धारा 144 · मानव तस्करी के शिकार व्यक्ति का शोषण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जो कोई जानबूझकर या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि किसी बच्चे की तस्करी की गई है, ऐसे बच्चे को किसी भी प्रकार से यौन शोषण में लगाता है, उसे कठोर कारावास की सजा दी जाएगी जो पांच वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन दस वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा। (2) जो कोई जानबूझकर या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि किसी व्यक्ति की तस्करी की गई है, ऐसे व्यक्ति को किसी भी प्रकार से यौन शोषण में लगाता है, उसे कम से कम तीन वर्ष की कठोर कारावास की सजा दी जाएगी, लेकिन सात वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 10 वर्ष
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 3 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- सत्र न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 144IPC 370A
370A. Exploitation of a trafficked person.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
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