CSS 16अध्याय III · Employees’ Provident Fund
धारा 16 · निधि।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार, निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए---
(क) भविष्य निधि योजना के अंतर्गत, एक भविष्य निधि स्थापित की जाए जिसमें नियोक्ता द्वारा निधि में भुगतान किया जाने वाला अंशदान प्रत्येक कर्मचारी को देय वेतन का दस प्रतिशत होगा (चाहे वह नियोक्ता द्वारा सीधे या किसी ठेकेदार के माध्यम से नियोजित हो), और कर्मचारी का अंशदान नियोक्ता द्वारा उसके लिए देय अंशदान के बराबर होगा और यदि कोई कर्मचारी चाहे तो यह वेतन के दस प्रतिशत से अधिक भी हो सकता है, बशर्ते कि नियोक्ता इस धारा के अंतर्गत देय अपने अंशदान के अतिरिक्त कोई अंशदान देने के लिए बाध्य न हो।
बशर्ते कि किसी भी प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग पर, जिसे केंद्र सरकार, उचित समझी जाने वाली जांच करने के बाद, अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है, इस धारा के लागू होने में यह संशोधन किया जाएगा कि जहां भी 'दस प्रतिशत' शब्द आते हैं, उनके स्थान पर 'बारह प्रतिशत' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
इसके अलावा, केंद्र सरकार, ऐसी जांच करने के बाद, जिसे वह उचित समझे, अधिसूचना द्वारा कर्मचारियों के अंशदान की दरें और वह अवधि निर्दिष्ट कर सकती है जिसके लिए ऐसी दरें किसी भी वर्ग के कर्मचारी पर लागू होंगी;
(ख) पेंशन योजना के अंतर्गत निर्दिष्ट तरीके से उस सरकार द्वारा एक पेंशन कोष स्थापित किया जाएगा, जिसमें समय-समय पर पेंशन योजना के सदस्य प्रत्येक कर्मचारी के लिए भुगतान किया जाएगा,---
(i) नियोक्ता के अंशदान से खंड (क) के अधीन ऐसी राशियाँ जो मजदूरी के आठ और एक तिहाई प्रतिशत से अधिक न हों या मजदूरी का ऐसा प्रतिशत जो केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए;
(ii) धारा 143 के अंतर्गत छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों के नियोक्ताओं द्वारा पेंशन निधि में अंशदान के रूप में देय ऐसी राशियाँ, जैसा कि पेंशन योजना में निर्दिष्ट किया जा सकता है, जिन पर पेंशन योजना लागू होती है;
(iii) ऐसी राशियाँ जिन्हें केंद्र सरकार संसद द्वारा इस संबंध में विधि द्वारा उचित विनियोजन के बाद निर्दिष्ट करे;
(ग) बीमा योजना के अंतर्गत, उस सरकार द्वारा उस योजना में निर्दिष्ट तरीके से एक जमा-बद्ध बीमा कोष स्थापित किया जाएगा, जिसमें नियोक्ता द्वारा समय-समय पर प्रत्येक ऐसे कर्मचारी के संबंध में, जिसका वह नियोक्ता है, ऐसी राशि का भुगतान किया जाएगा, जो मजदूरी के एक प्रतिशत से अधिक नहीं होगी या मजदूरी का ऐसा प्रतिशत होगा जो केंद्र सरकार द्वारा उस कर्मचारी के संबंध में समय-समय पर देय अधिसूचित किया जाएगा।
बशर्ते कि नियोक्ता बीमा कोष में ऐसी अतिरिक्त धनराशि का भुगतान करेगा, जो इस खंड के तहत उसके द्वारा किए जाने वाले अंशदान के एक-चौथाई से अधिक न हो, जैसा कि केंद्र सरकार समय-समय पर बीमा योजना के प्रशासन से संबंधित सभी खर्चों को पूरा करने के लिए निर्धारित करे, जिसमें बीमा योजना द्वारा या उसके अंतर्गत प्रदान किए गए किसी भी लाभ की लागत से संबंधित खर्च शामिल न हों।
(2) भविष्य निधि, पेंशन निधि और बीमा निधि केंद्रीय बोर्ड में निहित होगी और संबंधित योजनाओं में निर्दिष्ट तरीके से केंद्रीय बोर्ड द्वारा प्रशासित की जाएगी।
