NBARD Act 50अध्याय IX · Staff
धारा 50 · नेशनल बैंक के कर्मचारी।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राष्ट्रीय बैंक अपने कार्यों के कुशल निष्पादन के लिए आवश्यक या वांछनीय समझे जाने वाले अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की संख्या नियुक्त कर सकता है और उनकी नियुक्ति और सेवा की शर्तें और नियम निर्धारित कर सकता है।
(2) उपधारा (1) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, राष्ट्रीय बैंक के लिए यह वैध होगा कि वह भारतीय रिज़र्व बैंक के ऐसे कर्मचारियों की सेवाओं का उपयोग करे, और भारतीय रिज़र्व बैंक के लिए यह वैध होगा कि वह भारतीय रिज़र्व बैंक के ऐसे कर्मचारियों की सेवाएं ऐसी शर्तों और नियमों पर उपलब्ध कराए जिन पर राष्ट्रीय बैंक और भारतीय रिज़र्व बैंक के बीच सहमति हो।
(3) उपधारा (6) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, नियुक्त दिन से छह माह की समाप्ति से पहले किसी भी समय, रिजर्व बैंक, जनहित में, रिजर्व बैंक के ऐसे कर्मचारियों को राष्ट्रीय बैंक में स्थानांतरित कर सकता है, जिन्हें रिजर्व बैंक ऐसे कार्य में संलग्न मानता है, या संलग्न किए जाने के लिए उपयुक्त समझता है, जो राष्ट्रीय बैंक के कुशल संचालन के लिए आवश्यक कार्य के समान या उससे मिलते-जुलते कार्य के लिए हो, और ऐसे स्थानांतरण पर उन्हें राष्ट्रीय बैंक द्वारा उपधारा (1) के तहत ऐसे स्थानांतरण की तिथि से नियुक्त माना जाएगा।
बशर्ते कि इस प्रकार स्थानांतरित प्रत्येक व्यक्ति, निर्धारित तिथि से छह माह की अवधि समाप्त होने से पहले, या ऐसे स्थानांतरण से तीस दिनों की अवधि समाप्त होने से पहले, जो भी अवधि बाद में समाप्त हो, इस आशय का लिखित विकल्प देकर रिजर्व बैंक में वापस जाने का विकल्प चुन सकता है, एक बार चुना गया विकल्प अंतिम होगा, और ऐसे विकल्प के प्रयोग पर, रिजर्व बैंक निर्धारित तिथि से अठारह माह की अवधि समाप्त होने से पहले, ऐसे कर्मचारी को वापस ले लेगा और उसे उस अवधि के दौरान राष्ट्रीय बैंक में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा जिस अवधि के दौरान वह राष्ट्रीय बैंक का कर्मचारी था।
(4) (क) रिजर्व बैंक के कर्मचारियों का कोई भी सदस्य, जिसे उप-धारा (3) के अधीन नियुक्त नहीं किया गया है, यदि वह चाहे तो नियुक्त दिन से छह महीने के भीतर रिजर्व बैंक को आवेदन कर सकता है, ताकि उसे राष्ट्रीय बैंक के कर्मचारियों के सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए विचार किया जा सके।
(ख) रिजर्व बैंक, राष्ट्रीय बैंक से परामर्श करके, आवेदक की उपयुक्तता, राष्ट्रीय बैंक में रिक्तियों की उपलब्धता, रिजर्व बैंक और राष्ट्रीय बैंक में सेवा की आवश्यकताएँ और इस संबंध में प्रासंगिक समझे जाने वाले अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए ऐसे आवेदन पर विचार कर सकता है, और यदि रिजर्व बैंक इन कारकों को ध्यान में रखते हुए संतुष्ट है कि आवेदक इस प्रकार नियुक्त होने के लिए उपयुक्त है, तो राष्ट्रीय बैंक को उसकी नियुक्ति की सिफारिश कर सकता है।
