धारा 367 · धारा 367. आगे जांच किए जाने या अतिरिक्त साक्ष्य लिए जाने का निदेश देने की शक्ति
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
367. आगे जांच किए जाने या अतिरिक्त साक्ष्य लिए जाने का निदेश देने की शक्ति
(1) यदि, जब ऐसी कार्यवाहियां प्रस्तुत की जाती हैं, उच्च न्यायालय यह समझता है कि दोषसिद्ध व्यक्ति के दोष या निर्दोषिता पर प्रभाव डालने वाले किसी बिंदु के बारे में आगे जांच की जानी चाहिए या उस पर अतिरिक्त साक्ष्य लिया जाना चाहिए, तो वह ऐसी जांच स्वयं कर सकेगा या ऐसा साक्ष्य स्वयं ले सकेगा, अथवा उसे सेशन न्यायालय द्वारा किए या लिए जाने का निदेश दे सकेगा।
(2) जब तक उच्च न्यायालय अन्यथा निदेश न दे, तब तक जब ऐसी जांच की जाती है या ऐसा साक्ष्य लिया जाता है, दोषसिद्ध व्यक्ति की उपस्थिति अभिमुक्त की जा सकेगी।
(3) जब जांच या साक्ष्य (यदि कोई हो) उच्च न्यायालय द्वारा नहीं किया या लिया जाता है, तब ऐसी जांच या साक्ष्य का परिणाम ऐसे न्यायालय को प्रमाणित किया जाएगा।
(1) यदि, जब ऐसी कार्यवाहियां प्रस्तुत की जाती हैं, उच्च न्यायालय यह समझता है कि दोषसिद्ध व्यक्ति के दोष या निर्दोषिता पर प्रभाव डालने वाले किसी बिंदु के बारे में आगे जांच की जानी चाहिए या उस पर अतिरिक्त साक्ष्य लिया जाना चाहिए, तो वह ऐसी जांच स्वयं कर सकेगा या ऐसा साक्ष्य स्वयं ले सकेगा, अथवा उसे सेशन न्यायालय द्वारा किए या लिए जाने का निदेश दे सकेगा।
(2) जब तक उच्च न्यायालय अन्यथा निदेश न दे, तब तक जब ऐसी जांच की जाती है या ऐसा साक्ष्य लिया जाता है, दोषसिद्ध व्यक्ति की उपस्थिति अभिमुक्त की जा सकेगी।
(3) जब जांच या साक्ष्य (यदि कोई हो) उच्च न्यायालय द्वारा नहीं किया या लिया जाता है, तब ऐसी जांच या साक्ष्य का परिणाम ऐसे न्यायालय को प्रमाणित किया जाएगा।
नए कानून में
CrPC 367BNSS 408
408. Power to direct further inquiry to be made or additional evidence to be taken.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
