CGST Act 10अध्याय III · Levy and Collection of Tax
धारा 10 · समझौता शुल्क।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम में किसी विपरीत प्रावधान के होते हुए भी, धारा 9 की उपधारा ( 3 ) और ( 4 ) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, एक पंजीकृत व्यक्ति, जिसका पिछले वित्तीय वर्ष में कुल कारोबार पचास लाख रुपये से अधिक नहीं था, धारा 9 की उपधारा ( 1 ) के तहत देय कर के स्थान पर, निर्धारित दर पर परिकलित कर की राशि का भुगतान करने का विकल्प चुन सकता है , जो कि इससे अधिक नहीं होगी:
(क) किसी निर्माता के मामले में राज्य में कारोबार का एक प्रतिशत या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार का एक प्रतिशत।
(ख) अनुसूची द्वितीय के अनुच्छेद 6 के खंड (ख) में निर्दिष्ट आपूर्ति करने में लगे व्यक्तियों के मामले में राज्य में कारोबार का ढाई प्रतिशत या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार का ढाई प्रतिशत, और
(ग) अन्य आपूर्तिकर्ताओं के मामले में राज्य में कारोबार का आधा प्रतिशत या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार का आधा प्रतिशत।
ऐसी शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है:
बशर्ते कि सरकार अधिसूचना द्वारा उक्त पचास लाख रुपये की सीमा को परिषद द्वारा अनुशंसित ऐसी उच्च राशि तक बढ़ा सकती है, जो एक करोड़ पचास लाख रुपये से अधिक न हो।
3. इसके अलावा, जो व्यक्ति खंड ( क ) या खंड (ख) या खंड ( ग ) के अंतर्गत कर भुगतान करने का विकल्प चुनता है, वह किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष में हुए कारोबार के दस प्रतिशत या पाँच लाख रुपये, जो भी अधिक हो, से अधिक मूल्य की सेवाएं (अनुसूची द्वितीय के अनुच्छेद 6 के खंड ( ख) में संदर्भित सेवाओं के अतिरिक्त) प्रदान कर सकता है।
4 [ स्पष्टीकरण .--द्वितीय परंतुक के प्रयोजनों के लिए, जमा, ऋण या अग्रिम प्रदान करने के माध्यम से दी गई छूट प्राप्त सेवाओं की आपूर्ति का मूल्य, जहां तक प्रतिफल ब्याज या छूट के रूप में दर्शाया गया है, किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार के मूल्य का निर्धारण करने के लिए ध्यान में नहीं रखा जाएगा।]
(2) पंजीकृत व्यक्ति उप-धारा (1) के अंतर्गत विकल्प चुनने के लिए पात्र होगा, यदि:---
5 [(क) उपधारा (1) में दिए गए प्रावधान के अलावा, वह सेवाओं की आपूर्ति में संलग्न नहीं है;]
(ख) वह ऐसी किसी भी वस्तु [या सेवाओं] की आपूर्ति करने में संलग्न नहीं है जिस पर इस अधिनियम के अंतर्गत कर नहीं लगाया जा सकता है;
(ग) वह किसी भी अंतर-राज्यीय माल [या सेवाओं] की बाहरी आपूर्ति करने में संलग्न नहीं है;
(घ) वह किसी ऐसे इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य संचालक के माध्यम से 7 *** 6 [या सेवाओं] की आपूर्ति करने में संलग्न नहीं है, जिसे धारा 52 के तहत स्रोत पर कर वसूलना आवश्यक है; 8 ***
(ई) वह ऐसे माल का निर्माता नहीं है जिसे सरकार द्वारा 9 [परिषद] की सिफारिशों पर अधिसूचित किया जा सकता है; और]
10 [(एफ) वह न तो आकस्मिक कर योग्य व्यक्ति है और न ही अनिवासी कर योग्य व्यक्ति है:]
बशर्ते कि जहां एक से अधिक पंजीकृत व्यक्तियों के पास एक ही स्थायी खाता संख्या (आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) के तहत जारी) है, पंजीकृत व्यक्ति उप-धारा ( 1 ) के तहत योजना का विकल्प चुनने के लिए पात्र नहीं होगा, जब तक कि ऐसे सभी पंजीकृत व्यक्ति उस उप-धारा के तहत कर का भुगतान करने का विकल्प नहीं चुनते।
