धारा 352 · मौखिक बहस और बहस का ज्ञापन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी कार्यवाही में कोई पक्षकार अपने साक्ष्य की समाप्ति के बाद यथाशीघ्र संक्षिप्त मौखिक तर्क प्रस्तुत कर सकता है, और मौखिक तर्कों को समाप्त करने से पहले, यदि कोई हो, तो न्यायालय को एक ज्ञापन प्रस्तुत कर सकता है जिसमें उसके मामले के समर्थन में तर्कों को संक्षेप में और अलग-अलग शीर्षकों के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया हो, और ऐसा प्रत्येक ज्ञापन अभिलेख का भाग होगा।
(2) ऐसे प्रत्येक ज्ञापन की एक प्रति विपक्षी पक्ष को समवर्ती रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।
(3) लिखित तर्क दाखिल करने के उद्देश्य से कार्यवाही का कोई स्थगन नहीं दिया जाएगा, जब तक कि न्यायालय, लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, ऐसा स्थगन देना आवश्यक न समझे।
(4) यदि न्यायालय की राय हो कि मौखिक तर्क संक्षिप्त या प्रासंगिक नहीं हैं, तो वह ऐसे तर्कों को विनियमित कर सकता है।
(2) ऐसे प्रत्येक ज्ञापन की एक प्रति विपक्षी पक्ष को समवर्ती रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।
(3) लिखित तर्क दाखिल करने के उद्देश्य से कार्यवाही का कोई स्थगन नहीं दिया जाएगा, जब तक कि न्यायालय, लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, ऐसा स्थगन देना आवश्यक न समझे।
(4) यदि न्यायालय की राय हो कि मौखिक तर्क संक्षिप्त या प्रासंगिक नहीं हैं, तो वह ऐसे तर्कों को विनियमित कर सकता है।
पुराने कानून में
BNSS 352CRPC 314
314. Oral arguments and memorandum of arguments.
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