SIDBI Act 6अध्याय II · Establishment of the Small Industries Development Bank of India and Capital Thereof
धारा 6 · बोर्ड का गठन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [ 6. बोर्ड का गठन। --(1) बोर्ड में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:--
(क) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक;
(ख) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त दो पूर्णकालिक निदेशक;
(ग) दो निदेशक जो केंद्र सरकार द्वारा नामित केंद्र सरकार के अधिकारी होंगे;
(घ) विकास बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सामान्य बीमा निगम, जीवन बीमा निगम और केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले अन्य संस्थानों द्वारा निर्धारित तरीके से नामित किए जाने वाले तीन निदेशक;
(ई) तीन निदेशक, जिनमें राज्य वित्तीय निगमों के अधिकारियों में से एक निदेशक शामिल होगा, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अर्थशास्त्र, उद्योग, बैंकिंग, औद्योगिक सहकारी समितियों, कानून, औद्योगिक वित्त, निवेश, लेखांकन, विपणन या किसी अन्य मामले में विशेष ज्ञान या व्यावसायिक अनुभव रखने वाले व्यक्तियों में से नामित किया जाएगा, जिसका विशेष ज्ञान या व्यावसायिक अनुभव, केंद्र सरकार की राय में, लघु उद्योग बैंक के लिए उपयोगी होगा;
(f) विकास बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सामान्य बीमा निगम, जीवन बीमा निगम और केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले अन्य संस्थानों के अलावा, शेयरधारकों द्वारा निर्धारित तरीके से निर्वाचित निदेशकों की अधिकतम संख्या चार होगी, जिनके नाम लघु उद्योग बैंक के शेयरधारकों के रजिस्टर में उस बैठक की तारीख से नब्बे दिन पहले दर्ज हों जिसमें ऐसा चुनाव होता है, निम्नलिखित आधार पर, अर्थात्:--
(i) जहां ऐसे शेयरधारकों को जारी की गई इक्विटी शेयर पूंजी की कुल राशि कुल जारी इक्विटी शेयर पूंजी का दस प्रतिशत या उससे कम है, वहां दो निदेशक;
(ii) जहां ऐसे शेयरधारकों को जारी की गई इक्विटी शेयर पूंजी की कुल राशि कुल जारी इक्विटी शेयर पूंजी के दस प्रतिशत से अधिक लेकिन पच्चीस प्रतिशत से कम है, वहां तीन निदेशक; और
(iii) जहां ऐसे शेयरधारकों को जारी की गई इक्विटी शेयर पूंजी की कुल राशि कुल जारी इक्विटी शेयर पूंजी का पच्चीस प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां चार निदेशक:
बशर्ते कि यदि विकास बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सामान्य बीमा निगम, जीवन बीमा निगम और केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले अन्य संस्थानों को छोड़कर शेयरधारकों के पास जारी इक्विटी शेयर पूंजी का प्रतिशत चार निदेशकों के चुनाव की अनुमति नहीं देता है या निर्वाचित निदेशकों द्वारा कार्यभार ग्रहण करने तक, बोर्ड किसी भी समय विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अर्थशास्त्र, उद्योग, बैंकिंग, औद्योगिक सहकारी समितियों, कानून, औद्योगिक वित्त, निवेश, लेखांकन, विपणन या किसी अन्य विषय में विशेष ज्ञान या व्यावसायिक अनुभव रखने वाले व्यक्तियों में से अधिकतम चार निदेशकों को सह-विकल्पित कर सकता है, जिनका विशेष ज्ञान या व्यावसायिक अनुभव, बोर्ड की राय में, लघु उद्योग बैंक के कार्यों के निष्पादन के लिए उपयोगी होगा। ये निदेशक निर्वाचित निदेशकों द्वारा कार्यभार ग्रहण करने तक पद पर बने रहेंगे और सह-विकल्पित निदेशकों की समान संख्या सह-विकल्प के क्रम में सेवानिवृत्त होगी।
(2) अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक तथा पूर्णकालिक निदेशक ऐसे कार्यकाल के लिए पद धारण करेंगे जो केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट पांच वर्ष से अधिक नहीं होगा तथा इस प्रकार नियुक्त कोई भी व्यक्ति पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र होगा।