10 [ (2ए) इस अधिनियम में किसी विपरीत प्रावधान के होते हुए भी, धारा 9 की उपधारा (3) और (4) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, कोई पंजीकृत व्यक्ति, जो उपधारा (1) और उपधारा (2) के अधीन कर भुगतान करने का विकल्प चुनने के लिए पात्र नहीं है, जिसका पिछले वित्तीय वर्ष में कुल कारोबार पचास लाख रुपये से अधिक नहीं था, धारा 9 की उपधारा ( 1 ) के अधीन देय कर के स्थान पर, निर्धारित दर पर गणना की गई कर की राशि का भुगतान करने का विकल्प चुन सकता है, जो राज्य में कारोबार या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार के तीन प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, यदि वह नहीं है---
(क) ऐसी वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति करने में संलग्न होना जिन पर इस अधिनियम के अंतर्गत कर नहीं लगता;
(ख) अंतर-राज्यीय माल या सेवाओं की बाहरी आपूर्ति करने में संलग्न;
(ग) किसी इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य ऑपरेटर के माध्यम से 7 *** सेवाओं की आपूर्ति करने में संलग्न, जिसे धारा 52 के तहत स्रोत पर कर एकत्र करना आवश्यक है;
(घ) ऐसे माल का निर्माता या ऐसी सेवाओं का आपूर्तिकर्ता जिसे परिषद की सिफारिशों पर सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है; और
(ई) आकस्मिक कर योग्य व्यक्ति या अनिवासी कर योग्य व्यक्ति:
बशर्ते कि जहां एक से अधिक पंजीकृत व्यक्तियों के पास आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) के तहत जारी किया गया एक ही स्थायी खाता क्रमांक है, तो पंजीकृत व्यक्ति इस उपधारा के तहत योजना का विकल्प चुनने के लिए तब तक पात्र नहीं होंगे जब तक कि ऐसे सभी पंजीकृत व्यक्ति इस उपधारा के तहत कर का भुगतान करने का विकल्प नहीं चुनते।
(3) उपधारा ( 1 ) 10 [या उपधारा (2ए) , जैसा भी मामला हो] के तहत पंजीकृत व्यक्ति द्वारा लिया गया विकल्प उस दिन से समाप्त हो जाएगा जिस दिन किसी वित्तीय वर्ष के दौरान उसका कुल कारोबार उपधारा ( 1 ) 10 [या उपधारा (2ए) , जैसा भी मामला हो] के तहत निर्दिष्ट सीमा से अधिक हो जाता है।
(4) कर योग्य व्यक्ति जिस पर उप-धारा ( 1 ) 10 [या, जैसा भी मामला हो, उप-धारा (2ए) ] के प्रावधान लागू होते हैं, वह प्राप्तकर्ता से उसके द्वारा की गई आपूर्ति पर कोई कर एकत्र नहीं करेगा और न ही वह इनपुट कर के किसी क्रेडिट का हकदार होगा।
(5) यदि उचित अधिकारी को यह विश्वास करने का कारण है कि किसी कर योग्य व्यक्ति ने उपधारा ( 1 ) 10 [या उपधारा (2ए), जैसा भी मामला हो] के तहत पात्र न होते हुए भी कर का भुगतान किया है, तो ऐसा व्यक्ति इस अधिनियम के किसी अन्य प्रावधान के तहत उसके द्वारा देय किसी भी कर के अतिरिक्त दंड का भागी होगा और धारा 73 या धारा 74 11 [या धारा 74ए] के प्रावधान, यथावश्यक परिवर्तनों के साथ , कर और दंड के निर्धारण के लिए लागू होंगे।
12 [ स्पष्टीकरण 1.--- इस धारा के अंतर्गत कर भुगतान करने की पात्रता निर्धारित करने हेतु किसी व्यक्ति के कुल कारोबार की गणना के प्रयोजनों के लिए, "कुल कारोबार" अभिव्यक्ति में किसी वित्तीय वर्ष के 1 अप्रैल से लेकर उस तिथि तक जब वह इस अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण के लिए उत्तरदायी हो जाता है, उस व्यक्ति द्वारा की गई आपूर्तियों का मूल्य शामिल होगा, परन्तु इसमें जमा, ऋण या अग्रिम प्रदान करने के रूप में दी गई छूट प्राप्त सेवाओं की आपूर्ति का मूल्य शामिल नहीं होगा, जहाँ तक प्रतिफल ब्याज या छूट के रूप में दर्शाया गया हो।
स्पष्टीकरण 2.--- इस धारा के अधीन किसी व्यक्ति द्वारा देय कर का निर्धारण करते समय, "राज्य में कारोबार या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार" अभिव्यक्ति में निम्नलिखित आपूर्तियों का मूल्य शामिल नहीं होगा, अर्थात्:---
(i) वित्तीय वर्ष के अप्रैल महीने के पहले दिन से लेकर उस तिथि तक जब ऐसा व्यक्ति इस अधिनियम के तहत पंजीकरण के लिए उत्तरदायी हो जाता है, आपूर्ति; और