(क) भविष्य निधि योजना के अंतर्गत, एक भविष्य निधि स्थापित की जाए जिसमें नियोक्ता द्वारा निधि में भुगतान किया जाने वाला अंशदान प्रत्येक कर्मचारी को देय वेतन का दस प्रतिशत होगा (चाहे वह नियोक्ता द्वारा सीधे या किसी ठेकेदार के माध्यम से नियोजित हो), और कर्मचारी का अंशदान नियोक्ता द्वारा उसके लिए देय अंशदान के बराबर होगा और यदि कोई कर्मचारी चाहे तो यह वेतन के दस प्रतिशत से अधिक भी हो सकता है, बशर्ते कि नियोक्ता इस धारा के अंतर्गत देय अपने अंशदान के अतिरिक्त कोई अंशदान देने के लिए बाध्य न हो।
बशर्ते कि किसी भी प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग पर, जिसे केंद्र सरकार, उचित समझी जाने वाली जांच करने के बाद, अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है, इस धारा के लागू होने में यह संशोधन किया जाएगा कि जहां भी 'दस प्रतिशत' शब्द आते हैं, उनके स्थान पर 'बारह प्रतिशत' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
इसके अलावा, केंद्र सरकार, ऐसी जांच करने के बाद, जिसे वह उचित समझे, अधिसूचना द्वारा कर्मचारियों के अंशदान की दरें और वह अवधि निर्दिष्ट कर सकती है जिसके लिए ऐसी दरें किसी भी वर्ग के कर्मचारी पर लागू होंगी;
(ख) पेंशन योजना के अंतर्गत निर्दिष्ट तरीके से उस सरकार द्वारा एक पेंशन कोष स्थापित किया जाएगा, जिसमें समय-समय पर पेंशन योजना के सदस्य प्रत्येक कर्मचारी के लिए भुगतान किया जाएगा,---
(i) नियोक्ता के अंशदान से खंड (क) के अधीन ऐसी राशियाँ जो मजदूरी के आठ और एक तिहाई प्रतिशत से अधिक न हों या मजदूरी का ऐसा प्रतिशत जो केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए;
(ii) धारा 143 के अंतर्गत छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों के नियोक्ताओं द्वारा पेंशन निधि में अंशदान के रूप में देय ऐसी राशियाँ, जैसा कि पेंशन योजना में निर्दिष्ट किया जा सकता है, जिन पर पेंशन योजना लागू होती है;
(iii) ऐसी राशियाँ जिन्हें केंद्र सरकार संसद द्वारा इस संबंध में विधि द्वारा उचित विनियोजन के बाद निर्दिष्ट करे;
(ग) बीमा योजना के अंतर्गत, उस सरकार द्वारा उस योजना में निर्दिष्ट तरीके से एक जमा-बद्ध बीमा कोष स्थापित किया जाएगा, जिसमें नियोक्ता द्वारा समय-समय पर प्रत्येक ऐसे कर्मचारी के संबंध में, जिसका वह नियोक्ता है, ऐसी राशि का भुगतान किया जाएगा, जो मजदूरी के एक प्रतिशत से अधिक नहीं होगी या मजदूरी का ऐसा प्रतिशत होगा जो केंद्र सरकार द्वारा उस कर्मचारी के संबंध में समय-समय पर देय अधिसूचित किया जाएगा।
बशर्ते कि नियोक्ता बीमा कोष में ऐसी अतिरिक्त धनराशि का भुगतान करेगा, जो इस खंड के तहत उसके द्वारा किए जाने वाले अंशदान के एक-चौथाई से अधिक न हो, जैसा कि केंद्र सरकार समय-समय पर बीमा योजना के प्रशासन से संबंधित सभी खर्चों को पूरा करने के लिए निर्धारित करे, जिसमें बीमा योजना द्वारा या उसके अंतर्गत प्रदान किए गए किसी भी लाभ की लागत से संबंधित खर्च शामिल न हों।
(2) भविष्य निधि, पेंशन निधि और बीमा निधि केंद्रीय बोर्ड में निहित होगी और संबंधित योजनाओं में निर्दिष्ट तरीके से केंद्रीय बोर्ड द्वारा प्रशासित की जाएगी।
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