(ग) राष्ट्रीय बैंक, नियुक्ति तिथि से अठारह महीनों के भीतर, इस उपधारा के अंतर्गत आवेदन करने वाले ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रीय बैंक के कर्मचारी के रूप में नियुक्त कर सकता है, और ऐसी नियुक्ति पर, ऐसे व्यक्ति को उपधारा (3) के अंतर्गत राष्ट्रीय बैंक में नियुक्त माना जाएगा।
बशर्ते कि उपधारा (3) का परंतुक और उपधारा (5) का परंतुक ऐसे व्यक्ति के संबंध में लागू नहीं होगा।
(5) इस अधिनियम में या किसी अन्य कानून में या किसी अनुबंध में, जो उस समय लागू हो, किसी अन्य प्रावधान के होते हुए भी, नियुक्त तिथि से छह माह की समाप्ति से पहले किसी भी समय, यदि रिजर्व बैंक राष्ट्रीय बैंक के हित में ऐसा करना आवश्यक समझे, तो राष्ट्रीय बैंक के किसी भी कर्मचारी को पदोन्नति द्वारा रिजर्व बैंक में स्थानांतरित कर सकता है, और रिजर्व बैंक में ऐसे स्थानांतरण पर, प्रत्येक कर्मचारी को रिजर्व बैंक का कर्मचारी माना जाएगा और वह उसी वेतन, पारिश्रमिक और सेवा की अन्य शर्तों का हकदार होगा, जिनका वह स्थानांतरण की तिथि से ठीक पहले हकदार था, जिसमें पदोन्नति से प्रत्यक्ष रूप से उत्पन्न होने वाले लाभ, यदि कोई हो, शामिल हैं।
बशर्ते कि उपर्युक्त तरीके से स्थानांतरित होने वाला प्रत्येक कर्मचारी, निर्धारित तिथि से छह महीने की अवधि समाप्त होने से पहले या ऐसे स्थानांतरण के तीस दिनों के भीतर, जो भी अवधि बाद में समाप्त हो, इस आशय का लिखित विकल्प देकर राष्ट्रीय बैंक में वापस जाने का विकल्प चुन सकता है, एक बार चुना गया विकल्प अंतिम होगा, और ऐसे विकल्प के प्रयोग पर, राष्ट्रीय बैंक निर्धारित तिथि से अठारह महीने की अवधि समाप्त होने से पहले ऐसे कर्मचारी को वापस ले लेगा और उसे उस अवधि के दौरान रिजर्व बैंक में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा जिस अवधि के लिए वह रिजर्व बैंक का कर्मचारी था।
(6) प्रत्येक व्यक्ति,--
(क) जो धारा 16 की उपधारा (1) के अधीन निर्धारित तिथि से ठीक पहले कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम का कर्मचारी हो; या
(ख) जो रिजर्व बैंक का कर्मचारी है, लेकिन जिसकी सेवाओं का उपयोग उक्त निगम द्वारा उस तिथि से ठीक पहले किया जा रहा है,
उक्त तिथि को उपधारा (1) के अंतर्गत राष्ट्रीय बैंक द्वारा नियुक्त माना जाएगा:
बशर्ते कि रिजर्व बैंक के प्रत्येक कर्मचारी, जिसे नियुक्त माना जाता है, और जिसे विशेष रूप से कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम में उपयोग के लिए भर्ती नहीं किया गया था, नियुक्त तिथि से छह महीने की अवधि समाप्त होने से पहले या धारा 16 की उपधारा (1) के तहत नियुक्त तिथि से तीस दिनों की अवधि के भीतर, जो भी अवधि बाद में समाप्त हो, इस आशय का लिखित विकल्प चुनकर रिजर्व बैंक में वापस जाने का विकल्प चुन सकता है, एक बार चुना गया विकल्प अंतिम होगा, और ऐसे विकल्प के प्रयोग पर, रिजर्व बैंक नियुक्त तिथि से अठारह महीने की अवधि समाप्त होने से पहले ऐसे कर्मचारी को वापस ले लेगा और उसे उस अवधि के दौरान राष्ट्रीय बैंक में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा जिस अवधि के दौरान वह राष्ट्रीय बैंक का कर्मचारी था।
(7) किसी अन्य कानून या किसी समझौते में, जो उस समय लागू हो, किसी भी कर्मचारी को उपधारा (3) से (6) के तहत उसके स्थानांतरण, नियुक्ति या वापसी से संबंधित किसी भी मामले के लिए किसी मुआवजे का दावा करने का अधिकार नहीं होगा और इस संबंध में किसी भी न्यायालय, न्यायाधिकरण या अन्य प्राधिकरण द्वारा कोई दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