(3) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, केंद्र सरकार को अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक या पूर्णकालिक निदेशक, जैसा भी मामला हो, का कार्यकाल उपधारा (2) के अधीन निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति से पहले किसी भी समय लिखित में कम से कम तीन महीने का नोटिस देकर या ऐसे नोटिस के बदले तीन महीने का वेतन एवं भत्ते देकर समाप्त करने का अधिकार होगा, और अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक या पूर्णकालिक निदेशक, जैसा भी मामला हो, को भी उपधारा (2) के अधीन निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति से पहले केंद्र सरकार को लिखित में कम से कम तीन महीने का नोटिस देकर अपना पद त्यागने का अधिकार होगा।
(4) अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक तथा पूर्णकालिक निदेशकों को ऐसा वेतन और भत्ते प्राप्त होंगे, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किए जाएँगे।
(5) केंद्र सरकार किसी भी समय अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक या पूर्णकालिक निदेशक, जैसा भी मामला हो, को पद से हटा सकती है:
बशर्ते कि इस उपधारा के तहत किसी भी व्यक्ति को उसके पद से तब तक नहीं हटाया जाएगा, जब तक कि उसे अपने निष्कासन के विरुद्ध कारण बताने का अवसर न दिया गया हो।
(6) उपधारा (1) के खंड (ग) , (घ) और (ङ) के अधीन मनोनीत प्रत्येक निदेशक मनोनीत प्राधिकारी की इच्छा के अनुसार पद धारण करेगा।
(7) उपधारा (6) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए,--
(क) उपधारा (1) के खंड (घ) और (ङ) के अधीन मनोनीत प्रत्येक निदेशक ऐसे कार्यकाल के लिए पद धारण करेगा जो केंद्र सरकार या उसे मनोनीत करने वाला प्राधिकारी, जैसा भी मामला हो, इस संबंध में निर्दिष्ट करे, और उसके बाद अपने उत्तराधिकारी के पदभार ग्रहण करने तक वह पुनः मनोनीत होने के लिए पात्र होगा।
बशर्ते कि ऐसा कोई भी निदेशक लगातार छह वर्ष से अधिक की अवधि के लिए पद धारण नहीं करेगा; और
(ख) उपधारा (1) के खंड (च) के अधीन निर्वाचित प्रत्येक निदेशक तीन वर्ष के लिए पद धारण करेगा तथा उसके उत्तराधिकारी के पदभार ग्रहण करने तक वह पुन: निर्वाचित होने के लिए पात्र होगा।
बशर्ते कि कोई भी ऐसा निदेशक लगातार छह वर्ष से अधिक की अवधि के लिए पद धारण नहीं करेगा।
(8) विकास बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सामान्य बीमा निगम, जीवन बीमा निगम और केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले अन्य संस्थानों के अलावा, शेयरधारक, निदेशक को निर्धारित तरीके से सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद, ऐसे शेयरधारकों के बहुमत से पारित प्रस्ताव द्वारा, जिनके पास कुल मिलाकर अपने द्वारा धारित इक्विटी शेयर पूंजी का कम से कम आधा हिस्सा हो, उप-धारा (1) के खंड (f) के तहत निर्वाचित किसी भी निदेशक को हटा सकते हैं और इस प्रकार उत्पन्न रिक्ति को भरने के लिए उसके स्थान पर किसी अन्य निदेशक को निर्वाचित कर सकते हैं।
(9) (i) बोर्ड की बैठक प्रत्येक तीन माह में कम से कम एक बार आयोजित की जाएगी और वर्ष में कम से कम चार बैठकें आयोजित की जाएंगी और बैठकें ऐसे स्थानों पर आयोजित की जा सकती हैं जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(ii) बोर्ड की प्रत्येक बैठक की सूचना भारत में कार्यरत प्रत्येक निदेशक को लिखित में दी जाएगी, और भारत में उनके सामान्य पते पर अन्य प्रत्येक निदेशक को भी दी जाएगी।
(10) इस अध्याय में निहित प्रावधानों के अधीन रहते हुए, बोर्ड ऐसे समय और स्थानों पर बैठक कर सकता है तथा अपने कामकाज के संचालन के संबंध में, जिसमें प्रस्तावों को अपनाने का तरीका भी शामिल है, ऐसी प्रक्रिया के नियमों का पालन करेगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(11) यदि अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक किसी कारणवश बोर्ड की बैठक में उपस्थित होने में असमर्थ हों, तो अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक द्वारा इस संबंध में नामित कोई अन्य निदेशक, और ऐसे नामांकन के अभाव में, उपस्थित निदेशकों द्वारा अपने बीच से निर्वाचित कोई निदेशक, बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
(12) बोर्ड की किसी भी बैठक के समक्ष आने वाले सभी प्रश्नों का निर्णय उपस्थित और मतदान करने वाले निदेशकों के बहुमत मतों द्वारा किया जाएगा, और मतों की समानता की स्थिति में, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, या उनकी अनुपस्थिति में, अध्यक्षता करने वाले व्यक्ति को दूसरा या निर्णायक मत देने का अधिकार होगा।
