WLP Act 44अध्याय V · Trade or Commerce in Wild Animals, Animal Articles and Trophies
धारा 44 · अनुज्ञप्ति के बिना ट्राफी और प्राणी वस्तुओं में व्यवहार का प्रतिषिद्ध होना
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
अध्याय 5क के उपबंधों के अधीन रहते हुए कोई व्यक्ति, उपधारा (4) के अधीन दी गई अनुज्ञप्ति के अधीन और उसके अनुसरण में ही
(क) निम्नलिखित रूप में कारबार प्रारंभ करेगा या चलाएगा,-
(i) किसी प्राणी-वस्तु का विनिर्माता या उसका व्यौहारी; या
(ii) चर्म पूरक; या
(iii) ट्राफी या असंसाधित ट्राफी का व्यौहारी; या
(iv) बन्दी प्राणियों का व्यौहारी; या
(v) मांस का व्यौहारी; या
(ख) किसी भोजनालय में मांस पकाएगा या परोसेगा, अन्यथा नहीं :
(ग) सर्प विष व्युत्पन्न करेगा, उसका संग्रहण करेगा या उसे तैयार करेगा अथवा उसका व्यौहार करेगा :
परन्तु इस धारा की कोई भी बात किसी व्यक्ति को, जो इस अधिनियम के प्रारम्भ के ठीक पहले इस उपधारा में वर्णित कारबार या उपजीविका चला रहा था, ऐसे प्रारम्भ से तीस दिन की अवधि तक जहां उसने अपने को अनुज्ञप्ति दिए जानें के लिए उस अवधि के भीतर आवेदन कर दिया है, वहां उस समय तक जब तक कि उसे अनुज्ञप्ति नहीं दी जाती है या उसे लिखित रूप में यह सूचित नहीं कर दिया जाता है कि उसे अनुज्ञप्ति नहीं दी जा सकती, ऐसा कारबार या उपजीविका चलाने से निवारित नहीं करेगी :
परन्तु यह और कि इस उपधारा की कोई बात मोर के पूंछ वाले पंखों और उससे बनी वस्तुओं के व्यौहारियों तथा ऐसी वस्तुओं के विनिर्माताओं को लागू नहीं होगी ।
स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए भोजनालय" के अन्तर्गत होटल, रेस्तरां या अन्य ऐसा स्थान है जहां कि कोई खाद्य वस्तु संदाय करने पर परोसी जाती है, चाहे ऐसा संदाय ऐसी खाद्य वस्तु के लिए अलग से किया गया है या वह भोजन और आवास के लिए प्रभारित राशि में सम्मिलित है ।
(2) प्राणी-वस्तुओं का प्रत्येक विनिर्माता या व्यौहारी, या बन्दी प्राणियों, ट्राफियों या असंसाधित ट्राफियों का व्यौहारी, या प्रत्येक चर्म पूरक इस अधिनियम के प्रारम्भ से पन्द्रह दिन के भीतर, यथास्थिति, प्राणी वस्तुओं, बन्दी प्राणियों, ट्राफियों और असंसाधित ट्राफियों के अपने वे स्टाक मुख्य वन्य जीव संरक्षक को घोषित करेगा जो ऐसी घोषणा की तारीख को हों और मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी, यथास्थिति, प्रत्येक प्राणी-वस्तु, बंदी प्राणी, ट्राफी या असंसाधित ट्राफी पर पहचान चिह्न लगा सकेगा ।
(3) उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्रत्येक व्यक्ति जिसका आशय अनुज्ञप्ति अभिप्राप्त करना है, अनुज्ञप्ति दिए जाने के लिए मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी को आवेदन करेगा ।
(4) (क) उपधारा (3) में निर्दिष्ट प्रत्येक आवेदन मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी को ऐसे प्ररूप और ऐसी फीस का संदाय करके किया जाएगा जो विहित की जाए ।
