धारा 129 · धारा 129. सिविल बल के प्रयोग द्वारा जमाव का तितर-बितर किया जाना
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129. सिविल बल के प्रयोग द्वारा जमाव का तितर-बितर किया जाना
(1) कोई कार्यपालक मजिस्ट्रेट या पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी, या ऐसे भारसाधक अधिकारी की अनुपस्थिति में, उप-निरीक्षक की पंक्ति से अनिम्न कोई पुलिस अधिकारी, किसी विधिविरुद्ध जमाव को, या पांच या अधिक व्यक्तियों के ऐसे किसी जमाव को, जिससे लोक शांति में विघ्न पड़ना संभाव्य है, तितर-बितर होने का समादेश दे सकेगा; और तब ऐसे जमाव के सदस्यों का यह कर्तव्य होगा कि वे तदनुसार तितर-बितर हो जाएं।
(2) यदि इस प्रकार समादेश दिए जाने पर ऐसा कोई जमाव तितर-बितर नहीं होता है, या यदि वह ऐसा समादेश दिए बिना ही अपने को ऐसी रीति से संचालित करता है कि वह तितर-बितर न होने का दृढ़ निश्चय दर्शित करता है, तो उपधारा (1) में निर्दिष्ट कोई कार्यपालक मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी ऐसे जमाव को बल द्वारा तितर-बितर करने के लिए अग्रसर हो सकेगा, और ऐसे जमाव को तितर-बितर करने के प्रयोजन के लिए तथा, यदि आवश्यक हो तो, उन व्यक्तियों को, जो उसके भाग हैं, गिरफ्तार करने और परिरुद्ध करने के प्रयोजन के लिए, ताकि ऐसा जमाव तितर-बितर हो जाए या वे विधि के अनुसार दंडित किए जा सकें, किसी पुरुष व्यक्ति की, जो सशस्त्र बलों का अधिकारी या सदस्य न हो और वैसे कार्य न कर रहा हो, सहायता की अपेक्षा कर सकेगा।
(1) कोई कार्यपालक मजिस्ट्रेट या पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी, या ऐसे भारसाधक अधिकारी की अनुपस्थिति में, उप-निरीक्षक की पंक्ति से अनिम्न कोई पुलिस अधिकारी, किसी विधिविरुद्ध जमाव को, या पांच या अधिक व्यक्तियों के ऐसे किसी जमाव को, जिससे लोक शांति में विघ्न पड़ना संभाव्य है, तितर-बितर होने का समादेश दे सकेगा; और तब ऐसे जमाव के सदस्यों का यह कर्तव्य होगा कि वे तदनुसार तितर-बितर हो जाएं।
(2) यदि इस प्रकार समादेश दिए जाने पर ऐसा कोई जमाव तितर-बितर नहीं होता है, या यदि वह ऐसा समादेश दिए बिना ही अपने को ऐसी रीति से संचालित करता है कि वह तितर-बितर न होने का दृढ़ निश्चय दर्शित करता है, तो उपधारा (1) में निर्दिष्ट कोई कार्यपालक मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी ऐसे जमाव को बल द्वारा तितर-बितर करने के लिए अग्रसर हो सकेगा, और ऐसे जमाव को तितर-बितर करने के प्रयोजन के लिए तथा, यदि आवश्यक हो तो, उन व्यक्तियों को, जो उसके भाग हैं, गिरफ्तार करने और परिरुद्ध करने के प्रयोजन के लिए, ताकि ऐसा जमाव तितर-बितर हो जाए या वे विधि के अनुसार दंडित किए जा सकें, किसी पुरुष व्यक्ति की, जो सशस्त्र बलों का अधिकारी या सदस्य न हो और वैसे कार्य न कर रहा हो, सहायता की अपेक्षा कर सकेगा।
नए कानून में
CrPC 129BNSS 148
148. Dispersal of assembly by use of civil force.
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