(8) उपधारा (10) और उपधारा (11) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम या रिजर्व बैंक के कर्मचारियों का प्रत्येक सदस्य, जिसे इस धारा के अधीन राष्ट्रीय बैंक के कर्मचारियों के सदस्य के रूप में नियुक्त माना जाता है, राष्ट्रीय बैंक द्वारा उसी वेतन, पारिश्रमिक और सेवा की अन्य शर्तों एवं नियमों पर नियुक्त माना जाएगा, जिसके लिए वह राष्ट्रीय बैंक में अपनी नियुक्ति से ठीक पहले हकदार था।
(9) सेवानिवृत्ति लाभों से संबंधित प्रावधान, अर्थात् भविष्य निधि से संबंधित विनियम और ग्रेच्युटी एवं अनुकंपा ग्रेच्युटी के भुगतान से संबंधित नियम और सेवानिवृत्ति से संबंधित कोई अन्य प्रावधान जो नियुक्त दिन पर रिजर्व बैंक के कर्मचारियों पर लागू होते हैं, राष्ट्रीय बैंक के कर्मचारियों पर भी यथासंभव लागू होंगे, जब तक कि राष्ट्रीय बैंक उनमें कोई परिवर्तन या संशोधन न कर दे।
बशर्ते कि निर्धारित दिन के बाद, राष्ट्रीय बैंक द्वारा भविष्य निधि विनियमों के संबंध में धारा 60 के अनुसार और अन्य नियमों के संबंध में उसी प्रकार परिवर्तन या संशोधन किया जा सकता है, जिस प्रकार इस उपधारा के अभाव में उनमें परिवर्तन या संशोधन किया जाता।
इसके अलावा, निर्धारित तिथि से छह महीने की समाप्ति के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक के कर्मचारी भविष्य निधि में उन कर्मचारियों के खाते में जमा शेष राशि, जिनकी सेवाएं इस धारा के तहत राष्ट्रीय बैंक में स्थानांतरित की जाती हैं और जो रिज़र्व बैंक में वापस जाने का विकल्प नहीं चुनते हैं, राष्ट्रीय बैंक की भविष्य निधि में उसी या समान शर्तों पर स्थानांतरित कर दी जाएगी और रखी जाएगी, जिन शर्तों के अधीन वे शेष राशि पहले भारतीय रिज़र्व बैंक के कर्मचारी भविष्य निधि में रखी गई थीं।
(10) किसी अन्य कानून, समझौते या अनुबंध में किसी बात के होते हुए भी, राष्ट्रीय बैंक द्वारा नियोजित प्रत्येक व्यक्ति या जिसकी सेवाएं इस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय बैंक को हस्तांतरित की गई हैं, भारत में कहीं भी सेवा करने के लिए उत्तरदायी होगा।
(11) औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (14 ऑफ 1947), या उस समय लागू किसी अन्य कानून, या किसी औद्योगिक न्यायाधिकरण, न्यायालय या अन्य प्राधिकरण के किसी पुरस्कार, निर्णय, डिक्री, फैसले या आदेश, या इस धारा के तहत किसी व्यक्ति की सेवाओं को राष्ट्रीय बैंक में स्थानांतरित करने की तिथि से पहले किए गए किसी समझौते या अनुबंध में निहित किसी भी बात के बावजूद, राष्ट्रीय बैंक ऐसे व्यक्तियों पर लागू सेवा की किसी भी शर्त और नियम को, जिनकी सेवाएं राष्ट्रीय बैंक में स्थानांतरित की गई हैं और जिन्हें इस धारा के तहत राष्ट्रीय बैंक में नियुक्त किया गया है, ऐसे तरीके से और ऐसी सीमा तक परिवर्तित, संशोधित या निरस्त करने के लिए स्वतंत्र होगा, सिवाय इसके कि राष्ट्रीय बैंक उनके प्रतिकूल वेतन और अन्य पारिश्रमिकों के भुगतान, सेवानिवृत्ति लाभ और अवकाश की पात्रता से संबंधित शर्तों को परिवर्तित नहीं करेगा।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "नियुक्त दिन" से तात्पर्य धारा 3 के अधीन राष्ट्रीय बैंक की स्थापना की तिथि से है।
