CGST Act 16अध्याय V · Input Tax Credit
धारा 16 · इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने की पात्रता और शर्तें।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति, धारा 49 में निर्धारित शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए और निर्दिष्ट तरीके से, उसे आपूर्ति की गई वस्तुओं या सेवाओं या दोनों पर लगाए गए इनपुट टैक्स का क्रेडिट लेने का हकदार होगा, जिनका उपयोग उसके व्यवसाय के दौरान या उसके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है या किया जाना है, और उक्त राशि ऐसे व्यक्ति के इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में जमा की जाएगी।
(2) इस धारा में किसी बात के होते हुए भी, कोई भी पंजीकृत व्यक्ति किसी भी माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के संबंध में किसी भी इनपुट टैक्स का क्रेडिट पाने का हकदार नहीं होगा, जब तक कि,---
(क) उसके पास इस अधिनियम के तहत पंजीकृत आपूर्तिकर्ता द्वारा जारी किया गया कर चालान या डेबिट नोट, या ऐसे अन्य कर भुगतान दस्तावेज हैं, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है;
1 [(अ) खंड (क) में निर्दिष्ट चालान या डेबिट नोट का विवरण आपूर्तिकर्ता द्वारा बाहरी आपूर्ति के विवरण में प्रस्तुत किया गया है और ऐसा विवरण धारा 37 के तहत निर्दिष्ट तरीके से ऐसे चालान या डेबिट नोट के प्राप्तकर्ता को सूचित किया गया है।]
(ख) उसने माल या सेवाएं या दोनों प्राप्त कर लिए हैं।
2 [ स्पष्टीकरण --इस खंड के प्रयोजनों के लिए, यह माना जाएगा कि पंजीकृत व्यक्ति ने माल या, जैसा भी मामला हो, सेवाएं प्राप्त कर ली हैं--]
(i) जहां माल आपूर्तिकर्ता द्वारा प्राप्तकर्ता या ऐसे पंजीकृत व्यक्ति के निर्देश पर किसी अन्य व्यक्ति को, चाहे वह एजेंट के रूप में कार्य कर रहा हो या अन्यथा, माल की आवाजाही से पहले या उसके दौरान, माल के स्वामित्व दस्तावेजों के हस्तांतरण के माध्यम से या अन्यथा वितरित किया जाता है;
(ii) जहां आपूर्तिकर्ता द्वारा किसी पंजीकृत व्यक्ति के निर्देश पर और उसके खाते पर किसी व्यक्ति को सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
3 [(ख) उक्त आपूर्ति के संबंध में धारा 38 के तहत ऐसे पंजीकृत व्यक्ति को सूचित किए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट के विवरण को प्रतिबंधित नहीं किया गया है;]
(ग) धारा 41 5 *** के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, ऐसी आपूर्ति के संबंध में प्रभारित कर वास्तव में सरकार को नकद में या उक्त आपूर्ति के संबंध में स्वीकार्य इनपुट टैक्स क्रेडिट के उपयोग के माध्यम से भुगतान किया गया है; और
(घ) उसने धारा 39 के तहत रिटर्न प्रस्तुत किया है:
बशर्ते कि यदि किसी चालान के विरुद्ध माल लॉट या किश्तों में प्राप्त होता है, तो पंजीकृत व्यक्ति अंतिम लॉट या किश्त की प्राप्ति पर क्रेडिट लेने का हकदार होगा:
इसके अलावा, यदि कोई प्राप्तकर्ता माल या सेवाओं या दोनों के आपूर्तिकर्ता को, उन आपूर्तियों को छोड़कर जिन पर रिवर्स चार्ज आधार पर कर देय है, आपूर्ति के मूल्य के साथ देय कर का भुगतान आपूर्तिकर्ता द्वारा चालान जारी करने की तिथि से एक सौ अस्सी दिनों की अवधि के भीतर करने में विफल रहता है, तो प्राप्तकर्ता द्वारा प्राप्त इनपुट टैक्स क्रेडिट के बराबर राशि [धारा 50 के तहत देय ब्याज सहित], निर्धारित तरीके से भुगतान की जाएगी।
इसके अलावा , प्राप्तकर्ता माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के मूल्य के लिए आपूर्तिकर्ता को देय कर सहित राशि का भुगतान करने पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने का हकदार होगा।
(3) जहां पंजीकृत व्यक्ति ने आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) के प्रावधानों के तहत पूंजीगत वस्तुओं और संयंत्र एवं मशीनरी की लागत के कर घटक पर मूल्यह्रास का दावा किया है, तो उक्त कर घटक पर इनपुट टैक्स क्रेडिट की अनुमति नहीं दी जाएगी।
(4) पंजीकृत व्यक्ति माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के लिए किसी चालान या डेबिट नोट के संबंध में इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का हकदार नहीं होगा, उस वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद आने वाले 8 [तीसवें दिन नवंबर] के बाद, जिससे ऐसा चालान या 9 *** डेबिट नोट संबंधित है, या संबंधित वार्षिक रिटर्न प्रस्तुत करने के बाद, जो भी पहले हो।
