CSS 82अध्याय VII · Employees’ Compensation
धारा 82 · सूचना एवं दावा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी भी सक्षम प्राधिकारी द्वारा मुआवजे के दावे पर तब तक विचार नहीं किया जाएगा जब तक कि दुर्घटना की सूचना दुर्घटना घटित होने के बाद यथाशीघ्र, जैसा कि इसके बाद निर्धारित किया गया है, न दी गई हो और जब तक कि दावा दुर्घटना घटित होने के दो वर्ष के भीतर या मृत्यु की स्थिति में, मृत्यु की तिथि से दो वर्ष के भीतर उसके समक्ष प्रस्तुत न किया गया हो:
बशर्ते कि यदि दुर्घटना किसी ऐसे रोग के कारण हुई हो जिसके संबंध में धारा 74 की उपधारा (3) के प्रावधान लागू होते हैं, तो दुर्घटना उस दिन घटित मानी जाएगी जिस दिन कर्मचारी उस रोग के कारण हुई अक्षमता के परिणामस्वरूप लगातार काम से अनुपस्थित रहा हो।
इसके अलावा, यदि किसी ऐसी बीमारी के कारण आंशिक विकलांगता हो जाती है जो कर्मचारी को काम से अनुपस्थित रहने के लिए बाध्य नहीं करती है, तो दो वर्ष की अवधि उस दिन से गिनी जाएगी जिस दिन कर्मचारी अपने नियोक्ता को विकलांगता की सूचना देता है।
इसके अलावा, यदि कोई कर्मचारी, जो धारा 74 की उपधारा (3) के अंतर्गत निर्दिष्ट सतत अवधि के लिए किसी रोजगार में कार्यरत रहा हो, उस रोजगार से मुक्त हो जाता है और रोजगार की समाप्ति के दो वर्ष के भीतर उस रोजगार से संबंधित किसी व्यावसायिक बीमारी के लक्षण विकसित कर लेता है, तो दुर्घटना उस दिन घटित मानी जाएगी जिस दिन लक्षण पहली बार देखे गए थे।
(2) उपधारा (1) के तहत दी गई सूचना में किसी कमी, दोष या अनियमितता के कारण दावा स्वीकार करने में कोई बाधा नहीं होगी।
(क) यदि दावा किसी कर्मचारी की मृत्यु के संबंध में किया जाता है जो नियोक्ता के परिसर में या किसी ऐसे स्थान पर हुई दुर्घटना के परिणामस्वरूप हुई हो जहाँ कर्मचारी दुर्घटना के समय नियोक्ता या उसके द्वारा नियोजित किसी व्यक्ति के नियंत्रण में काम कर रहा था, और कर्मचारी की मृत्यु ऐसे परिसर या ऐसे स्थान पर या नियोक्ता के स्वामित्व वाले किसी परिसर में हुई हो, या दुर्घटना स्थल या परिसर के आसपास के क्षेत्र को छोड़े बिना उसकी मृत्यु हो गई हो, या
(ख) यदि नियोक्ता या अनेक नियोक्ताओं में से किसी एक या नियोक्ता के प्रति उत्तरदायी किसी व्यक्ति को, उस व्यापार या व्यवसाय की किसी शाखा के प्रबंधन के लिए, जिसमें घायल कर्मचारी कार्यरत था, दुर्घटना की जानकारी किसी अन्य स्रोत से उस समय के आसपास प्राप्त हुई हो जब वह घटित हुई थी:
बशर्ते कि सक्षम प्राधिकारी किसी भी मामले में मुआवजे के दावे पर विचार कर सकता है और निर्णय ले सकता है, भले ही नोटिस न दिया गया हो, या उपधारा (1) के तहत निर्धारित समय में दावा प्रस्तुत न किया गया हो, यदि वह संतुष्ट है कि नोटिस न देने या दावा प्रस्तुत न करने में विफलता, जैसा भी मामला हो, पर्याप्त कारण से हुई थी।
(3) ऐसे प्रत्येक नोटिस में घायल व्यक्ति का नाम और पता दिया जाएगा तथा चोट का कारण और दुर्घटना की तिथि बताई जाएगी तथा नियोक्ता या अनेक नियोक्ताओं में से किसी एक को, या नियोक्ता के प्रति व्यापार या व्यवसाय की किसी शाखा के प्रबंधन के लिए उत्तरदायी किसी व्यक्ति को, जिसमें घायल कर्मचारी कार्यरत था, तामील की जाएगी।
(4) उपयुक्त सरकार यह अनिवार्य कर सकती है कि नियोक्ताओं का कोई वर्ग, जैसा कि उस सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है, अपने परिसर में, जहाँ कर्मचारी कार्यरत हैं, एक नोटिस-पुस्तिका बनाए रखे, जिसका प्रारूप उस सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है, जो परिसर में कार्यरत किसी भी घायल कर्मचारी और उसकी ओर से सद्भावपूर्वक कार्य करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए सभी उचित समय पर आसानी से सुलभ हो।
