PBPT Act 24अध्याय IV · Attachment, Adjudication and Confiscation
धारा 24 · बेनामी लेनदेन में शामिल संपत्ति की सूचना और कुर्की।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहां आरंभिक अधिकारी को अपने पास मौजूद सामग्री के आधार पर यह विश्वास करने का कारण हो कि कोई व्यक्ति किसी संपत्ति के संबंध में बेनामीदार है, तो वह लिखित में कारण दर्ज करने के बाद उस व्यक्ति को नोटिस जारी कर सकता है कि वह नोटिस में निर्दिष्ट समय के भीतर कारण बताए कि संपत्ति को बेनामी संपत्ति क्यों नहीं माना जाना चाहिए।
1 [(2ए) बेनामीदार, जिसे उपधारा (1) के तहत नोटिस जारी किया गया है, या लाभकारी स्वामी, जिसे उपधारा (2) के तहत ऐसे नोटिस की प्रति जारी की गई है, उक्त नोटिस में निर्दिष्ट अवधि के भीतर या आरंभिक अधिकारी द्वारा विस्तारित की गई अवधि के भीतर, उक्त नोटिस जारी होने वाले महीने के अंत से तीन महीने से अधिक नहीं, स्पष्टीकरण या प्रस्तुतियाँ, यदि कोई हो, प्रस्तुत करेगा।]
(3) यदि आरंभिक अधिकारी की यह राय हो कि बेनामी कब्जे वाली संपत्ति पर आसीन व्यक्ति नोटिस में निर्दिष्ट अवधि के दौरान संपत्ति का हस्तांतरण कर सकता है, तो वह अनुमोदन प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति से लिखित आदेश द्वारा, निर्धारित तरीके से संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर सकता है, जो उपधारा ( 1 ) के तहत नोटिस जारी किए जाने वाले माह के अंतिम दिन से अधिकतम चार माह तक हो सकता है।
(4) आरंभिक अधिकारी, ऐसी जाँच-पड़ताल करने और ऐसी रिपोर्ट या साक्ष्य मंगवाने के बाद, जैसा वह उचित समझे, और सभी प्रासंगिक सामग्रियों को ध्यान में रखते हुए, उपधारा ( 1) के तहत नोटिस जारी किए जाने वाले माह के अंतिम दिन से चार माह की अवधि के भीतर,--
(क) जहां उपधारा ( 3 ) के तहत अनंतिम कुर्की की गई है,--
(i) अनुमोदित प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति से, धारा 26 की उपधारा ( 3 ) के अंतर्गत निर्णय प्राधिकारी द्वारा आदेश पारित होने तक, संपत्ति की अनंतिम कुर्की को जारी रखने का आदेश पारित करना; या
(ii) अनुमोदन प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति से संपत्ति की अस्थायी कुर्की रद्द करना;
(ख) जहां उपधारा (3) के तहत अनंतिम कुर्की नहीं की गई है,--
(i) धारा 26 की उपधारा ( 3 ) के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकारी द्वारा आदेश पारित होने तक, अनुमोदन प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति से संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क करने का आदेश पारित करना; या
(ii) अनुमोदन प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति से, नोटिस में निर्दिष्ट संपत्ति को कुर्क न करने का निर्णय लेना।
7 [ स्पष्टीकरण .-- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, परिसीमा अवधि की गणना करते समय, वह अवधि जिसके दौरान किसी न्यायालय के आदेश या निषेधाज्ञा द्वारा कार्यवाही स्थगित की गई हो, को बाहर रखा जाएगा:
बशर्ते कि जहां उपर्युक्त अवधि को छोड़कर, उपधारा ( 4 ) में निर्दिष्ट परिसीमा अवधि, आरंभिक अधिकारी को कुर्की का आदेश पारित करने के लिए तीस दिनों से कम हो, तो ऐसी शेष अवधि को तीस दिनों तक विस्तारित माना जाएगा:
इसके अलावा, यदि उपर्युक्त अवधि को समाप्त करने के तुरंत बाद, उपधारा ( 5 ) में निर्दिष्ट परिसीमा अवधि, जिसके अंतर्गत आरंभिक अधिकारी को कुर्की आदेश को निर्णय प्राधिकारी को संदर्भित करने की अनुमति है, सात दिन से कम है, तो शेष अवधि को सात दिन तक विस्तारित माना जाएगा।
