LSA Act 12अध्याय IV · Entitlement to Legal Services
धारा 12 · कानूनी सेवाएं प्रदान करने के मानदंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति जो कोई मुकदमा दायर करना चाहता है या उसका बचाव करना चाहता है, कानूनी सेवाओं का हकदार होगा यदि वह व्यक्ति
(क) अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य;
(ख) संविधान के अनुच्छेद 23 में निर्दिष्ट मानव तस्करी या बेगार का शिकार व्यक्ति;
(ग) स्त्री या बच्चा;
1 [(घ) विकलांग व्यक्ति, जैसा कि विकलांग व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण और पूर्ण सहभागिता) अधिनियम, 1995 (1 ऑफ 1996) की धारा 2 के खंड (i) में परिभाषित है;]
(ई) कोई व्यक्ति जो अत्यधिक अभाव की परिस्थितियों में हो, जैसे कि सामूहिक आपदा, जातीय हिंसा, जातिगत अत्याचार, बाढ़, सूखा, भूकंप या औद्योगिक आपदा का शिकार हो; या
(f) एक औद्योगिक कामगार; या
(जी) हिरासत में, जिसमें अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, 1956 (104 ऑफ 1956) की धारा 2 के खंड ( जी) के अर्थ में किसी सुरक्षात्मक गृह में हिरासत, या किशोर न्याय अधिनियम, 1986 (53 ऑफ 1986) की धारा 2 के खंड (जे) के अर्थ में किसी किशोर गृह में हिरासत, या मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम, 1987 (14 ऑफ 1987) की धारा 2 के खंड (जी) के अर्थ में किसी मनोरोग अस्पताल या मनोरोग नर्सिंग होम में हिरासत शामिल है; या
2 [(h) यदि मामला सर्वोच्च न्यायालय के अलावा किसी अन्य न्यायालय के समक्ष है, तो नौ हजार रुपये से कम या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित ऐसी अन्य उच्च राशि से कम वार्षिक आय प्राप्त करने वाला, और यदि मामला सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष है, तो बारह हजार रुपये से कम या केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित ऐसी अन्य उच्च राशि से कम वार्षिक आय प्राप्त करने वाला।]
(क) अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य;
(ख) संविधान के अनुच्छेद 23 में निर्दिष्ट मानव तस्करी या बेगार का शिकार व्यक्ति;
(ग) स्त्री या बच्चा;
1 [(घ) विकलांग व्यक्ति, जैसा कि विकलांग व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण और पूर्ण सहभागिता) अधिनियम, 1995 (1 ऑफ 1996) की धारा 2 के खंड (i) में परिभाषित है;]
(ई) कोई व्यक्ति जो अत्यधिक अभाव की परिस्थितियों में हो, जैसे कि सामूहिक आपदा, जातीय हिंसा, जातिगत अत्याचार, बाढ़, सूखा, भूकंप या औद्योगिक आपदा का शिकार हो; या
(f) एक औद्योगिक कामगार; या
(जी) हिरासत में, जिसमें अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, 1956 (104 ऑफ 1956) की धारा 2 के खंड ( जी) के अर्थ में किसी सुरक्षात्मक गृह में हिरासत, या किशोर न्याय अधिनियम, 1986 (53 ऑफ 1986) की धारा 2 के खंड (जे) के अर्थ में किसी किशोर गृह में हिरासत, या मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम, 1987 (14 ऑफ 1987) की धारा 2 के खंड (जी) के अर्थ में किसी मनोरोग अस्पताल या मनोरोग नर्सिंग होम में हिरासत शामिल है; या
2 [(h) यदि मामला सर्वोच्च न्यायालय के अलावा किसी अन्य न्यायालय के समक्ष है, तो नौ हजार रुपये से कम या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित ऐसी अन्य उच्च राशि से कम वार्षिक आय प्राप्त करने वाला, और यदि मामला सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष है, तो बारह हजार रुपये से कम या केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित ऐसी अन्य उच्च राशि से कम वार्षिक आय प्राप्त करने वाला।]
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