CSS 78अध्याय VII · Employees’ Compensation
धारा 78 · मुआवजे के प्रयोजन से मासिक वेतन की गणना करने की विधि।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए, "मासिक वेतन" अभिव्यक्ति से तात्पर्य एक माह की सेवा के लिए देय मानी जाने वाली वेतन राशि से है (चाहे वेतन मासिक आधार पर देय हो या किसी अन्य अवधि के आधार पर या प्रति पीस रेट पर), और जिसकी गणना निम्नानुसार की जाती है, अर्थात्:---
(क) जहां कर्मचारी दुर्घटना से ठीक पहले कम से कम बारह महीनों की निरंतर अवधि के दौरान उस नियोक्ता की सेवा में रहा हो जो मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी है, तो कर्मचारी का मासिक वेतन उस अवधि के अंतिम बारह महीनों में नियोक्ता द्वारा उसे देय कुल वेतन का बारहवां हिस्सा होगा;
(ख) जहां दुर्घटना से ठीक पहले की निरंतर सेवा अवधि, जिसके दौरान कर्मचारी उस नियोक्ता की सेवा में था जो मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी है, एक महीने से कम थी, तो कर्मचारी का मासिक वेतन वह औसत मासिक राशि होगी जो दुर्घटना से ठीक पहले के बारह महीनों के दौरान उसी नियोक्ता द्वारा उसी काम पर नियोजित कर्मचारी द्वारा अर्जित की जा रही थी, या यदि ऐसा कोई कर्मचारी नियोजित नहीं था, तो उसी इलाके में समान काम पर नियोजित कर्मचारी द्वारा अर्जित की जा रही थी;
(ग) अन्य मामलों में, जिनमें आवश्यक जानकारी के अभाव में खंड (ख) के तहत मासिक मजदूरी की गणना करना संभव नहीं है, मासिक मजदूरी दुर्घटना से ठीक पहले की अंतिम निरंतर सेवा अवधि के लिए उस नियोक्ता से अर्जित कुल मजदूरी का तीस गुना होगी जो मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी है, और उसे उस अवधि के दिनों की संख्या से विभाजित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण। ---इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "सेवा की अवधि" को निरंतर माना जाएगा, जो चौदह दिनों से अधिक की अनुपस्थिति की अवधि से बाधित नहीं हुई हो।
(क) जहां कर्मचारी दुर्घटना से ठीक पहले कम से कम बारह महीनों की निरंतर अवधि के दौरान उस नियोक्ता की सेवा में रहा हो जो मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी है, तो कर्मचारी का मासिक वेतन उस अवधि के अंतिम बारह महीनों में नियोक्ता द्वारा उसे देय कुल वेतन का बारहवां हिस्सा होगा;
(ख) जहां दुर्घटना से ठीक पहले की निरंतर सेवा अवधि, जिसके दौरान कर्मचारी उस नियोक्ता की सेवा में था जो मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी है, एक महीने से कम थी, तो कर्मचारी का मासिक वेतन वह औसत मासिक राशि होगी जो दुर्घटना से ठीक पहले के बारह महीनों के दौरान उसी नियोक्ता द्वारा उसी काम पर नियोजित कर्मचारी द्वारा अर्जित की जा रही थी, या यदि ऐसा कोई कर्मचारी नियोजित नहीं था, तो उसी इलाके में समान काम पर नियोजित कर्मचारी द्वारा अर्जित की जा रही थी;
(ग) अन्य मामलों में, जिनमें आवश्यक जानकारी के अभाव में खंड (ख) के तहत मासिक मजदूरी की गणना करना संभव नहीं है, मासिक मजदूरी दुर्घटना से ठीक पहले की अंतिम निरंतर सेवा अवधि के लिए उस नियोक्ता से अर्जित कुल मजदूरी का तीस गुना होगी जो मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी है, और उसे उस अवधि के दिनों की संख्या से विभाजित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण। ---इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "सेवा की अवधि" को निरंतर माना जाएगा, जो चौदह दिनों से अधिक की अनुपस्थिति की अवधि से बाधित नहीं हुई हो।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