(ख) उपधारा (1) में निर्दिष्ट कोई भी अनुज्ञप्ति तब तक नहीं दी जाएगी जब तक कि मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी का, आवेदक के पूर्ववृत्तों और पूर्व अनुभव को, उन विवक्षाओं को, जो ऐसी, अनुज्ञप्ति के दिए जाने से वन्य जीव की प्रास्थिति पर होंगी और ऐसे अन्य विषयों को, जो इस निमित्त विहित किए जाएं, ध्यान में रखते हुए और उन विषयों की बाबत ऐसी जांच, करने के पश्चात्, जो वह ठीक समझे, यह समाधान नहीं हो जाता है कि अनुज्ञप्ति दी जानी चाहिए ।
(5) इस धारा के अधीन दी गई प्रत्येक अनुज्ञप्ति में वे परिसर जिनमें और वे शर्तें, यदि कोई हों, जिसके अधीन रहते हुए अनुज्ञप्तिधारी अपना कारबार करेगा, विनिर्दिष्ट होंगी ।
(6) इस धारा के अधीन दी गई प्रत्येक अनुज्ञप्ति-
(क) उसके दिए जाने की तारीख से एक वर्ष के लिए विधिमान्य होगी;
(ख) अन्तरणीय नहीं होगी; और
(ग) एक समय में एक वर्ष से अनधिक की अवधि के लिए नवीकरणीय नहीं होगी ।
(7) अनुज्ञप्ति के नवीकरण के लिए कोई आवेदन तब तक नामंजूर नहीं किया जाएगा जब तक कि ऐसी अनुज्ञप्ति के धारक को अपना मामला प्रस्तुत करने का युक्तियुक्त अवसर नहीं दे दिया गया है और जब तक कि मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी का यह समाधान नहीं हो जाता है कि-
(i) ऐसे नवीकरण के लिए आवेदन उसके लिए विनिर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के पश्चात् किया गया है, या
(ii) अनुज्ञप्ति के दिए जाने या नवीकरण के समय आवेदक द्वारा किया गया कोई कथन गलत था या उसका महत्वपूर्ण अंश मिथ्या था, या
(iii) आवेदक ने अनुज्ञप्ति के किसी निबन्धन या शर्त का या इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए किसी नियम के उपबन्ध का उल्लंघन किया है, या
(iv) आवेदक विहित शर्तों को पूरा नहीं करता है ।
(8) अनुज्ञप्ति के लिए जाने या नवीकरण के आवेदन को मंजूर या खारिज करने वाला प्रत्येक आदेश लिखित रूप में किया जाएगा ।
(9) पूर्वोक्त उपधाराओं की कोई भी बात पीड़कजन्तु के संबंध में लागू नहीं होगी ।
(क) निम्नलिखित रूप में कारबार प्रारंभ करेगा या चलाएगा,-
(i) किसी प्राणी-वस्तु का विनिर्माता या उसका व्यौहारी; या
(ii) चर्म पूरक; या
(iii) ट्राफी या असंसाधित ट्राफी का व्यौहारी; या
(iv) बन्दी प्राणियों का व्यौहारी; या
(v) मांस का व्यौहारी; या
(ख) किसी भोजनालय में मांस पकाएगा या परोसेगा, अन्यथा नहीं :
(ग) सर्प विष व्युत्पन्न करेगा, उसका संग्रहण करेगा या उसे तैयार करेगा अथवा उसका व्यौहार करेगा :
परन्तु इस धारा की कोई भी बात किसी व्यक्ति को, जो इस अधिनियम के प्रारम्भ के ठीक पहले इस उपधारा में वर्णित कारबार या उपजीविका चला रहा था, ऐसे प्रारम्भ से तीस दिन की अवधि तक जहां उसने अपने को अनुज्ञप्ति दिए जानें के लिए उस अवधि के भीतर आवेदन कर दिया है, वहां उस समय तक जब तक कि उसे अनुज्ञप्ति नहीं दी जाती है या उसे लिखित रूप में यह सूचित नहीं कर दिया जाता है कि उसे अनुज्ञप्ति नहीं दी जा सकती, ऐसा कारबार या उपजीविका चलाने से निवारित नहीं करेगी :
परन्तु यह और कि इस उपधारा की कोई बात मोर के पूंछ वाले पंखों और उससे बनी वस्तुओं के व्यौहारियों तथा ऐसी वस्तुओं के विनिर्माताओं को लागू नहीं होगी ।
स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए भोजनालय" के अन्तर्गत होटल, रेस्तरां या अन्य ऐसा स्थान है जहां कि कोई खाद्य वस्तु संदाय करने पर परोसी जाती है, चाहे ऐसा संदाय ऐसी खाद्य वस्तु के लिए अलग से किया गया है या वह भोजन और आवास के लिए प्रभारित राशि में सम्मिलित है ।
