BNS 351अध्याय XIX · Of Criminal Intimidation, Insult, Annoyance, Defamation, etc.पहले IPC 503बदलाव हुआ
धारा 351 · आपराधिक धमकी।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जो कोई भी किसी अन्य व्यक्ति को किसी भी माध्यम से उसकी जान, प्रतिष्ठा या संपत्ति को, या किसी ऐसे व्यक्ति की जान या प्रतिष्ठा को, जिसमें उस व्यक्ति की रुचि हो, हानि पहुँचाने की धमकी देता है, इस इरादे से कि उस व्यक्ति को भयभीत किया जाए, या उस व्यक्ति को कोई ऐसा कार्य करने के लिए विवश किया जाए जिसे करने के लिए वह कानूनी रूप से बाध्य नहीं है, या किसी ऐसे कार्य को न करने के लिए विवश किया जाए जिसे करने का वह कानूनी रूप से हकदार है, ऐसी धमकी के क्रियान्वयन से बचने के साधन के रूप में, वह आपराधिक धमकी का अपराध करता है।
स्पष्टीकरण। --- किसी मृत व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी, जिसमें धमकी प्राप्त व्यक्ति की रुचि हो, इस धारा के अंतर्गत आती है।
चित्रण।
A, B को दीवानी मुकदमा चलाने से रोकने के उद्देश्य से, B के घर को जलाने की धमकी देता है। A आपराधिक धमकी का दोषी है।
(2) जो कोई भी आपराधिक धमकी का अपराध करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी मृत्युदंड या गंभीर चोट पहुँचाने की धमकी देकर, या आग लगाकर किसी संपत्ति को नष्ट करने की धमकी देकर, या मृत्युदंड या आजीवन कारावास, या सात वर्ष तक के कारावास से दंडनीय अपराध करने की धमकी देकर, या किसी स्त्री पर अपवित्रता का आरोप लगाकर आपराधिक धमकी का अपराध करता है, उसे सात वर्ष तक के कारावास, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई गुमनाम संचार द्वारा आपराधिक धमकी का अपराध करता है, या धमकी देने वाले व्यक्ति का नाम या पता छुपाने के लिए सावधानी बरतता है, उसे उपधारा (1) के तहत अपराध के लिए निर्धारित दंड के अतिरिक्त, दो वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण। --- किसी मृत व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी, जिसमें धमकी प्राप्त व्यक्ति की रुचि हो, इस धारा के अंतर्गत आती है।
चित्रण।
A, B को दीवानी मुकदमा चलाने से रोकने के उद्देश्य से, B के घर को जलाने की धमकी देता है। A आपराधिक धमकी का दोषी है।
(2) जो कोई भी आपराधिक धमकी का अपराध करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी मृत्युदंड या गंभीर चोट पहुँचाने की धमकी देकर, या आग लगाकर किसी संपत्ति को नष्ट करने की धमकी देकर, या मृत्युदंड या आजीवन कारावास, या सात वर्ष तक के कारावास से दंडनीय अपराध करने की धमकी देकर, या किसी स्त्री पर अपवित्रता का आरोप लगाकर आपराधिक धमकी का अपराध करता है, उसे सात वर्ष तक के कारावास, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई गुमनाम संचार द्वारा आपराधिक धमकी का अपराध करता है, या धमकी देने वाले व्यक्ति का नाम या पता छुपाने के लिए सावधानी बरतता है, उसे उपधारा (1) के तहत अपराध के लिए निर्धारित दंड के अतिरिक्त, दो वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- मृत्युदंड
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 351IPC 503
503. Criminal intimidation.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