10 [बशर्ते कि पंजीकृत व्यक्ति सितंबर, 2018 माह के लिए धारा 39 के तहत रिटर्न प्रस्तुत करने की नियत तिथि के बाद से मार्च, 2019 माह के लिए उक्त धारा के तहत रिटर्न प्रस्तुत करने की नियत तिथि तक, वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के लिए ऐसे डेबिट नोट से संबंधित किसी भी चालान या चालान के संबंध में इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का हकदार होगा, जिसका विवरण आपूर्तिकर्ता द्वारा धारा 37 की उपधारा (1) के तहत अपलोड किया गया है, और मार्च, 2019 माह के लिए उक्त धारा की उपधारा (1) के तहत विवरण प्रस्तुत करने की नियत तिथि तक।]
11 [(5) उप-धारा (4) में निहित किसी बात के होते हुए भी, वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19, 2019-20 और 2020-21 से संबंधित माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के लिए चालान या डेबिट नोट के संबंध में, पंजीकृत व्यक्ति धारा 39 के तहत किसी भी रिटर्न में इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का हकदार होगा जो 30 नवंबर, 2021 तक दाखिल किया जाता है।
(6) जहां किसी पंजीकृत व्यक्ति का पंजीकरण धारा 29 के तहत रद्द कर दिया जाता है और बाद में पंजीकरण रद्द करने का आदेश धारा 30 के तहत या अपीलीय प्राधिकारी या अपीलीय न्यायाधिकरण या न्यायालय द्वारा दिए गए किसी आदेश के अनुसार निरस्त कर दिया जाता है और जहां पंजीकरण रद्द करने के आदेश की तारीख को उपधारा (4) के तहत किसी चालान या डेबिट नोट के संबंध में इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने पर कोई प्रतिबंध नहीं था, तो उक्त व्यक्ति माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के लिए ऐसे चालान या डेबिट नोट के संबंध में धारा 39 के तहत रिटर्न में इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का हकदार होगा,---
(i) ऐसे चालान या डेबिट नोट से संबंधित वित्तीय वर्ष के बाद के तीसवें दिन नवंबर तक दाखिल किया गया हो या संबंधित वार्षिक रिटर्न प्रस्तुत किया गया हो, जो भी पहले हो; या
(ii) पंजीकरण रद्द होने की तिथि या पंजीकरण रद्द होने की प्रभावी तिथि से लेकर पंजीकरण रद्द करने के निरस्तीकरण के आदेश की तिथि तक की अवधि के लिए, यदि ऐसा रिटर्न पंजीकरण रद्द करने के निरस्तीकरण के आदेश की तिथि से तीस दिनों के भीतर दाखिल किया जाता है।
जो भी बाद में है।]
(2) इस धारा में किसी बात के होते हुए भी, कोई भी पंजीकृत व्यक्ति किसी भी माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के संबंध में किसी भी इनपुट टैक्स का क्रेडिट पाने का हकदार नहीं होगा, जब तक कि,---
(क) उसके पास इस अधिनियम के तहत पंजीकृत आपूर्तिकर्ता द्वारा जारी किया गया कर चालान या डेबिट नोट, या ऐसे अन्य कर भुगतान दस्तावेज हैं, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है;
1 [(अ) खंड (क) में निर्दिष्ट चालान या डेबिट नोट का विवरण आपूर्तिकर्ता द्वारा बाहरी आपूर्ति के विवरण में प्रस्तुत किया गया है और ऐसा विवरण धारा 37 के तहत निर्दिष्ट तरीके से ऐसे चालान या डेबिट नोट के प्राप्तकर्ता को सूचित किया गया है।]
(ख) उसने माल या सेवाएं या दोनों प्राप्त कर लिए हैं।
2 [ स्पष्टीकरण --इस खंड के प्रयोजनों के लिए, यह माना जाएगा कि पंजीकृत व्यक्ति ने माल या, जैसा भी मामला हो, सेवाएं प्राप्त कर ली हैं--]
(i) जहां माल आपूर्तिकर्ता द्वारा प्राप्तकर्ता या ऐसे पंजीकृत व्यक्ति के निर्देश पर किसी अन्य व्यक्ति को, चाहे वह एजेंट के रूप में कार्य कर रहा हो या अन्यथा, माल की आवाजाही से पहले या उसके दौरान, माल के स्वामित्व दस्तावेजों के हस्तांतरण के माध्यम से या अन्यथा वितरित किया जाता है;
(ii) जहां आपूर्तिकर्ता द्वारा किसी पंजीकृत व्यक्ति के निर्देश पर और उसके खाते पर किसी व्यक्ति को सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
3 [(ख) उक्त आपूर्ति के संबंध में धारा 38 के तहत ऐसे पंजीकृत व्यक्ति को सूचित किए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट के विवरण को प्रतिबंधित नहीं किया गया है;]
(ग) धारा 41 5 *** के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, ऐसी आपूर्ति के संबंध में प्रभारित कर वास्तव में सरकार को नकद में या उक्त आपूर्ति के संबंध में स्वीकार्य इनपुट टैक्स क्रेडिट के उपयोग के माध्यम से भुगतान किया गया है; और