(2) उपधारा (1) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, राष्ट्रीय बैंक के लिए यह वैध होगा कि वह भारतीय रिज़र्व बैंक के ऐसे कर्मचारियों की सेवाओं का उपयोग करे, और भारतीय रिज़र्व बैंक के लिए यह वैध होगा कि वह भारतीय रिज़र्व बैंक के ऐसे कर्मचारियों की सेवाएं ऐसी शर्तों और नियमों पर उपलब्ध कराए जिन पर राष्ट्रीय बैंक और भारतीय रिज़र्व बैंक के बीच सहमति हो।
(3) उपधारा (6) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, नियुक्त दिन से छह माह की समाप्ति से पहले किसी भी समय, रिजर्व बैंक, जनहित में, रिजर्व बैंक के ऐसे कर्मचारियों को राष्ट्रीय बैंक में स्थानांतरित कर सकता है, जिन्हें रिजर्व बैंक ऐसे कार्य में संलग्न मानता है, या संलग्न किए जाने के लिए उपयुक्त समझता है, जो राष्ट्रीय बैंक के कुशल संचालन के लिए आवश्यक कार्य के समान या उससे मिलते-जुलते कार्य के लिए हो, और ऐसे स्थानांतरण पर उन्हें राष्ट्रीय बैंक द्वारा उपधारा (1) के तहत ऐसे स्थानांतरण की तिथि से नियुक्त माना जाएगा।
बशर्ते कि इस प्रकार स्थानांतरित प्रत्येक व्यक्ति, निर्धारित तिथि से छह माह की अवधि समाप्त होने से पहले, या ऐसे स्थानांतरण से तीस दिनों की अवधि समाप्त होने से पहले, जो भी अवधि बाद में समाप्त हो, इस आशय का लिखित विकल्प देकर रिजर्व बैंक में वापस जाने का विकल्प चुन सकता है, एक बार चुना गया विकल्प अंतिम होगा, और ऐसे विकल्प के प्रयोग पर, रिजर्व बैंक निर्धारित तिथि से अठारह माह की अवधि समाप्त होने से पहले, ऐसे कर्मचारी को वापस ले लेगा और उसे उस अवधि के दौरान राष्ट्रीय बैंक में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा जिस अवधि के दौरान वह राष्ट्रीय बैंक का कर्मचारी था।
(4) (क) रिजर्व बैंक के कर्मचारियों का कोई भी सदस्य, जिसे उप-धारा (3) के अधीन नियुक्त नहीं किया गया है, यदि वह चाहे तो नियुक्त दिन से छह महीने के भीतर रिजर्व बैंक को आवेदन कर सकता है, ताकि उसे राष्ट्रीय बैंक के कर्मचारियों के सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए विचार किया जा सके।
(ख) रिजर्व बैंक, राष्ट्रीय बैंक से परामर्श करके, आवेदक की उपयुक्तता, राष्ट्रीय बैंक में रिक्तियों की उपलब्धता, रिजर्व बैंक और राष्ट्रीय बैंक में सेवा की आवश्यकताएँ और इस संबंध में प्रासंगिक समझे जाने वाले अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए ऐसे आवेदन पर विचार कर सकता है, और यदि रिजर्व बैंक इन कारकों को ध्यान में रखते हुए संतुष्ट है कि आवेदक इस प्रकार नियुक्त होने के लिए उपयुक्त है, तो राष्ट्रीय बैंक को उसकी नियुक्ति की सिफारिश कर सकता है।
(ग) राष्ट्रीय बैंक, नियुक्ति तिथि से अठारह महीनों के भीतर, इस उपधारा के अंतर्गत आवेदन करने वाले ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रीय बैंक के कर्मचारी के रूप में नियुक्त कर सकता है, और ऐसी नियुक्ति पर, ऐसे व्यक्ति को उपधारा (3) के अंतर्गत राष्ट्रीय बैंक में नियुक्त माना जाएगा।
