CSS 41अध्याय IV · Employees State Insurance Corporation
धारा 41 · लाभों से संबंधित सामान्य प्रावधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) विनियमों में दिए गए प्रावधानों के अलावा, कोई भी व्यक्ति इस अध्याय के अंतर्गत स्वीकार्य किसी भी विकलांगता लाभ को एकमुश्त राशि में परिवर्तित करने का हकदार नहीं होगा।
(2) विनियमों में दिए गए प्रावधानों के अलावा, कोई भी व्यक्ति किसी ऐसे दिन के लिए रोग लाभ या अस्थायी विकलांगता लाभ का हकदार नहीं होगा जिस दिन वह काम करता है या छुट्टी पर रहता है या किसी ऐसे अवकाश पर रहता है जिसके लिए उसे वेतन मिलता है या किसी ऐसे दिन के लिए जिस दिन वह हड़ताल पर रहता है।
(3) वह व्यक्ति जो रोग भत्ता या विकलांगता भत्ता (स्थायी विकलांगता पर दिए गए भत्ते के अलावा) प्राप्त कर रहा हो-
(क) इस अध्याय के अंतर्गत प्रदान किए गए औषधालय, अस्पताल, क्लिनिक या अन्य संस्था में चिकित्सा उपचार के अधीन रहेगा और वहां के चिकित्सा अधिकारी या चिकित्सा परिचारक द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करेगा;
(ख) उपचार के दौरान ऐसा कोई कार्य नहीं करेगा जिससे उसके ठीक होने की संभावना कम हो या उस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े;
(ग) इस अध्याय के अंतर्गत चिकित्सा उपचार प्रदान किए जा रहे क्षेत्र को चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा परिचारक या विनियमों द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट किसी अन्य प्राधिकारी की अनुमति के बिना नहीं छोड़ेगा; और
(घ) निगम द्वारा विधिवत नियुक्त चिकित्सा अधिकारी या इस संबंध में निगम द्वारा अधिकृत किसी अन्य व्यक्ति द्वारा स्वयं की जांच कराने की अनुमति देगा।
(4) बीमित व्यक्ति उसी अवधि के लिए प्राप्त करने का हकदार नहीं होगा—
(क) बीमारी भत्ता और मातृत्व भत्ता दोनों; या
(ख) अस्थायी विकलांगता के लिए रोग भत्ता और विकलांगता भत्ता दोनों; या
(सी) मातृत्व लाभ और अस्थायी विकलांगता के लिए विकलांगता लाभ दोनों।
(5) जहाँ कोई व्यक्ति उपधारा (4) में उल्लिखित लाभों में से एक से अधिक लाभों का हकदार है, तो उसे यह चुनने का अधिकार होगा कि वह कौन सा लाभ प्राप्त करेगा।
(6) यदि कोई व्यक्ति इस अध्याय के अंतर्गत नकद लाभ प्राप्त करने की अवधि के दौरान मर जाता है, तो उसकी मृत्यु के दिन तक का लाभ मृतक द्वारा लिखित रूप में ऐसे किसी व्यक्ति को दिया जाएगा जैसा कि विनियमों में निर्दिष्ट किया गया हो, या यदि ऐसा कोई नामांकन न हो, तो मृतक के उत्तराधिकारी या कानूनी प्रतिनिधि को दिया जाएगा।
(7) (क) इस अध्याय के अंतर्गत आश्रित या विकलांगता लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र कोई भी व्यक्ति अध्याय सात के अंतर्गत अपने नियोक्ता से कर्मचारी क्षतिपूर्ति का दावा करने का हकदार नहीं होगा।
(ख) इस अध्याय के अंतर्गत मातृत्व लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र कोई भी महिला कर्मचारी अध्याय VI के अंतर्गत अपने नियोक्ता से मातृत्व लाभ का दावा करने की हकदार नहीं होगी।
(8) यदि किसी व्यक्ति ने इस अध्याय के अंतर्गत कोई लाभ या भुगतान प्राप्त किया है जबकि वह कानूनी रूप से उसका हकदार नहीं है, तो वह निगम को लाभ का मूल्य या ऐसे भुगतान की राशि वापस करने के लिए उत्तरदायी होगा, या मृत्यु की स्थिति में, उसका कानूनी प्रतिनिधि मृतक की संपत्ति में से उसे वापस करने के लिए उत्तरदायी होगा।
(9) नकद भुगतान के अलावा प्राप्त किसी भी लाभ का मूल्य इस संबंध में बनाए गए विनियमों में निर्दिष्ट प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किया जाएगा और ऐसे प्राधिकरण का निर्णय अंतिम होगा।
