ESI Act 1अध्याय I · Preliminary
धारा 1 · संक्षिप्त नाम, विस्तार, प्रारम्भ और लागू होना
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यह अधिनियम कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 कहा जा सकेगा ।
(2) इसका विस्तार *** सम्पूर्ण भारत पर है ।
(3) यह उस तारीख या उन तारीखों को प्रवृत्त होगा जिसे या जिन्हें केन्द्रीय सरकार, शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करे और इस अधिनियम के विभिन्न उपबन्धों के लिए और [विभिन्न राज्यों के लिए या उनके विभिन्न भागों के लिए विभिन्न तारीखें नियत की जा सकेंगी ।
(4) यह प्रथमतः मौसमी कारखानों से भिन्न सब कारखानों को (जिनके अन्तर्गत सरकार के कारखाने आते हैं) लागू होगा :
[परन्तु इस उपधारा में अन्तर्विष्ट कोई बात सरकार के या उसके नियंत्रणाधीन किसी ऐसे कारखाने या स्थापन को लागू नहीं होगी जिसके कर्मचारी इस अधिनियम के अधीन उपबंधित फायदों के सारभूत रूप से समरूप या उच्चतर फायदे अन्यथा प्राप्त कर रहे हैं ।]
(5) समुचित सरकार, निगम से परामर्श करके, और [जहां समुचित सरकार राज्य सरकार है वहां केन्द्रीय सरकार के अनुमोदन से, ऐसा करने के अपने आशय को [छह मास] की सूचना, शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, देने के पश्चात्, इस अधिनियम के उपबन्धों का या उनमें से किसी का भी विस्तार किसी अन्य स्थापन या स्थापनों के वर्ग पर, चाहे वे औद्योगिक, वाणिज्यिक, कृषिक या अन्य प्रकार के हों, कर सकेगीः
परंतु जहां इस अधिनियम के उपबन्ध किसी राज्य के किसी भाग में प्रवृत्त किए गए हैं वहां उक्त उपबंधों का विस्तार उस भाग के भीतर किसी ऐसे स्थापन या स्थापनों के वर्ग तक हो जाएगा यदि उन उपबंधों का विस्तार उस राज्य के किसी अन्य भाग में समरूप स्थापन या स्थापनों के वर्ग तक पहले से ही किया गया है ।
(6) कोई ऐसा कारखाना या स्थापन, जिसे यह अधिनियम लागू होता है, इस अधिनियम द्वारा इस बात के होते हुए भी शासित होता रहेगा कि उसमें नियोजित व्यक्तियों की संख्या इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन विनिर्दिष्ट सीमा से किसी समय कम हो जाती है या उसमें विनिर्माण प्रक्रिया शक्ति की सहयता से की जानी बंद हो जाती है ।
(2) इसका विस्तार *** सम्पूर्ण भारत पर है ।
(3) यह उस तारीख या उन तारीखों को प्रवृत्त होगा जिसे या जिन्हें केन्द्रीय सरकार, शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करे और इस अधिनियम के विभिन्न उपबन्धों के लिए और [विभिन्न राज्यों के लिए या उनके विभिन्न भागों के लिए विभिन्न तारीखें नियत की जा सकेंगी ।
(4) यह प्रथमतः मौसमी कारखानों से भिन्न सब कारखानों को (जिनके अन्तर्गत सरकार के कारखाने आते हैं) लागू होगा :
[परन्तु इस उपधारा में अन्तर्विष्ट कोई बात सरकार के या उसके नियंत्रणाधीन किसी ऐसे कारखाने या स्थापन को लागू नहीं होगी जिसके कर्मचारी इस अधिनियम के अधीन उपबंधित फायदों के सारभूत रूप से समरूप या उच्चतर फायदे अन्यथा प्राप्त कर रहे हैं ।]
(5) समुचित सरकार, निगम से परामर्श करके, और [जहां समुचित सरकार राज्य सरकार है वहां केन्द्रीय सरकार के अनुमोदन से, ऐसा करने के अपने आशय को [छह मास] की सूचना, शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, देने के पश्चात्, इस अधिनियम के उपबन्धों का या उनमें से किसी का भी विस्तार किसी अन्य स्थापन या स्थापनों के वर्ग पर, चाहे वे औद्योगिक, वाणिज्यिक, कृषिक या अन्य प्रकार के हों, कर सकेगीः
परंतु जहां इस अधिनियम के उपबन्ध किसी राज्य के किसी भाग में प्रवृत्त किए गए हैं वहां उक्त उपबंधों का विस्तार उस भाग के भीतर किसी ऐसे स्थापन या स्थापनों के वर्ग तक हो जाएगा यदि उन उपबंधों का विस्तार उस राज्य के किसी अन्य भाग में समरूप स्थापन या स्थापनों के वर्ग तक पहले से ही किया गया है ।
(6) कोई ऐसा कारखाना या स्थापन, जिसे यह अधिनियम लागू होता है, इस अधिनियम द्वारा इस बात के होते हुए भी शासित होता रहेगा कि उसमें नियोजित व्यक्तियों की संख्या इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन विनिर्दिष्ट सीमा से किसी समय कम हो जाती है या उसमें विनिर्माण प्रक्रिया शक्ति की सहयता से की जानी बंद हो जाती है ।
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