बशर्ते कि उपधारा (3) का परंतुक और उपधारा (5) का परंतुक ऐसे व्यक्ति के संबंध में लागू नहीं होगा।
(5) इस अधिनियम में या किसी अन्य कानून में या किसी अनुबंध में, जो उस समय लागू हो, किसी अन्य प्रावधान के होते हुए भी, नियुक्त तिथि से छह माह की समाप्ति से पहले किसी भी समय, यदि रिजर्व बैंक राष्ट्रीय बैंक के हित में ऐसा करना आवश्यक समझे, तो राष्ट्रीय बैंक के किसी भी कर्मचारी को पदोन्नति द्वारा रिजर्व बैंक में स्थानांतरित कर सकता है, और रिजर्व बैंक में ऐसे स्थानांतरण पर, प्रत्येक कर्मचारी को रिजर्व बैंक का कर्मचारी माना जाएगा और वह उसी वेतन, पारिश्रमिक और सेवा की अन्य शर्तों का हकदार होगा, जिनका वह स्थानांतरण की तिथि से ठीक पहले हकदार था, जिसमें पदोन्नति से प्रत्यक्ष रूप से उत्पन्न होने वाले लाभ, यदि कोई हो, शामिल हैं।
बशर्ते कि उपर्युक्त तरीके से स्थानांतरित होने वाला प्रत्येक कर्मचारी, निर्धारित तिथि से छह महीने की अवधि समाप्त होने से पहले या ऐसे स्थानांतरण के तीस दिनों के भीतर, जो भी अवधि बाद में समाप्त हो, इस आशय का लिखित विकल्प देकर राष्ट्रीय बैंक में वापस जाने का विकल्प चुन सकता है, एक बार चुना गया विकल्प अंतिम होगा, और ऐसे विकल्प के प्रयोग पर, राष्ट्रीय बैंक निर्धारित तिथि से अठारह महीने की अवधि समाप्त होने से पहले ऐसे कर्मचारी को वापस ले लेगा और उसे उस अवधि के दौरान रिजर्व बैंक में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा जिस अवधि के लिए वह रिजर्व बैंक का कर्मचारी था।
(6) प्रत्येक व्यक्ति,--
(क) जो धारा 16 की उपधारा (1) के अधीन निर्धारित तिथि से ठीक पहले कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम का कर्मचारी हो; या
(ख) जो रिजर्व बैंक का कर्मचारी है, लेकिन जिसकी सेवाओं का उपयोग उक्त निगम द्वारा उस तिथि से ठीक पहले किया जा रहा है,
उक्त तिथि को उपधारा (1) के अंतर्गत राष्ट्रीय बैंक द्वारा नियुक्त माना जाएगा:
बशर्ते कि रिजर्व बैंक के प्रत्येक कर्मचारी, जिसे नियुक्त माना जाता है, और जिसे विशेष रूप से कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम में उपयोग के लिए भर्ती नहीं किया गया था, नियुक्त तिथि से छह महीने की अवधि समाप्त होने से पहले या धारा 16 की उपधारा (1) के तहत नियुक्त तिथि से तीस दिनों की अवधि के भीतर, जो भी अवधि बाद में समाप्त हो, इस आशय का लिखित विकल्प चुनकर रिजर्व बैंक में वापस जाने का विकल्प चुन सकता है, एक बार चुना गया विकल्प अंतिम होगा, और ऐसे विकल्प के प्रयोग पर, रिजर्व बैंक नियुक्त तिथि से अठारह महीने की अवधि समाप्त होने से पहले ऐसे कर्मचारी को वापस ले लेगा और उसे उस अवधि के दौरान राष्ट्रीय बैंक में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा जिस अवधि के दौरान वह राष्ट्रीय बैंक का कर्मचारी था।
(7) किसी अन्य कानून या किसी समझौते में, जो उस समय लागू हो, किसी भी कर्मचारी को उपधारा (3) से (6) के तहत उसके स्थानांतरण, नियुक्ति या वापसी से संबंधित किसी भी मामले के लिए किसी मुआवजे का दावा करने का अधिकार नहीं होगा और इस संबंध में किसी भी न्यायालय, न्यायाधिकरण या अन्य प्राधिकरण द्वारा कोई दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
