ESI Act 50अध्याय V · Benefits
धारा 50 · प्रसूति-प्रसुविधा
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई बीमाकृत स्त्री ऐसी किसी प्रसवावस्था के लिए, जो किसी प्रसुविधा-कालावधि में हो या होनी प्रत्याशित हो, प्रसूति-प्रसुविधा का दावा करने के लिए उस दशा में अर्हित होगी जिसमें उसकी बाबत अभिदाय तत्संबंधी अभिदाय कालावधि के दिनों की संख्या के आधे से अन्यून के लिए संदेय थे ।
(2) वह बीमाकृत स्त्री जो उपधारा (1) के अनुसार प्रसूति-प्रसुविधा का दावा करने के लिए अर्हित है, इस अधिनियम के और यदि कोई विनियम हों तो उनके उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए, उन सभी दिनों के लिए जिनमें वह, उन बारह सप्ताहों की कालावधि के दौरान, जिनमें से प्रसवावस्था प्रत्याशित तारीख से पहले वाले छह से अधिक न होंगे, पारिश्रमिक के लिए काम नहीं करती हैं, ऐसी प्रसुविधा [प्रथम अनुसूची] में [विनिर्दिष्ट दैनिक दर पर] पाने की हकदार होगी :
परन्तु जहां बीमाकृत स्त्री अपनी प्रसवावस्था के दौरान या अपनी ऐसी प्रसवावस्था के ठीक पश्चात्वर्ती छह सप्ताहों की कालावधि के दौरान, जिसके लिए वह प्रसूति-प्रसुविधा की हकदार है, कोई शिशु छोड़कर मर जाती है वहां प्रसूति-प्रसुविधा उस सम्पूर्ण कालावधि के लिए दी जाएगी, किन्तु यदि उक्त कालावधि के दौरान शिशु भी मर जाता है तो प्रसूति-प्रसुविधा शिशु की मृत्यु तक के दिनों के लिए, जिनमें मृत्यु का दिन भी सम्मिलित है, ऐसे व्यक्ति को, जिसे बीमाकृत स्त्री ने ऐसी रीति से नामनिर्दिष्ट किया हो जैसी विनियमों में विनिर्दिष्ट की जाए और यदि ऐसा कोई नामनिर्देशिती न हो तो उसके विधिक प्रतिनिधि को, दी जाएगी ।
(3) वह बीमाकृत स्त्री जो उपधारा (1) के अनुसार प्रसूति-प्रसुविधा का दावा करने के लिए अर्हित है, गर्भपात की दशा में ऐसा सबूत पेश करने पर, जैसा विनियमों के अधीन अपेक्षित हो, प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट दरों पर प्रसूति-प्रसुविधा की उन सभी दिनों के लिए हकदार होगी जिनमें वह अपने गर्भपात की तारीख के ठीक पश्चात्वर्ती छह सप्ताहों की कालावधि के दौरान पारिश्रमिक के लिए काम नहीं करती ।
(4) वह बीमाकृत स्त्री, जो उपधारा (1) के अनुसार प्रसूति-प्रसुविधा का दावा करने के लिए अर्हित है, गर्भावस्था, प्रसवावस्था समय-पूर्व शिशु-जन्म या गर्भपात से उद्भूत बीमारी की दशा में, ऐसा सबूत पेश करने पर, जैसा विनियमों के अधीन अपेक्षित हो, उन सभी दिनों के लिए, जिनमें वह पारिश्रमिक के लिए काम नहीं करती इस अधिनियम के किन्हीं अन्य उपबन्धों के अधीन उसे संदेय प्रसूति-प्रसुविधा के अतिरिक्त, प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट दरों पर प्रसूति-प्रसुविधा की, एक मास से अनधिक की अतिरिक्त कालावधि के दौरान के उन सभी दिनों के लिए, जिनको वह पारिश्रमिक के लिए काम नहीं करती, हकदार होगी ।
(2) वह बीमाकृत स्त्री जो उपधारा (1) के अनुसार प्रसूति-प्रसुविधा का दावा करने के लिए अर्हित है, इस अधिनियम के और यदि कोई विनियम हों तो उनके उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए, उन सभी दिनों के लिए जिनमें वह, उन बारह सप्ताहों की कालावधि के दौरान, जिनमें से प्रसवावस्था प्रत्याशित तारीख से पहले वाले छह से अधिक न होंगे, पारिश्रमिक के लिए काम नहीं करती हैं, ऐसी प्रसुविधा [प्रथम अनुसूची] में [विनिर्दिष्ट दैनिक दर पर] पाने की हकदार होगी :
परन्तु जहां बीमाकृत स्त्री अपनी प्रसवावस्था के दौरान या अपनी ऐसी प्रसवावस्था के ठीक पश्चात्वर्ती छह सप्ताहों की कालावधि के दौरान, जिसके लिए वह प्रसूति-प्रसुविधा की हकदार है, कोई शिशु छोड़कर मर जाती है वहां प्रसूति-प्रसुविधा उस सम्पूर्ण कालावधि के लिए दी जाएगी, किन्तु यदि उक्त कालावधि के दौरान शिशु भी मर जाता है तो प्रसूति-प्रसुविधा शिशु की मृत्यु तक के दिनों के लिए, जिनमें मृत्यु का दिन भी सम्मिलित है, ऐसे व्यक्ति को, जिसे बीमाकृत स्त्री ने ऐसी रीति से नामनिर्दिष्ट किया हो जैसी विनियमों में विनिर्दिष्ट की जाए और यदि ऐसा कोई नामनिर्देशिती न हो तो उसके विधिक प्रतिनिधि को, दी जाएगी ।
(3) वह बीमाकृत स्त्री जो उपधारा (1) के अनुसार प्रसूति-प्रसुविधा का दावा करने के लिए अर्हित है, गर्भपात की दशा में ऐसा सबूत पेश करने पर, जैसा विनियमों के अधीन अपेक्षित हो, प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट दरों पर प्रसूति-प्रसुविधा की उन सभी दिनों के लिए हकदार होगी जिनमें वह अपने गर्भपात की तारीख के ठीक पश्चात्वर्ती छह सप्ताहों की कालावधि के दौरान पारिश्रमिक के लिए काम नहीं करती ।
(4) वह बीमाकृत स्त्री, जो उपधारा (1) के अनुसार प्रसूति-प्रसुविधा का दावा करने के लिए अर्हित है, गर्भावस्था, प्रसवावस्था समय-पूर्व शिशु-जन्म या गर्भपात से उद्भूत बीमारी की दशा में, ऐसा सबूत पेश करने पर, जैसा विनियमों के अधीन अपेक्षित हो, उन सभी दिनों के लिए, जिनमें वह पारिश्रमिक के लिए काम नहीं करती इस अधिनियम के किन्हीं अन्य उपबन्धों के अधीन उसे संदेय प्रसूति-प्रसुविधा के अतिरिक्त, प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट दरों पर प्रसूति-प्रसुविधा की, एक मास से अनधिक की अतिरिक्त कालावधि के दौरान के उन सभी दिनों के लिए, जिनको वह पारिश्रमिक के लिए काम नहीं करती, हकदार होगी ।
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