IF Act 47अध्याय VIII · Of the Collectionof Driftand Stranded Timber
धारा 47 · ऐसी इमारती लकड़ी पर किए गए दावे के बारे में प्रक्रिया
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जबकि यथापूर्वोक्त जैसा कोई कथन उपस्थित किया जाए, तब वन अधिकारी ऐसी जांच करने के पश्चात्, जिसे वह ठीक समझता है, ऐसा करने के लिए अपने कारणों को अभिलिखित करने के पश्चात् या तो दावे को खारिज कर सकेगा या इमारती लकड़ी का परिदान दावेदार को कर सकेगा।
(2) यदि एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा ऐसी इमारती लकड़ी पर दावा किया जाता है, तो वन अधिकारी या तो उसे ऐसे व्यक्तियों में से किसी को, जिसे वह उसका हकदार समझता है, परिदत्त कर सकेगा, या दावेदारों को सिविल न्यायालयों को निर्देशित कर सकेगा, और ऐसे किसी न्यायालयों से उस इमारती लकड़ी के व्ययन सम्बन्धी आदेश की प्राप्ति के लंबित रहने तक उसे अपने कब्जे में रख सकेगा।
(3) जिस किसी व्यक्ति का दावा इस धारा के अधीन खारिज किया जा चुका है वह अपने द्वारा दावाकृत इमारती लकड़ी का कब्जा वापिस लेने के लिए बाद ऐसी खारिजी की तारीख से तीन मास के अन्दर संस्थित कर सकेगा, किन्तु कोई व्यक्ति ऐसी खारिजी या किसी इमारती लकड़ी के रोक रखे जाने या हटाने या इस धारा के अधीन अन्य व्यक्ति को इसके परिदान के कारण प्रतिकर या खर्चा सरकार से या किसी वन अधिकारी से वसूल नहीं करेगा।
(4) जब तक कि ऐसी कोई इमारती लकड़ी परिदत्त नहीं की गई है या इस धारा में यथा उपबन्धित कोई वाद नहीं संस्थित किया गया है, तब तक ऐसी इमारती लकड़ी किसी सिविल, दण्ड या राजस्व न्यायालय की आदेशिका के अधीन नहीं होगी।
(2) यदि एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा ऐसी इमारती लकड़ी पर दावा किया जाता है, तो वन अधिकारी या तो उसे ऐसे व्यक्तियों में से किसी को, जिसे वह उसका हकदार समझता है, परिदत्त कर सकेगा, या दावेदारों को सिविल न्यायालयों को निर्देशित कर सकेगा, और ऐसे किसी न्यायालयों से उस इमारती लकड़ी के व्ययन सम्बन्धी आदेश की प्राप्ति के लंबित रहने तक उसे अपने कब्जे में रख सकेगा।
(3) जिस किसी व्यक्ति का दावा इस धारा के अधीन खारिज किया जा चुका है वह अपने द्वारा दावाकृत इमारती लकड़ी का कब्जा वापिस लेने के लिए बाद ऐसी खारिजी की तारीख से तीन मास के अन्दर संस्थित कर सकेगा, किन्तु कोई व्यक्ति ऐसी खारिजी या किसी इमारती लकड़ी के रोक रखे जाने या हटाने या इस धारा के अधीन अन्य व्यक्ति को इसके परिदान के कारण प्रतिकर या खर्चा सरकार से या किसी वन अधिकारी से वसूल नहीं करेगा।
(4) जब तक कि ऐसी कोई इमारती लकड़ी परिदत्त नहीं की गई है या इस धारा में यथा उपबन्धित कोई वाद नहीं संस्थित किया गया है, तब तक ऐसी इमारती लकड़ी किसी सिविल, दण्ड या राजस्व न्यायालय की आदेशिका के अधीन नहीं होगी।
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