(ii) जमा, ऋण या अग्रिम देने के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं की आपूर्ति को छूट दी जाएगी, जहाँ तक प्रतिफल ब्याज या छूट के रूप में दिया जाता है।]
(क) किसी निर्माता के मामले में राज्य में कारोबार का एक प्रतिशत या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार का एक प्रतिशत।
(ख) अनुसूची द्वितीय के अनुच्छेद 6 के खंड (ख) में निर्दिष्ट आपूर्ति करने में लगे व्यक्तियों के मामले में राज्य में कारोबार का ढाई प्रतिशत या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार का ढाई प्रतिशत, और
(ग) अन्य आपूर्तिकर्ताओं के मामले में राज्य में कारोबार का आधा प्रतिशत या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार का आधा प्रतिशत।
ऐसी शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है:
बशर्ते कि सरकार अधिसूचना द्वारा उक्त पचास लाख रुपये की सीमा को परिषद द्वारा अनुशंसित ऐसी उच्च राशि तक बढ़ा सकती है, जो एक करोड़ पचास लाख रुपये से अधिक न हो।
3. इसके अलावा, जो व्यक्ति खंड ( क ) या खंड (ख) या खंड ( ग ) के अंतर्गत कर भुगतान करने का विकल्प चुनता है, वह किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष में हुए कारोबार के दस प्रतिशत या पाँच लाख रुपये, जो भी अधिक हो, से अधिक मूल्य की सेवाएं (अनुसूची द्वितीय के अनुच्छेद 6 के खंड ( ख) में संदर्भित सेवाओं के अतिरिक्त) प्रदान कर सकता है।
4 [ स्पष्टीकरण .--द्वितीय परंतुक के प्रयोजनों के लिए, जमा, ऋण या अग्रिम प्रदान करने के माध्यम से दी गई छूट प्राप्त सेवाओं की आपूर्ति का मूल्य, जहां तक प्रतिफल ब्याज या छूट के रूप में दर्शाया गया है, किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार के मूल्य का निर्धारण करने के लिए ध्यान में नहीं रखा जाएगा।]
(2) पंजीकृत व्यक्ति उप-धारा (1) के अंतर्गत विकल्प चुनने के लिए पात्र होगा, यदि:---
5 [(क) उपधारा (1) में दिए गए प्रावधान के अलावा, वह सेवाओं की आपूर्ति में संलग्न नहीं है;]
(ख) वह ऐसी किसी भी वस्तु [या सेवाओं] की आपूर्ति करने में संलग्न नहीं है जिस पर इस अधिनियम के अंतर्गत कर नहीं लगाया जा सकता है;
(ग) वह किसी भी अंतर-राज्यीय माल [या सेवाओं] की बाहरी आपूर्ति करने में संलग्न नहीं है;
(घ) वह किसी ऐसे इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य संचालक के माध्यम से 7 *** 6 [या सेवाओं] की आपूर्ति करने में संलग्न नहीं है, जिसे धारा 52 के तहत स्रोत पर कर वसूलना आवश्यक है; 8 ***
(ई) वह ऐसे माल का निर्माता नहीं है जिसे सरकार द्वारा 9 [परिषद] की सिफारिशों पर अधिसूचित किया जा सकता है; और]
10 [(एफ) वह न तो आकस्मिक कर योग्य व्यक्ति है और न ही अनिवासी कर योग्य व्यक्ति है:]
बशर्ते कि जहां एक से अधिक पंजीकृत व्यक्तियों के पास एक ही स्थायी खाता संख्या (आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) के तहत जारी) है, पंजीकृत व्यक्ति उप-धारा ( 1 ) के तहत योजना का विकल्प चुनने के लिए पात्र नहीं होगा, जब तक कि ऐसे सभी पंजीकृत व्यक्ति उस उप-धारा के तहत कर का भुगतान करने का विकल्प नहीं चुनते।
10 [ (2ए) इस अधिनियम में किसी विपरीत प्रावधान के होते हुए भी, धारा 9 की उपधारा (3) और (4) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, कोई पंजीकृत व्यक्ति, जो उपधारा (1) और उपधारा (2) के अधीन कर भुगतान करने का विकल्प चुनने के लिए पात्र नहीं है, जिसका पिछले वित्तीय वर्ष में कुल कारोबार पचास लाख रुपये से अधिक नहीं था, धारा 9 की उपधारा ( 1 ) के अधीन देय कर के स्थान पर, निर्धारित दर पर गणना की गई कर की राशि का भुगतान करने का विकल्प चुन सकता है, जो राज्य में कारोबार या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार के तीन प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, यदि वह नहीं है---