(घ) उसने धारा 39 के तहत रिटर्न प्रस्तुत किया है:
बशर्ते कि यदि किसी चालान के विरुद्ध माल लॉट या किश्तों में प्राप्त होता है, तो पंजीकृत व्यक्ति अंतिम लॉट या किश्त की प्राप्ति पर क्रेडिट लेने का हकदार होगा:
इसके अलावा, यदि कोई प्राप्तकर्ता माल या सेवाओं या दोनों के आपूर्तिकर्ता को, उन आपूर्तियों को छोड़कर जिन पर रिवर्स चार्ज आधार पर कर देय है, आपूर्ति के मूल्य के साथ देय कर का भुगतान आपूर्तिकर्ता द्वारा चालान जारी करने की तिथि से एक सौ अस्सी दिनों की अवधि के भीतर करने में विफल रहता है, तो प्राप्तकर्ता द्वारा प्राप्त इनपुट टैक्स क्रेडिट के बराबर राशि [धारा 50 के तहत देय ब्याज सहित], निर्धारित तरीके से भुगतान की जाएगी।
इसके अलावा , प्राप्तकर्ता माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के मूल्य के लिए आपूर्तिकर्ता को देय कर सहित राशि का भुगतान करने पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने का हकदार होगा।
(3) जहां पंजीकृत व्यक्ति ने आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) के प्रावधानों के तहत पूंजीगत वस्तुओं और संयंत्र एवं मशीनरी की लागत के कर घटक पर मूल्यह्रास का दावा किया है, तो उक्त कर घटक पर इनपुट टैक्स क्रेडिट की अनुमति नहीं दी जाएगी।
(4) पंजीकृत व्यक्ति माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के लिए किसी चालान या डेबिट नोट के संबंध में इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का हकदार नहीं होगा, उस वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद आने वाले 8 [तीसवें दिन नवंबर] के बाद, जिससे ऐसा चालान या 9 *** डेबिट नोट संबंधित है, या संबंधित वार्षिक रिटर्न प्रस्तुत करने के बाद, जो भी पहले हो।
10 [बशर्ते कि पंजीकृत व्यक्ति सितंबर, 2018 माह के लिए धारा 39 के तहत रिटर्न प्रस्तुत करने की नियत तिथि के बाद से मार्च, 2019 माह के लिए उक्त धारा के तहत रिटर्न प्रस्तुत करने की नियत तिथि तक, वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के लिए ऐसे डेबिट नोट से संबंधित किसी भी चालान या चालान के संबंध में इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का हकदार होगा, जिसका विवरण आपूर्तिकर्ता द्वारा धारा 37 की उपधारा (1) के तहत अपलोड किया गया है, और मार्च, 2019 माह के लिए उक्त धारा की उपधारा (1) के तहत विवरण प्रस्तुत करने की नियत तिथि तक।]
11 [(5) उप-धारा (4) में निहित किसी बात के होते हुए भी, वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19, 2019-20 और 2020-21 से संबंधित माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के लिए चालान या डेबिट नोट के संबंध में, पंजीकृत व्यक्ति धारा 39 के तहत किसी भी रिटर्न में इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का हकदार होगा जो 30 नवंबर, 2021 तक दाखिल किया जाता है।
(6) जहां किसी पंजीकृत व्यक्ति का पंजीकरण धारा 29 के तहत रद्द कर दिया जाता है और बाद में पंजीकरण रद्द करने का आदेश धारा 30 के तहत या अपीलीय प्राधिकारी या अपीलीय न्यायाधिकरण या न्यायालय द्वारा दिए गए किसी आदेश के अनुसार निरस्त कर दिया जाता है और जहां पंजीकरण रद्द करने के आदेश की तारीख को उपधारा (4) के तहत किसी चालान या डेबिट नोट के संबंध में इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने पर कोई प्रतिबंध नहीं था, तो उक्त व्यक्ति माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के लिए ऐसे चालान या डेबिट नोट के संबंध में धारा 39 के तहत रिटर्न में इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का हकदार होगा,---
(i) ऐसे चालान या डेबिट नोट से संबंधित वित्तीय वर्ष के बाद के तीसवें दिन नवंबर तक दाखिल किया गया हो या संबंधित वार्षिक रिटर्न प्रस्तुत किया गया हो, जो भी पहले हो; या
(ii) पंजीकरण रद्द होने की तिथि या पंजीकरण रद्द होने की प्रभावी तिथि से लेकर पंजीकरण रद्द करने के निरस्तीकरण के आदेश की तिथि तक की अवधि के लिए, यदि ऐसा रिटर्न पंजीकरण रद्द करने के निरस्तीकरण के आदेश की तिथि से तीस दिनों के भीतर दाखिल किया जाता है।
जो भी बाद में है।]
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