(5) जहां आरंभिक अधिकारी उपधारा ( 4 ) के खंड ( क ) के उपखंड ( i ) के तहत संपत्ति की अनंतिम कुर्की जारी रखने का आदेश पारित करता है या उस उपधारा के खंड (ख) के उपखंड ( i ) के तहत संपत्ति को अनंतिम रूप से कुर्क करने का आदेश पारित करता है, तो वह कुर्की की तारीख से पंद्रह दिनों के भीतर मामले का विवरण तैयार करेगा और उसे न्यायनिर्णय प्राधिकारी को भेजेगा।
1 [(2ए) बेनामीदार, जिसे उपधारा (1) के तहत नोटिस जारी किया गया है, या लाभकारी स्वामी, जिसे उपधारा (2) के तहत ऐसे नोटिस की प्रति जारी की गई है, उक्त नोटिस में निर्दिष्ट अवधि के भीतर या आरंभिक अधिकारी द्वारा विस्तारित की गई अवधि के भीतर, उक्त नोटिस जारी होने वाले महीने के अंत से तीन महीने से अधिक नहीं, स्पष्टीकरण या प्रस्तुतियाँ, यदि कोई हो, प्रस्तुत करेगा।]
(3) यदि आरंभिक अधिकारी की यह राय हो कि बेनामी कब्जे वाली संपत्ति पर आसीन व्यक्ति नोटिस में निर्दिष्ट अवधि के दौरान संपत्ति का हस्तांतरण कर सकता है, तो वह अनुमोदन प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति से लिखित आदेश द्वारा, निर्धारित तरीके से संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर सकता है, जो उपधारा ( 1 ) के तहत नोटिस जारी किए जाने वाले माह के अंतिम दिन से अधिकतम चार माह तक हो सकता है।
(4) आरंभिक अधिकारी, ऐसी जाँच-पड़ताल करने और ऐसी रिपोर्ट या साक्ष्य मंगवाने के बाद, जैसा वह उचित समझे, और सभी प्रासंगिक सामग्रियों को ध्यान में रखते हुए, उपधारा ( 1) के तहत नोटिस जारी किए जाने वाले माह के अंतिम दिन से चार माह की अवधि के भीतर,--
(क) जहां उपधारा ( 3 ) के तहत अनंतिम कुर्की की गई है,--
(i) अनुमोदित प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति से, धारा 26 की उपधारा ( 3 ) के अंतर्गत निर्णय प्राधिकारी द्वारा आदेश पारित होने तक, संपत्ति की अनंतिम कुर्की को जारी रखने का आदेश पारित करना; या
(ii) अनुमोदन प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति से संपत्ति की अस्थायी कुर्की रद्द करना;
(ख) जहां उपधारा (3) के तहत अनंतिम कुर्की नहीं की गई है,--
(i) धारा 26 की उपधारा ( 3 ) के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकारी द्वारा आदेश पारित होने तक, अनुमोदन प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति से संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क करने का आदेश पारित करना; या
(ii) अनुमोदन प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति से, नोटिस में निर्दिष्ट संपत्ति को कुर्क न करने का निर्णय लेना।
7 [ स्पष्टीकरण .-- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, परिसीमा अवधि की गणना करते समय, वह अवधि जिसके दौरान किसी न्यायालय के आदेश या निषेधाज्ञा द्वारा कार्यवाही स्थगित की गई हो, को बाहर रखा जाएगा:
बशर्ते कि जहां उपर्युक्त अवधि को छोड़कर, उपधारा ( 4 ) में निर्दिष्ट परिसीमा अवधि, आरंभिक अधिकारी को कुर्की का आदेश पारित करने के लिए तीस दिनों से कम हो, तो ऐसी शेष अवधि को तीस दिनों तक विस्तारित माना जाएगा:
इसके अलावा, यदि उपर्युक्त अवधि को समाप्त करने के तुरंत बाद, उपधारा ( 5 ) में निर्दिष्ट परिसीमा अवधि, जिसके अंतर्गत आरंभिक अधिकारी को कुर्की आदेश को निर्णय प्राधिकारी को संदर्भित करने की अनुमति है, सात दिन से कम है, तो शेष अवधि को सात दिन तक विस्तारित माना जाएगा।
(5) जहां आरंभिक अधिकारी उपधारा ( 4 ) के खंड ( क ) के उपखंड ( i ) के तहत संपत्ति की अनंतिम कुर्की जारी रखने का आदेश पारित करता है या उस उपधारा के खंड (ख) के उपखंड ( i ) के तहत संपत्ति को अनंतिम रूप से कुर्क करने का आदेश पारित करता है, तो वह कुर्की की तारीख से पंद्रह दिनों के भीतर मामले का विवरण तैयार करेगा और उसे न्यायनिर्णय प्राधिकारी को भेजेगा।
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