(2) प्राणी-वस्तुओं का प्रत्येक विनिर्माता या व्यौहारी, या बन्दी प्राणियों, ट्राफियों या असंसाधित ट्राफियों का व्यौहारी, या प्रत्येक चर्म पूरक इस अधिनियम के प्रारम्भ से पन्द्रह दिन के भीतर, यथास्थिति, प्राणी वस्तुओं, बन्दी प्राणियों, ट्राफियों और असंसाधित ट्राफियों के अपने वे स्टाक मुख्य वन्य जीव संरक्षक को घोषित करेगा जो ऐसी घोषणा की तारीख को हों और मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी, यथास्थिति, प्रत्येक प्राणी-वस्तु, बंदी प्राणी, ट्राफी या असंसाधित ट्राफी पर पहचान चिह्न लगा सकेगा ।
(3) उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्रत्येक व्यक्ति जिसका आशय अनुज्ञप्ति अभिप्राप्त करना है, अनुज्ञप्ति दिए जाने के लिए मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी को आवेदन करेगा ।
(4) (क) उपधारा (3) में निर्दिष्ट प्रत्येक आवेदन मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी को ऐसे प्ररूप और ऐसी फीस का संदाय करके किया जाएगा जो विहित की जाए ।
(ख) उपधारा (1) में निर्दिष्ट कोई भी अनुज्ञप्ति तब तक नहीं दी जाएगी जब तक कि मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी का, आवेदक के पूर्ववृत्तों और पूर्व अनुभव को, उन विवक्षाओं को, जो ऐसी, अनुज्ञप्ति के दिए जाने से वन्य जीव की प्रास्थिति पर होंगी और ऐसे अन्य विषयों को, जो इस निमित्त विहित किए जाएं, ध्यान में रखते हुए और उन विषयों की बाबत ऐसी जांच, करने के पश्चात्, जो वह ठीक समझे, यह समाधान नहीं हो जाता है कि अनुज्ञप्ति दी जानी चाहिए ।
(5) इस धारा के अधीन दी गई प्रत्येक अनुज्ञप्ति में वे परिसर जिनमें और वे शर्तें, यदि कोई हों, जिसके अधीन रहते हुए अनुज्ञप्तिधारी अपना कारबार करेगा, विनिर्दिष्ट होंगी ।
(6) इस धारा के अधीन दी गई प्रत्येक अनुज्ञप्ति-
(क) उसके दिए जाने की तारीख से एक वर्ष के लिए विधिमान्य होगी;
(ख) अन्तरणीय नहीं होगी; और
(ग) एक समय में एक वर्ष से अनधिक की अवधि के लिए नवीकरणीय नहीं होगी ।
(7) अनुज्ञप्ति के नवीकरण के लिए कोई आवेदन तब तक नामंजूर नहीं किया जाएगा जब तक कि ऐसी अनुज्ञप्ति के धारक को अपना मामला प्रस्तुत करने का युक्तियुक्त अवसर नहीं दे दिया गया है और जब तक कि मुख्य वन्य जीव संरक्षक या प्राधिकृत अधिकारी का यह समाधान नहीं हो जाता है कि-
(i) ऐसे नवीकरण के लिए आवेदन उसके लिए विनिर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के पश्चात् किया गया है, या
(ii) अनुज्ञप्ति के दिए जाने या नवीकरण के समय आवेदक द्वारा किया गया कोई कथन गलत था या उसका महत्वपूर्ण अंश मिथ्या था, या
(iii) आवेदक ने अनुज्ञप्ति के किसी निबन्धन या शर्त का या इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए किसी नियम के उपबन्ध का उल्लंघन किया है, या
(iv) आवेदक विहित शर्तों को पूरा नहीं करता है ।
(8) अनुज्ञप्ति के लिए जाने या नवीकरण के आवेदन को मंजूर या खारिज करने वाला प्रत्येक आदेश लिखित रूप में किया जाएगा ।
(9) पूर्वोक्त उपधाराओं की कोई भी बात पीड़कजन्तु के संबंध में लागू नहीं होगी ।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