(10) इस धारा के अधीन वसूली योग्य राशि धारा 129 से 132 के अधीन निर्दिष्ट तरीके से वसूल की जा सकती है।
(2) विनियमों में दिए गए प्रावधानों के अलावा, कोई भी व्यक्ति किसी ऐसे दिन के लिए रोग लाभ या अस्थायी विकलांगता लाभ का हकदार नहीं होगा जिस दिन वह काम करता है या छुट्टी पर रहता है या किसी ऐसे अवकाश पर रहता है जिसके लिए उसे वेतन मिलता है या किसी ऐसे दिन के लिए जिस दिन वह हड़ताल पर रहता है।
(3) वह व्यक्ति जो रोग भत्ता या विकलांगता भत्ता (स्थायी विकलांगता पर दिए गए भत्ते के अलावा) प्राप्त कर रहा हो-
(क) इस अध्याय के अंतर्गत प्रदान किए गए औषधालय, अस्पताल, क्लिनिक या अन्य संस्था में चिकित्सा उपचार के अधीन रहेगा और वहां के चिकित्सा अधिकारी या चिकित्सा परिचारक द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करेगा;
(ख) उपचार के दौरान ऐसा कोई कार्य नहीं करेगा जिससे उसके ठीक होने की संभावना कम हो या उस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े;
(ग) इस अध्याय के अंतर्गत चिकित्सा उपचार प्रदान किए जा रहे क्षेत्र को चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा परिचारक या विनियमों द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट किसी अन्य प्राधिकारी की अनुमति के बिना नहीं छोड़ेगा; और
(घ) निगम द्वारा विधिवत नियुक्त चिकित्सा अधिकारी या इस संबंध में निगम द्वारा अधिकृत किसी अन्य व्यक्ति द्वारा स्वयं की जांच कराने की अनुमति देगा।
(4) बीमित व्यक्ति उसी अवधि के लिए प्राप्त करने का हकदार नहीं होगा—
(क) बीमारी भत्ता और मातृत्व भत्ता दोनों; या
(ख) अस्थायी विकलांगता के लिए रोग भत्ता और विकलांगता भत्ता दोनों; या
(सी) मातृत्व लाभ और अस्थायी विकलांगता के लिए विकलांगता लाभ दोनों।
(5) जहाँ कोई व्यक्ति उपधारा (4) में उल्लिखित लाभों में से एक से अधिक लाभों का हकदार है, तो उसे यह चुनने का अधिकार होगा कि वह कौन सा लाभ प्राप्त करेगा।
(6) यदि कोई व्यक्ति इस अध्याय के अंतर्गत नकद लाभ प्राप्त करने की अवधि के दौरान मर जाता है, तो उसकी मृत्यु के दिन तक का लाभ मृतक द्वारा लिखित रूप में ऐसे किसी व्यक्ति को दिया जाएगा जैसा कि विनियमों में निर्दिष्ट किया गया हो, या यदि ऐसा कोई नामांकन न हो, तो मृतक के उत्तराधिकारी या कानूनी प्रतिनिधि को दिया जाएगा।
(7) (क) इस अध्याय के अंतर्गत आश्रित या विकलांगता लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र कोई भी व्यक्ति अध्याय सात के अंतर्गत अपने नियोक्ता से कर्मचारी क्षतिपूर्ति का दावा करने का हकदार नहीं होगा।
(ख) इस अध्याय के अंतर्गत मातृत्व लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र कोई भी महिला कर्मचारी अध्याय VI के अंतर्गत अपने नियोक्ता से मातृत्व लाभ का दावा करने की हकदार नहीं होगी।
(8) यदि किसी व्यक्ति ने इस अध्याय के अंतर्गत कोई लाभ या भुगतान प्राप्त किया है जबकि वह कानूनी रूप से उसका हकदार नहीं है, तो वह निगम को लाभ का मूल्य या ऐसे भुगतान की राशि वापस करने के लिए उत्तरदायी होगा, या मृत्यु की स्थिति में, उसका कानूनी प्रतिनिधि मृतक की संपत्ति में से उसे वापस करने के लिए उत्तरदायी होगा।
(9) नकद भुगतान के अलावा प्राप्त किसी भी लाभ का मूल्य इस संबंध में बनाए गए विनियमों में निर्दिष्ट प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किया जाएगा और ऐसे प्राधिकरण का निर्णय अंतिम होगा।
(10) इस धारा के अधीन वसूली योग्य राशि धारा 129 से 132 के अधीन निर्दिष्ट तरीके से वसूल की जा सकती है।
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