(5) इस धारा के तहत नोटिस को उस व्यक्ति के निवास स्थान या कार्यालय या व्यवसाय स्थल पर पहुंचाकर या पंजीकृत डाक द्वारा भेजकर तामील किया जा सकता है, जिस पर इसे तामील किया जाना है, या जहां संभव हो, इलेक्ट्रॉनिक रूप से या, जहां नोटिस-पुस्तिका रखी जाती है, नोटिस-पुस्तिका में प्रविष्टि द्वारा।
बशर्ते कि यदि दुर्घटना किसी ऐसे रोग के कारण हुई हो जिसके संबंध में धारा 74 की उपधारा (3) के प्रावधान लागू होते हैं, तो दुर्घटना उस दिन घटित मानी जाएगी जिस दिन कर्मचारी उस रोग के कारण हुई अक्षमता के परिणामस्वरूप लगातार काम से अनुपस्थित रहा हो।
इसके अलावा, यदि किसी ऐसी बीमारी के कारण आंशिक विकलांगता हो जाती है जो कर्मचारी को काम से अनुपस्थित रहने के लिए बाध्य नहीं करती है, तो दो वर्ष की अवधि उस दिन से गिनी जाएगी जिस दिन कर्मचारी अपने नियोक्ता को विकलांगता की सूचना देता है।
इसके अलावा, यदि कोई कर्मचारी, जो धारा 74 की उपधारा (3) के अंतर्गत निर्दिष्ट सतत अवधि के लिए किसी रोजगार में कार्यरत रहा हो, उस रोजगार से मुक्त हो जाता है और रोजगार की समाप्ति के दो वर्ष के भीतर उस रोजगार से संबंधित किसी व्यावसायिक बीमारी के लक्षण विकसित कर लेता है, तो दुर्घटना उस दिन घटित मानी जाएगी जिस दिन लक्षण पहली बार देखे गए थे।
(2) उपधारा (1) के तहत दी गई सूचना में किसी कमी, दोष या अनियमितता के कारण दावा स्वीकार करने में कोई बाधा नहीं होगी।
(क) यदि दावा किसी कर्मचारी की मृत्यु के संबंध में किया जाता है जो नियोक्ता के परिसर में या किसी ऐसे स्थान पर हुई दुर्घटना के परिणामस्वरूप हुई हो जहाँ कर्मचारी दुर्घटना के समय नियोक्ता या उसके द्वारा नियोजित किसी व्यक्ति के नियंत्रण में काम कर रहा था, और कर्मचारी की मृत्यु ऐसे परिसर या ऐसे स्थान पर या नियोक्ता के स्वामित्व वाले किसी परिसर में हुई हो, या दुर्घटना स्थल या परिसर के आसपास के क्षेत्र को छोड़े बिना उसकी मृत्यु हो गई हो, या
(ख) यदि नियोक्ता या अनेक नियोक्ताओं में से किसी एक या नियोक्ता के प्रति उत्तरदायी किसी व्यक्ति को, उस व्यापार या व्यवसाय की किसी शाखा के प्रबंधन के लिए, जिसमें घायल कर्मचारी कार्यरत था, दुर्घटना की जानकारी किसी अन्य स्रोत से उस समय के आसपास प्राप्त हुई हो जब वह घटित हुई थी:
बशर्ते कि सक्षम प्राधिकारी किसी भी मामले में मुआवजे के दावे पर विचार कर सकता है और निर्णय ले सकता है, भले ही नोटिस न दिया गया हो, या उपधारा (1) के तहत निर्धारित समय में दावा प्रस्तुत न किया गया हो, यदि वह संतुष्ट है कि नोटिस न देने या दावा प्रस्तुत न करने में विफलता, जैसा भी मामला हो, पर्याप्त कारण से हुई थी।
(3) ऐसे प्रत्येक नोटिस में घायल व्यक्ति का नाम और पता दिया जाएगा तथा चोट का कारण और दुर्घटना की तिथि बताई जाएगी तथा नियोक्ता या अनेक नियोक्ताओं में से किसी एक को, या नियोक्ता के प्रति व्यापार या व्यवसाय की किसी शाखा के प्रबंधन के लिए उत्तरदायी किसी व्यक्ति को, जिसमें घायल कर्मचारी कार्यरत था, तामील की जाएगी।
(4) उपयुक्त सरकार यह अनिवार्य कर सकती है कि नियोक्ताओं का कोई वर्ग, जैसा कि उस सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है, अपने परिसर में, जहाँ कर्मचारी कार्यरत हैं, एक नोटिस-पुस्तिका बनाए रखे, जिसका प्रारूप उस सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है, जो परिसर में कार्यरत किसी भी घायल कर्मचारी और उसकी ओर से सद्भावपूर्वक कार्य करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए सभी उचित समय पर आसानी से सुलभ हो।
(5) इस धारा के तहत नोटिस को उस व्यक्ति के निवास स्थान या कार्यालय या व्यवसाय स्थल पर पहुंचाकर या पंजीकृत डाक द्वारा भेजकर तामील किया जा सकता है, जिस पर इसे तामील किया जाना है, या जहां संभव हो, इलेक्ट्रॉनिक रूप से या, जहां नोटिस-पुस्तिका रखी जाती है, नोटिस-पुस्तिका में प्रविष्टि द्वारा।
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