SIDBI Act 36अध्याय VIII · Miscellaneous
धारा 36 · निष्ठा और गोपनीयता संबंधी दायित्व।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) लघु उद्योग बैंक, इस अधिनियम या किसी अन्य कानून द्वारा अन्यथा आवश्यक होने के अलावा, अपने ग्राहकों से संबंधित या उनके मामलों से संबंधित कोई भी जानकारी प्रकट नहीं करेगा, सिवाय उन परिस्थितियों के जिनमें कानून या बैंकरों के बीच प्रचलित प्रथा और उपयोग के अनुसार लघु उद्योग बैंक के लिए ऐसी जानकारी प्रकट करना आवश्यक या उचित हो।
(2) लघु उद्योग बैंक, इस अधिनियम के अधीन कार्यों के कुशल निर्वहन के उद्देश्य से, केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक, विकास बैंक, स्टेट बैंक, किसी सहायक बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक या अन्य अनुसूचित बैंक, राज्य सहकारी बैंक, राज्य वित्तीय निगम, राज्य औद्योगिक विकास निगम, राज्य लघु उद्योग निगम या राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम या ऐसे अन्य संस्थानों [जैसा कि बोर्ड द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है] से ऋण संबंधी जानकारी या अन्य जानकारी, जिसे वह इस उद्देश्य के लिए उपयोगी समझे, ऐसे तरीके से और ऐसे समय पर एकत्र कर सकता है या उन्हें प्रदान कर सकता है, जैसा वह उचित समझे।
स्पष्टीकरण .--इस उपधारा के प्रयोजन के लिए, "ऋण सूचना" अभिव्यक्ति का वही अर्थ होगा जो भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (2 ऑफ 1934) की धारा 45ए के खंड (सी) में है, इस संशोधन के अधीन कि उसमें संदर्भित "बैंकिंग कंपनी" से तात्पर्य इस उपधारा में संदर्भित बैंक, निगम या अन्य संस्था से होगा।
(3) लघु उद्योग बैंक का प्रत्येक निदेशक, समिति का सदस्य, लेखा परीक्षक, अधिकारी या अन्य कर्मचारी, जिसकी सेवाओं का उपयोग लघु उद्योग बैंक द्वारा इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत किया जाता है, अपने कर्तव्यों को ग्रहण करने से पहले, इस अधिनियम की पहली अनुसूची में निर्धारित प्रपत्र में निष्ठा और गोपनीयता की घोषणा करेगा।
(2) लघु उद्योग बैंक, इस अधिनियम के अधीन कार्यों के कुशल निर्वहन के उद्देश्य से, केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक, विकास बैंक, स्टेट बैंक, किसी सहायक बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक या अन्य अनुसूचित बैंक, राज्य सहकारी बैंक, राज्य वित्तीय निगम, राज्य औद्योगिक विकास निगम, राज्य लघु उद्योग निगम या राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम या ऐसे अन्य संस्थानों [जैसा कि बोर्ड द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है] से ऋण संबंधी जानकारी या अन्य जानकारी, जिसे वह इस उद्देश्य के लिए उपयोगी समझे, ऐसे तरीके से और ऐसे समय पर एकत्र कर सकता है या उन्हें प्रदान कर सकता है, जैसा वह उचित समझे।
स्पष्टीकरण .--इस उपधारा के प्रयोजन के लिए, "ऋण सूचना" अभिव्यक्ति का वही अर्थ होगा जो भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (2 ऑफ 1934) की धारा 45ए के खंड (सी) में है, इस संशोधन के अधीन कि उसमें संदर्भित "बैंकिंग कंपनी" से तात्पर्य इस उपधारा में संदर्भित बैंक, निगम या अन्य संस्था से होगा।
(3) लघु उद्योग बैंक का प्रत्येक निदेशक, समिति का सदस्य, लेखा परीक्षक, अधिकारी या अन्य कर्मचारी, जिसकी सेवाओं का उपयोग लघु उद्योग बैंक द्वारा इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत किया जाता है, अपने कर्तव्यों को ग्रहण करने से पहले, इस अधिनियम की पहली अनुसूची में निर्धारित प्रपत्र में निष्ठा और गोपनीयता की घोषणा करेगा।
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