CSS 49अध्याय IV · Employees State Insurance Corporation
धारा 49 · धारा- 49
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि निम्नलिखित के बारे में कोई प्रश्न या विवाद या दावा उद्भूत होता है-
(क) कोई व्यक्ति इस अध्याय से संबंधित इस संहिता के अर्थ में कर्मचारी है या नहीं अथवा वह कर्मचारी अभिदाय देने के लिए दायी है या नहीं; या
(ख) इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए कर्मचारी की मजदूरी की दर या औसत दैनिक मजदूरी; या
(ग) इस अध्याय के अधीन किसी कर्मचारी की बाबत नियोजक द्वारा संदेय अभिदाय की दर या
(घ) वह व्यक्ति, जो इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए किसी कर्मचारी की बाबत नियोजक है या था; या
(ङ) इस अध्याय के अधीन किसी प्रसुविधा के लिए किसी व्यक्ति का अधिकार और उसका परिमाण तथा उसकी अस्तित्वावधि ; या
(च) इस अध्याय के अधीन आश्रित प्रसुविधाओं के किसी संदाय के पुनर्विलोकन पर निगम द्वारा जारी किया गया कोई निदेश; या
(छ) कोई अन्य विषय, जो इस अध्याय से संबंधित इस संहिता के अधीन संदेय या वसूलीय किसी अभिदाय या प्रसुविधा या अन्य शोध्य राशियों की बाबत इस अध्याय से संबंधित नियोजक और निगम के बीच या इस अध्याय से संबंधित नियोजक और संविदाकार के बीच या इस अध्याय से संबंधित किसी व्यक्ति और निगम के बीच या इस अध्याय से संबंधित कर्मचारी और नियोजक या संविदाकार के बीच विवादग्रस्त हो; या
(ज) इस अध्याय से संबंधित इस संहिता के अधीन नियोजक से अभिदायों की वसूली का दावा; या
(झ) किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त प्रसुविधाओं के मूल्य या रकम की वसूली के लिए धारा 41 की उपधारा (8) के अधीन उस दशा में दावा जिसमें वह व्यक्ति उनका विधिपूर्ण रूप से हकदार नहीं है; या
(ञ) नियोजक के विरुद्ध धारा 42 के अधीन दावा; या
(ट) अध्याय 4 के संबंध में धारा 126 के अधीन अपील प्राधिकारी का आदेश या
(ठ) इस अध्याय से संबंधित उस संहिता के अधीन किसी संविदाकार से अभिदायों को वसूल करने के लिए नियोजक द्वारा दावा; या
(ड) इस अध्याय के अधीन अनुज्ञेय किसी फायदा की वसूली के लिए कोई अन्य दावा,
तो ऐसे विषय का विनिश्चय कर्मचारी बीमा न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
(2) कोई ऐसा मामला, जो किसी नियोजक और निगम के बीच इस अध्याय के अधीन किसी अभिदाय या किसी अन्य देय के बारे में विवादग्रस्त है, नियोजक द्वारा, कर्मचारी बीमा न्यायालय में तब तक नहीं उठाया जाएगा जब तक उसने निगम द्वारा यथा दावाकृत उससे देय रकम का पचास प्रतिशत न्यायालय के पास जमा न कर दिया हो :
परंतु कर्मचारी बीमा न्यायालय, ऐसे कारणों से जो लेखबद्ध किए जाएं, इस उपधारा के अधीन जमा की जाने वाली रकम को अधित्यजित या कम कर सकेगा।
(3) किसी भी सिविल न्यायालय को उपधारा (1) में यथाविनिर्दिष्ट किसी प्रश्न या विवाद का विनिश्चय करने या उस पर कोई कार्यवाही करने की या किसी ऐसे दायित्व पर, जिसका विनिश्चय इस अध्याय से संबंधित इस संहिता द्वारा या उसके अधीन चिकित्सा बोर्ड द्वारा किया जाना है, न्यायनिर्णयन देने की अधिकारिता नहीं होगी।