(8) उपधारा (10) और उपधारा (11) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम या रिजर्व बैंक के कर्मचारियों का प्रत्येक सदस्य, जिसे इस धारा के अधीन राष्ट्रीय बैंक के कर्मचारियों के सदस्य के रूप में नियुक्त माना जाता है, राष्ट्रीय बैंक द्वारा उसी वेतन, पारिश्रमिक और सेवा की अन्य शर्तों एवं नियमों पर नियुक्त माना जाएगा, जिसके लिए वह राष्ट्रीय बैंक में अपनी नियुक्ति से ठीक पहले हकदार था।
(9) सेवानिवृत्ति लाभों से संबंधित प्रावधान, अर्थात् भविष्य निधि से संबंधित विनियम और ग्रेच्युटी एवं अनुकंपा ग्रेच्युटी के भुगतान से संबंधित नियम और सेवानिवृत्ति से संबंधित कोई अन्य प्रावधान जो नियुक्त दिन पर रिजर्व बैंक के कर्मचारियों पर लागू होते हैं, राष्ट्रीय बैंक के कर्मचारियों पर भी यथासंभव लागू होंगे, जब तक कि राष्ट्रीय बैंक उनमें कोई परिवर्तन या संशोधन न कर दे।
बशर्ते कि निर्धारित दिन के बाद, राष्ट्रीय बैंक द्वारा भविष्य निधि विनियमों के संबंध में धारा 60 के अनुसार और अन्य नियमों के संबंध में उसी प्रकार परिवर्तन या संशोधन किया जा सकता है, जिस प्रकार इस उपधारा के अभाव में उनमें परिवर्तन या संशोधन किया जाता।
इसके अलावा, निर्धारित तिथि से छह महीने की समाप्ति के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक के कर्मचारी भविष्य निधि में उन कर्मचारियों के खाते में जमा शेष राशि, जिनकी सेवाएं इस धारा के तहत राष्ट्रीय बैंक में स्थानांतरित की जाती हैं और जो रिज़र्व बैंक में वापस जाने का विकल्प नहीं चुनते हैं, राष्ट्रीय बैंक की भविष्य निधि में उसी या समान शर्तों पर स्थानांतरित कर दी जाएगी और रखी जाएगी, जिन शर्तों के अधीन वे शेष राशि पहले भारतीय रिज़र्व बैंक के कर्मचारी भविष्य निधि में रखी गई थीं।
(10) किसी अन्य कानून, समझौते या अनुबंध में किसी बात के होते हुए भी, राष्ट्रीय बैंक द्वारा नियोजित प्रत्येक व्यक्ति या जिसकी सेवाएं इस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय बैंक को हस्तांतरित की गई हैं, भारत में कहीं भी सेवा करने के लिए उत्तरदायी होगा।
(11) औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (14 ऑफ 1947), या उस समय लागू किसी अन्य कानून, या किसी औद्योगिक न्यायाधिकरण, न्यायालय या अन्य प्राधिकरण के किसी पुरस्कार, निर्णय, डिक्री, फैसले या आदेश, या इस धारा के तहत किसी व्यक्ति की सेवाओं को राष्ट्रीय बैंक में स्थानांतरित करने की तिथि से पहले किए गए किसी समझौते या अनुबंध में निहित किसी भी बात के बावजूद, राष्ट्रीय बैंक ऐसे व्यक्तियों पर लागू सेवा की किसी भी शर्त और नियम को, जिनकी सेवाएं राष्ट्रीय बैंक में स्थानांतरित की गई हैं और जिन्हें इस धारा के तहत राष्ट्रीय बैंक में नियुक्त किया गया है, ऐसे तरीके से और ऐसी सीमा तक परिवर्तित, संशोधित या निरस्त करने के लिए स्वतंत्र होगा, सिवाय इसके कि राष्ट्रीय बैंक उनके प्रतिकूल वेतन और अन्य पारिश्रमिकों के भुगतान, सेवानिवृत्ति लाभ और अवकाश की पात्रता से संबंधित शर्तों को परिवर्तित नहीं करेगा।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "नियुक्त दिन" से तात्पर्य धारा 3 के अधीन राष्ट्रीय बैंक की स्थापना की तिथि से है।
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