IF Act 63अध्याय IX · Penalties and Procedure
धारा 63 · वृक्षों और इमारती लकड़ी पर चिह्नों के कूटकरण करने और उन्हें विरूपित करने और सीमा चिह्नों को बदलने के लिए शास्ति
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जो लोक या किसी व्यक्ति को नुकसान या क्षति पहुंचाने या भारतीय दण्ड संहिता (1860 का 45) में यथापरिभाषित सदोष लाभ के आशय से-
(क) जानबूझकर किसी इमारती लकड़ी या खड़े वृक्ष पर किसी ऐसे चिह्न का कूटकरण करेगा जिसे वन अधिकारी यह उपदर्शित करने के लिए प्रयोग करते हैं कि ऐसी इमारती लकड़ी या वृक्ष सरकार या किसी व्यक्ति की सम्पत्ति है, या उसे किसी व्यक्ति द्वारा विधितः काटा या हटाया जा सकेगा, या
(ख) किसी वन अधिकारी के प्राधिकार द्वारा या उसके अधीन किसी वृक्ष या इमारती लकड़ी पर लगे किसी ऐसे चिह्न को बदलेगा, विरूपित करेगा या मिटाएगा, या
(ग) किसी वन या बंजर भूमि के, जिसको इस अधिनियम के उपबन्ध लागू होते हैं, सीमा-चिहन को बदलेगा, सरकाएगा, नष्ट करेगा या विरूपित करेगा,
वह कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डनीय होगा।
(क) जानबूझकर किसी इमारती लकड़ी या खड़े वृक्ष पर किसी ऐसे चिह्न का कूटकरण करेगा जिसे वन अधिकारी यह उपदर्शित करने के लिए प्रयोग करते हैं कि ऐसी इमारती लकड़ी या वृक्ष सरकार या किसी व्यक्ति की सम्पत्ति है, या उसे किसी व्यक्ति द्वारा विधितः काटा या हटाया जा सकेगा, या
(ख) किसी वन अधिकारी के प्राधिकार द्वारा या उसके अधीन किसी वृक्ष या इमारती लकड़ी पर लगे किसी ऐसे चिह्न को बदलेगा, विरूपित करेगा या मिटाएगा, या
(ग) किसी वन या बंजर भूमि के, जिसको इस अधिनियम के उपबन्ध लागू होते हैं, सीमा-चिहन को बदलेगा, सरकाएगा, नष्ट करेगा या विरूपित करेगा,
वह कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डनीय होगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 2 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं
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