(क) ऐसी वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति करने में संलग्न होना जिन पर इस अधिनियम के अंतर्गत कर नहीं लगता;
(ख) अंतर-राज्यीय माल या सेवाओं की बाहरी आपूर्ति करने में संलग्न;
(ग) किसी इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य ऑपरेटर के माध्यम से 7 *** सेवाओं की आपूर्ति करने में संलग्न, जिसे धारा 52 के तहत स्रोत पर कर एकत्र करना आवश्यक है;
(घ) ऐसे माल का निर्माता या ऐसी सेवाओं का आपूर्तिकर्ता जिसे परिषद की सिफारिशों पर सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है; और
(ई) आकस्मिक कर योग्य व्यक्ति या अनिवासी कर योग्य व्यक्ति:
बशर्ते कि जहां एक से अधिक पंजीकृत व्यक्तियों के पास आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) के तहत जारी किया गया एक ही स्थायी खाता क्रमांक है, तो पंजीकृत व्यक्ति इस उपधारा के तहत योजना का विकल्प चुनने के लिए तब तक पात्र नहीं होंगे जब तक कि ऐसे सभी पंजीकृत व्यक्ति इस उपधारा के तहत कर का भुगतान करने का विकल्प नहीं चुनते।
(3) उपधारा ( 1 ) 10 [या उपधारा (2ए) , जैसा भी मामला हो] के तहत पंजीकृत व्यक्ति द्वारा लिया गया विकल्प उस दिन से समाप्त हो जाएगा जिस दिन किसी वित्तीय वर्ष के दौरान उसका कुल कारोबार उपधारा ( 1 ) 10 [या उपधारा (2ए) , जैसा भी मामला हो] के तहत निर्दिष्ट सीमा से अधिक हो जाता है।
(4) कर योग्य व्यक्ति जिस पर उप-धारा ( 1 ) 10 [या, जैसा भी मामला हो, उप-धारा (2ए) ] के प्रावधान लागू होते हैं, वह प्राप्तकर्ता से उसके द्वारा की गई आपूर्ति पर कोई कर एकत्र नहीं करेगा और न ही वह इनपुट कर के किसी क्रेडिट का हकदार होगा।
(5) यदि उचित अधिकारी को यह विश्वास करने का कारण है कि किसी कर योग्य व्यक्ति ने उपधारा ( 1 ) 10 [या उपधारा (2ए), जैसा भी मामला हो] के तहत पात्र न होते हुए भी कर का भुगतान किया है, तो ऐसा व्यक्ति इस अधिनियम के किसी अन्य प्रावधान के तहत उसके द्वारा देय किसी भी कर के अतिरिक्त दंड का भागी होगा और धारा 73 या धारा 74 11 [या धारा 74ए] के प्रावधान, यथावश्यक परिवर्तनों के साथ , कर और दंड के निर्धारण के लिए लागू होंगे।
12 [ स्पष्टीकरण 1.--- इस धारा के अंतर्गत कर भुगतान करने की पात्रता निर्धारित करने हेतु किसी व्यक्ति के कुल कारोबार की गणना के प्रयोजनों के लिए, "कुल कारोबार" अभिव्यक्ति में किसी वित्तीय वर्ष के 1 अप्रैल से लेकर उस तिथि तक जब वह इस अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण के लिए उत्तरदायी हो जाता है, उस व्यक्ति द्वारा की गई आपूर्तियों का मूल्य शामिल होगा, परन्तु इसमें जमा, ऋण या अग्रिम प्रदान करने के रूप में दी गई छूट प्राप्त सेवाओं की आपूर्ति का मूल्य शामिल नहीं होगा, जहाँ तक प्रतिफल ब्याज या छूट के रूप में दर्शाया गया हो।
स्पष्टीकरण 2.--- इस धारा के अधीन किसी व्यक्ति द्वारा देय कर का निर्धारण करते समय, "राज्य में कारोबार या केंद्र शासित प्रदेश में कारोबार" अभिव्यक्ति में निम्नलिखित आपूर्तियों का मूल्य शामिल नहीं होगा, अर्थात्:---
(i) वित्तीय वर्ष के अप्रैल महीने के पहले दिन से लेकर उस तिथि तक जब ऐसा व्यक्ति इस अधिनियम के तहत पंजीकरण के लिए उत्तरदायी हो जाता है, आपूर्ति; और
(ii) जमा, ऋण या अग्रिम देने के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं की आपूर्ति को छूट दी जाएगी, जहाँ तक प्रतिफल ब्याज या छूट के रूप में दिया जाता है।]
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