(13) उपधारा (12) में दिए गए प्रावधान के अलावा, बोर्ड के प्रत्येक निदेशक को एक वोट देने का अधिकार होगा।]
(क) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक;
(ख) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त दो पूर्णकालिक निदेशक;
(ग) दो निदेशक जो केंद्र सरकार द्वारा नामित केंद्र सरकार के अधिकारी होंगे;
(घ) विकास बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सामान्य बीमा निगम, जीवन बीमा निगम और केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले अन्य संस्थानों द्वारा निर्धारित तरीके से नामित किए जाने वाले तीन निदेशक;
(ई) तीन निदेशक, जिनमें राज्य वित्तीय निगमों के अधिकारियों में से एक निदेशक शामिल होगा, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अर्थशास्त्र, उद्योग, बैंकिंग, औद्योगिक सहकारी समितियों, कानून, औद्योगिक वित्त, निवेश, लेखांकन, विपणन या किसी अन्य मामले में विशेष ज्ञान या व्यावसायिक अनुभव रखने वाले व्यक्तियों में से नामित किया जाएगा, जिसका विशेष ज्ञान या व्यावसायिक अनुभव, केंद्र सरकार की राय में, लघु उद्योग बैंक के लिए उपयोगी होगा;
(f) विकास बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सामान्य बीमा निगम, जीवन बीमा निगम और केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले अन्य संस्थानों के अलावा, शेयरधारकों द्वारा निर्धारित तरीके से निर्वाचित निदेशकों की अधिकतम संख्या चार होगी, जिनके नाम लघु उद्योग बैंक के शेयरधारकों के रजिस्टर में उस बैठक की तारीख से नब्बे दिन पहले दर्ज हों जिसमें ऐसा चुनाव होता है, निम्नलिखित आधार पर, अर्थात्:--
(i) जहां ऐसे शेयरधारकों को जारी की गई इक्विटी शेयर पूंजी की कुल राशि कुल जारी इक्विटी शेयर पूंजी का दस प्रतिशत या उससे कम है, वहां दो निदेशक;
(ii) जहां ऐसे शेयरधारकों को जारी की गई इक्विटी शेयर पूंजी की कुल राशि कुल जारी इक्विटी शेयर पूंजी के दस प्रतिशत से अधिक लेकिन पच्चीस प्रतिशत से कम है, वहां तीन निदेशक; और
(iii) जहां ऐसे शेयरधारकों को जारी की गई इक्विटी शेयर पूंजी की कुल राशि कुल जारी इक्विटी शेयर पूंजी का पच्चीस प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां चार निदेशक:
बशर्ते कि यदि विकास बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सामान्य बीमा निगम, जीवन बीमा निगम और केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले अन्य संस्थानों को छोड़कर शेयरधारकों के पास जारी इक्विटी शेयर पूंजी का प्रतिशत चार निदेशकों के चुनाव की अनुमति नहीं देता है या निर्वाचित निदेशकों द्वारा कार्यभार ग्रहण करने तक, बोर्ड किसी भी समय विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अर्थशास्त्र, उद्योग, बैंकिंग, औद्योगिक सहकारी समितियों, कानून, औद्योगिक वित्त, निवेश, लेखांकन, विपणन या किसी अन्य विषय में विशेष ज्ञान या व्यावसायिक अनुभव रखने वाले व्यक्तियों में से अधिकतम चार निदेशकों को सह-विकल्पित कर सकता है, जिनका विशेष ज्ञान या व्यावसायिक अनुभव, बोर्ड की राय में, लघु उद्योग बैंक के कार्यों के निष्पादन के लिए उपयोगी होगा। ये निदेशक निर्वाचित निदेशकों द्वारा कार्यभार ग्रहण करने तक पद पर बने रहेंगे और सह-विकल्पित निदेशकों की समान संख्या सह-विकल्प के क्रम में सेवानिवृत्त होगी।
(2) अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक तथा पूर्णकालिक निदेशक ऐसे कार्यकाल के लिए पद धारण करेंगे जो केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट पांच वर्ष से अधिक नहीं होगा तथा इस प्रकार नियुक्त कोई भी व्यक्ति पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र होगा।
(3) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, केंद्र सरकार को अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक या पूर्णकालिक निदेशक, जैसा भी मामला हो, का कार्यकाल उपधारा (2) के अधीन निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति से पहले किसी भी समय लिखित में कम से कम तीन महीने का नोटिस देकर या ऐसे नोटिस के बदले तीन महीने का वेतन एवं भत्ते देकर समाप्त करने का अधिकार होगा, और अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक या पूर्णकालिक निदेशक, जैसा भी मामला हो, को भी उपधारा (2) के अधीन निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति से पहले केंद्र सरकार को लिखित में कम से कम तीन महीने का नोटिस देकर अपना पद त्यागने का अधिकार होगा।