(क) कोई व्यक्ति इस अध्याय से संबंधित इस संहिता के अर्थ में कर्मचारी है या नहीं अथवा वह कर्मचारी अभिदाय देने के लिए दायी है या नहीं; या
(ख) इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए कर्मचारी की मजदूरी की दर या औसत दैनिक मजदूरी; या
(ग) इस अध्याय के अधीन किसी कर्मचारी की बाबत नियोजक द्वारा संदेय अभिदाय की दर या
(घ) वह व्यक्ति, जो इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए किसी कर्मचारी की बाबत नियोजक है या था; या
(ङ) इस अध्याय के अधीन किसी प्रसुविधा के लिए किसी व्यक्ति का अधिकार और उसका परिमाण तथा उसकी अस्तित्वावधि ; या
(च) इस अध्याय के अधीन आश्रित प्रसुविधाओं के किसी संदाय के पुनर्विलोकन पर निगम द्वारा जारी किया गया कोई निदेश; या
(छ) कोई अन्य विषय, जो इस अध्याय से संबंधित इस संहिता के अधीन संदेय या वसूलीय किसी अभिदाय या प्रसुविधा या अन्य शोध्य राशियों की बाबत इस अध्याय से संबंधित नियोजक और निगम के बीच या इस अध्याय से संबंधित नियोजक और संविदाकार के बीच या इस अध्याय से संबंधित किसी व्यक्ति और निगम के बीच या इस अध्याय से संबंधित कर्मचारी और नियोजक या संविदाकार के बीच विवादग्रस्त हो; या
(ज) इस अध्याय से संबंधित इस संहिता के अधीन नियोजक से अभिदायों की वसूली का दावा; या
(झ) किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त प्रसुविधाओं के मूल्य या रकम की वसूली के लिए धारा 41 की उपधारा (8) के अधीन उस दशा में दावा जिसमें वह व्यक्ति उनका विधिपूर्ण रूप से हकदार नहीं है; या
(ञ) नियोजक के विरुद्ध धारा 42 के अधीन दावा; या
(ट) अध्याय 4 के संबंध में धारा 126 के अधीन अपील प्राधिकारी का आदेश या
(ठ) इस अध्याय से संबंधित उस संहिता के अधीन किसी संविदाकार से अभिदायों को वसूल करने के लिए नियोजक द्वारा दावा; या
(ड) इस अध्याय के अधीन अनुज्ञेय किसी फायदा की वसूली के लिए कोई अन्य दावा,
तो ऐसे विषय का विनिश्चय कर्मचारी बीमा न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
(2) कोई ऐसा मामला, जो किसी नियोजक और निगम के बीच इस अध्याय के अधीन किसी अभिदाय या किसी अन्य देय के बारे में विवादग्रस्त है, नियोजक द्वारा, कर्मचारी बीमा न्यायालय में तब तक नहीं उठाया जाएगा जब तक उसने निगम द्वारा यथा दावाकृत उससे देय रकम का पचास प्रतिशत न्यायालय के पास जमा न कर दिया हो :
परंतु कर्मचारी बीमा न्यायालय, ऐसे कारणों से जो लेखबद्ध किए जाएं, इस उपधारा के अधीन जमा की जाने वाली रकम को अधित्यजित या कम कर सकेगा।
(3) किसी भी सिविल न्यायालय को उपधारा (1) में यथाविनिर्दिष्ट किसी प्रश्न या विवाद का विनिश्चय करने या उस पर कोई कार्यवाही करने की या किसी ऐसे दायित्व पर, जिसका विनिश्चय इस अध्याय से संबंधित इस संहिता द्वारा या उसके अधीन चिकित्सा बोर्ड द्वारा किया जाना है, न्यायनिर्णयन देने की अधिकारिता नहीं होगी।
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