अंजाम देने के लिए किया गया है, केंद्र सरकार को जब्त कर ली जाए।
(3) धारा 58 या धारा 59 के तहत अनुरोध पत्र प्राप्त होने पर निदेशक, इस अधिनियम के अधीन किसी भी प्राधिकरण को ऐसी संपत्ति का पता लगाने और उसकी पहचान करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश देगा।
(4) उपधारा (3) में निर्दिष्ट चरणों में किसी व्यक्ति, स्थान, संपत्ति, परिसंपत्तियों, दस्तावेजों, किसी बैंक या सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों में खातों की पुस्तकों या किसी अन्य प्रासंगिक मामलों के संबंध में कोई पूछताछ, जांच या सर्वेक्षण शामिल हो सकता है।
(5) उपधारा (4) में निर्दिष्ट कोई भी पूछताछ, जांच या सर्वेक्षण उपधारा (3) में निर्दिष्ट प्राधिकरण द्वारा इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार जारी किए गए ऐसे निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
(6) इस अधिनियम के अध्याय III में निहित संपत्ति की कुर्की, अधिनिर्णय, ज़ब्ती और केंद्र सरकार में निहित होने से संबंधित प्रावधान तथा अध्याय V में निहित सर्वेक्षण, खोज और ज़ब्ती से संबंधित प्रावधान उस संपत्ति पर लागू होंगे जिसके संबंध में किसी न्यायालय या संविदाकारी राज्य से संपत्ति की कुर्की या ज़ब्ती के लिए अनुरोध पत्र प्राप्त होता है।
5 [(7) जब भारत में किसी संविदाकारी राज्य के अनुरोध पर इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किसी संपत्ति को जब्त किया जाता है, तो केंद्र सरकार या तो ऐसी संपत्ति को अनुरोधकर्ता राज्य को लौटा सकती है या पारस्परिक रूप से सहमत शर्तों पर ऐसी संपत्ति का निपटान करके उस राज्य को मुआवजा दे सकती है, जिसमें जब्त की गई संपत्ति की वापसी या निपटान की ओर ले जाने वाली जांच, अभियोजन या न्यायिक कार्यवाही में किए गए उचित खर्चों की कटौती को ध्यान में रखा जाएगा।]
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