(4) अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक तथा पूर्णकालिक निदेशकों को ऐसा वेतन और भत्ते प्राप्त होंगे, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किए जाएँगे।
(5) केंद्र सरकार किसी भी समय अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक या पूर्णकालिक निदेशक, जैसा भी मामला हो, को पद से हटा सकती है:
बशर्ते कि इस उपधारा के तहत किसी भी व्यक्ति को उसके पद से तब तक नहीं हटाया जाएगा, जब तक कि उसे अपने निष्कासन के विरुद्ध कारण बताने का अवसर न दिया गया हो।
(6) उपधारा (1) के खंड (ग) , (घ) और (ङ) के अधीन मनोनीत प्रत्येक निदेशक मनोनीत प्राधिकारी की इच्छा के अनुसार पद धारण करेगा।
(7) उपधारा (6) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए,--
(क) उपधारा (1) के खंड (घ) और (ङ) के अधीन मनोनीत प्रत्येक निदेशक ऐसे कार्यकाल के लिए पद धारण करेगा जो केंद्र सरकार या उसे मनोनीत करने वाला प्राधिकारी, जैसा भी मामला हो, इस संबंध में निर्दिष्ट करे, और उसके बाद अपने उत्तराधिकारी के पदभार ग्रहण करने तक वह पुनः मनोनीत होने के लिए पात्र होगा।
बशर्ते कि ऐसा कोई भी निदेशक लगातार छह वर्ष से अधिक की अवधि के लिए पद धारण नहीं करेगा; और
(ख) उपधारा (1) के खंड (च) के अधीन निर्वाचित प्रत्येक निदेशक तीन वर्ष के लिए पद धारण करेगा तथा उसके उत्तराधिकारी के पदभार ग्रहण करने तक वह पुन: निर्वाचित होने के लिए पात्र होगा।
बशर्ते कि कोई भी ऐसा निदेशक लगातार छह वर्ष से अधिक की अवधि के लिए पद धारण नहीं करेगा।
(8) विकास बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सामान्य बीमा निगम, जीवन बीमा निगम और केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले अन्य संस्थानों के अलावा, शेयरधारक, निदेशक को निर्धारित तरीके से सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद, ऐसे शेयरधारकों के बहुमत से पारित प्रस्ताव द्वारा, जिनके पास कुल मिलाकर अपने द्वारा धारित इक्विटी शेयर पूंजी का कम से कम आधा हिस्सा हो, उप-धारा (1) के खंड (f) के तहत निर्वाचित किसी भी निदेशक को हटा सकते हैं और इस प्रकार उत्पन्न रिक्ति को भरने के लिए उसके स्थान पर किसी अन्य निदेशक को निर्वाचित कर सकते हैं।
(9) (i) बोर्ड की बैठक प्रत्येक तीन माह में कम से कम एक बार आयोजित की जाएगी और वर्ष में कम से कम चार बैठकें आयोजित की जाएंगी और बैठकें ऐसे स्थानों पर आयोजित की जा सकती हैं जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(ii) बोर्ड की प्रत्येक बैठक की सूचना भारत में कार्यरत प्रत्येक निदेशक को लिखित में दी जाएगी, और भारत में उनके सामान्य पते पर अन्य प्रत्येक निदेशक को भी दी जाएगी।
(10) इस अध्याय में निहित प्रावधानों के अधीन रहते हुए, बोर्ड ऐसे समय और स्थानों पर बैठक कर सकता है तथा अपने कामकाज के संचालन के संबंध में, जिसमें प्रस्तावों को अपनाने का तरीका भी शामिल है, ऐसी प्रक्रिया के नियमों का पालन करेगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(11) यदि अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक किसी कारणवश बोर्ड की बैठक में उपस्थित होने में असमर्थ हों, तो अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक द्वारा इस संबंध में नामित कोई अन्य निदेशक, और ऐसे नामांकन के अभाव में, उपस्थित निदेशकों द्वारा अपने बीच से निर्वाचित कोई निदेशक, बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
(12) बोर्ड की किसी भी बैठक के समक्ष आने वाले सभी प्रश्नों का निर्णय उपस्थित और मतदान करने वाले निदेशकों के बहुमत मतों द्वारा किया जाएगा, और मतों की समानता की स्थिति में, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, या उनकी अनुपस्थिति में, अध्यक्षता करने वाले व्यक्ति को दूसरा या निर्णायक मत देने का अधिकार होगा।
(13) उपधारा (12) में दिए गए प्रावधान के अलावा, बोर्ड के प्रत्येक निदेशक को एक वोट देने का अधिकार होगा।]
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

