IF Act 32अध्याय IV · Of Protected Forests
धारा 32 · संरक्षित वनों के बारे में नियम बनाने की शक्ति
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
राज्य सरकार निम्नलिखित बातों के विनियमन के लिए नियम बना सकेगी, अर्थात्ः-
(क) वृक्षों और इमारती लकड़ी की कटाई, चिराई, संपरिवर्तित करना और हटाना, तथा संरक्षित वनों की वन-उपज का संग्रहण करना, विनिर्माण करना तथा उसका हटाना,
(ख) संरक्षित बनों के सामीप्य के नगरों और ग्रामों के निवासियों को अपने प्रयोग के लिए वृक्ष, इमारती लकड़ी या अन्य बन-उपज लेने के हेतु अनुज्ञप्तियां अनुदत्त करना और ऐसे व्यक्तियों द्वारा ऐसी अनुज्ञप्तियों का पेश और वापस किया जाना,
(ग) व्यापार के प्रयोजनों के लिए ऐसे वनों में से वृक्षों या इमारती लकड़ी या वन-उपज को गिराने या हटाने वाले व्यक्तियों को अनुज्ञप्तियां प्रदान करना और ऐसे व्यक्तियों द्वारा ऐसी अनुज्ञप्तियां पेश और वापस किया जाना,
(घ) खण्ड (ख) और (ग) में वर्णित व्यक्तियों द्वारा ऐसे वृक्षों को काटने या ऐसी इमारती लकड़ी या वन-उपज को संगृहीत करने और हटाने की अनुज्ञा के लिए किए जाने वाले संदाय, यदि कोई हों,
(ङ) ऐसे वृक्षों, इमारती लकड़ी और उपज के बारे में उनके द्वारा किए जाने वाले अन्य संदाय, यदि कोई हों और वे स्थान जहां ऐसा संदाय किया जाएगा,
(च) ऐसे बनों में से होकर जाने वाली वन-उपज की परीक्षा,
(छ) ऐसे बनों में खेती या अन्य प्रयोजनों के लिए भूमि की कटाई-सफाई और भूमि तोड़ना,
(ज) ऐसे बनों में पड़ी इमारती लकड़ी और धारा 30 के अधीन आरक्षित वृक्षों का आग से संरक्षण,
(झ) ऐसे बनों में घास काटना और डोर चराना,
(ञ) ऐसे वनों में शिकार खेलना, गोली चलाना, मछली पकड़ना, जल विषैला करना और पाश या जाल बिछाना और ऐसे बनों के उन क्षेत्रों में जिनमें हाथी परिरक्षण अधिनियम, 1879 (1879 का 6) प्रवृत्त नहीं है, हाथियों का वध करना या पकड़ना,
(ट) धारा 30 के अधीन वन के किसी बंद प्रभाग का संरक्षण और प्रबन्ध, और
(ठ) धारा 29 में निर्देशित अधिकारों का प्रयोग ।
(क) वृक्षों और इमारती लकड़ी की कटाई, चिराई, संपरिवर्तित करना और हटाना, तथा संरक्षित वनों की वन-उपज का संग्रहण करना, विनिर्माण करना तथा उसका हटाना,
(ख) संरक्षित बनों के सामीप्य के नगरों और ग्रामों के निवासियों को अपने प्रयोग के लिए वृक्ष, इमारती लकड़ी या अन्य बन-उपज लेने के हेतु अनुज्ञप्तियां अनुदत्त करना और ऐसे व्यक्तियों द्वारा ऐसी अनुज्ञप्तियों का पेश और वापस किया जाना,
(ग) व्यापार के प्रयोजनों के लिए ऐसे वनों में से वृक्षों या इमारती लकड़ी या वन-उपज को गिराने या हटाने वाले व्यक्तियों को अनुज्ञप्तियां प्रदान करना और ऐसे व्यक्तियों द्वारा ऐसी अनुज्ञप्तियां पेश और वापस किया जाना,
(घ) खण्ड (ख) और (ग) में वर्णित व्यक्तियों द्वारा ऐसे वृक्षों को काटने या ऐसी इमारती लकड़ी या वन-उपज को संगृहीत करने और हटाने की अनुज्ञा के लिए किए जाने वाले संदाय, यदि कोई हों,
(ङ) ऐसे वृक्षों, इमारती लकड़ी और उपज के बारे में उनके द्वारा किए जाने वाले अन्य संदाय, यदि कोई हों और वे स्थान जहां ऐसा संदाय किया जाएगा,
(च) ऐसे बनों में से होकर जाने वाली वन-उपज की परीक्षा,
(छ) ऐसे बनों में खेती या अन्य प्रयोजनों के लिए भूमि की कटाई-सफाई और भूमि तोड़ना,
(ज) ऐसे बनों में पड़ी इमारती लकड़ी और धारा 30 के अधीन आरक्षित वृक्षों का आग से संरक्षण,
(झ) ऐसे बनों में घास काटना और डोर चराना,
(ञ) ऐसे वनों में शिकार खेलना, गोली चलाना, मछली पकड़ना, जल विषैला करना और पाश या जाल बिछाना और ऐसे बनों के उन क्षेत्रों में जिनमें हाथी परिरक्षण अधिनियम, 1879 (1879 का 6) प्रवृत्त नहीं है, हाथियों का वध करना या पकड़ना,
(ट) धारा 30 के अधीन वन के किसी बंद प्रभाग का संरक्षण और प्रबन्ध, और
(ठ) धारा 29 में निर्देशित अधिकारों का प्रयोग ।
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