WLP Act 38Hअध्याय IVA · Central Zoo Authority and Recognition of Zoos
धारा 38H · चिड़ियाघरों को मान्यता
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई भी चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा मान्यता दिए बिना संचालित नहीं किया जाएगा :
परन्तु वन्य जीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 1991 के प्रारंभ की तारीख के ठीक पूर्व संचालित किया जा रहा कोई भी चिड़ियाघर [ऐसे प्रारम्भ की तारीख से अठारह मास] की अवधि के लिए मान्यताप्राप्त किए बिना संचालित किया जा सकेगा और यदि मान्यताप्राप्त करने के लिए आवेदन उस अवधि के भीतर किया जाता है तो उस चिड़ियाघर को उक्त आवेदन के अंतिम रूप से विनिश्चित किए जाने या वापस लिए जाने तक संचालित किया जा सकेगा और नामंजूर किए जाने की दशा में ऐसे नामंजूर किए जाने की तारीख से छह मास की और अवधि के लिए संचालित किया जा सकेगा ।
(1क) वन्य जीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2002 के प्रारंभ और उसके पश्चात् कोई चिड़ियाघर, प्राधिकरण पूर्व अनुमोदन प्राप्त किए बिना, स्थापित नहीं किया जाएगा ।
(2) किसी चिड़ियाघर की मान्यता के लिए प्रत्येक आवेदन प्राधिकरण को ऐसे प्ररूप में और ऐसी फीस के संदाय पर किया जाएगा जो विहित की जाए ।
(3) प्रत्येक मान्यता में, ऐसी शर्तें, यदि कोई हों, विनिर्दिष्ट होंगी जिनके अधीन आवेदक चिड़ियाघर संचालित करेगा ।
(4) किसी चिड़ियाघर को मान्यता तब तक नहीं दी जाएगी जब तक प्राधिकरण का, वन्य जीव के परिरक्षण और संरक्षण के हितों का और ऐसे मानकों, मापदण्डों तथा अन्य बातों का, जो विहित की जाएं, सम्यक् ध्यान रखते हुए यह समाधान नहीं हो जाता है कि मान्यता दी जानी चाहिए ।
(5) किसी चिड़ियाघर की मान्यता के लिए आवेदन तब तक नामंजूर नहीं किया जाएगा जब तक आवेदन को सुनवाई का उचित अवसर नहीं दे दिया गया हो ।
(6) प्राधिकरण, ऐसे कारणों से जो उसके द्वारा लेखबद्ध किए जाएंगे, उपधारा (4) के अधीन अनुदत्त किसी मान्यता को निलंबित या रद्द कर सकेगा :
परन्तु कोई ऐसा निलंबन या रद्दकरण तब तक नहीं किया जाएगा जब तक चिड़ियाघर संचालित करने वाले व्यक्ति को सुनवाई का उचित अवसर नहीं दे दिया गया हो ।
(7) उपधारा (5) के अधीन किसी चिड़ियाघर को मान्यता देना नामंजूर करने वाले किसी आदेश या उपधारा (6) के अधीन किसी मान्यता को निलंबित या रद्द करने वाले किसी आदेश के विरुद्ध अपील केन्द्रीय सरकार को होगी ।
(8) उपधारा (7) के अधीन अपील, आवेदक को उस आदेश की, जिसके विरुद्ध अपील की जाएगी, संसूचना की तारीख से तीस दिन के भीतर की जाएगी :
परन्तु केन्द्रीय सरकार पूर्वोक्त की समाप्ति के पश्चात् की गई कोई अपील ग्रहण कर सकेगी यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि आवेदक के पास समय पर अपील न करने के लिए पर्याप्त हेतुक था ।
परन्तु वन्य जीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 1991 के प्रारंभ की तारीख के ठीक पूर्व संचालित किया जा रहा कोई भी चिड़ियाघर [ऐसे प्रारम्भ की तारीख से अठारह मास] की अवधि के लिए मान्यताप्राप्त किए बिना संचालित किया जा सकेगा और यदि मान्यताप्राप्त करने के लिए आवेदन उस अवधि के भीतर किया जाता है तो उस चिड़ियाघर को उक्त आवेदन के अंतिम रूप से विनिश्चित किए जाने या वापस लिए जाने तक संचालित किया जा सकेगा और नामंजूर किए जाने की दशा में ऐसे नामंजूर किए जाने की तारीख से छह मास की और अवधि के लिए संचालित किया जा सकेगा ।
(1क) वन्य जीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2002 के प्रारंभ और उसके पश्चात् कोई चिड़ियाघर, प्राधिकरण पूर्व अनुमोदन प्राप्त किए बिना, स्थापित नहीं किया जाएगा ।
(2) किसी चिड़ियाघर की मान्यता के लिए प्रत्येक आवेदन प्राधिकरण को ऐसे प्ररूप में और ऐसी फीस के संदाय पर किया जाएगा जो विहित की जाए ।
(3) प्रत्येक मान्यता में, ऐसी शर्तें, यदि कोई हों, विनिर्दिष्ट होंगी जिनके अधीन आवेदक चिड़ियाघर संचालित करेगा ।
(4) किसी चिड़ियाघर को मान्यता तब तक नहीं दी जाएगी जब तक प्राधिकरण का, वन्य जीव के परिरक्षण और संरक्षण के हितों का और ऐसे मानकों, मापदण्डों तथा अन्य बातों का, जो विहित की जाएं, सम्यक् ध्यान रखते हुए यह समाधान नहीं हो जाता है कि मान्यता दी जानी चाहिए ।
(5) किसी चिड़ियाघर की मान्यता के लिए आवेदन तब तक नामंजूर नहीं किया जाएगा जब तक आवेदन को सुनवाई का उचित अवसर नहीं दे दिया गया हो ।
(6) प्राधिकरण, ऐसे कारणों से जो उसके द्वारा लेखबद्ध किए जाएंगे, उपधारा (4) के अधीन अनुदत्त किसी मान्यता को निलंबित या रद्द कर सकेगा :
परन्तु कोई ऐसा निलंबन या रद्दकरण तब तक नहीं किया जाएगा जब तक चिड़ियाघर संचालित करने वाले व्यक्ति को सुनवाई का उचित अवसर नहीं दे दिया गया हो ।
(7) उपधारा (5) के अधीन किसी चिड़ियाघर को मान्यता देना नामंजूर करने वाले किसी आदेश या उपधारा (6) के अधीन किसी मान्यता को निलंबित या रद्द करने वाले किसी आदेश के विरुद्ध अपील केन्द्रीय सरकार को होगी ।
(8) उपधारा (7) के अधीन अपील, आवेदक को उस आदेश की, जिसके विरुद्ध अपील की जाएगी, संसूचना की तारीख से तीस दिन के भीतर की जाएगी :
परन्तु केन्द्रीय सरकार पूर्वोक्त की समाप्ति के पश्चात् की गई कोई अपील ग्रहण कर सकेगी यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि आवेदक के पास समय पर अपील न करने के लिए पर्याप्त हेतुक था ।
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