CSS 59अध्याय VI · Meternity Benefit
धारा 59 · कुछ निश्चित अवधि के दौरान महिलाओं के रोजगार या उनके द्वारा काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई भी नियोक्ता जानबूझकर किसी महिला को उसके प्रसव, गर्भपात या गर्भावस्था के चिकित्सकीय समापन के दिन के तुरंत बाद के छह सप्ताहों के दौरान किसी प्रतिष्ठान में नियोजित नहीं करेगा।
(2) कोई भी महिला अपने प्रसव, गर्भपात या गर्भावस्था के चिकित्सकीय समापन के दिन के तुरंत बाद के छह सप्ताहों के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान में काम नहीं करेगी।
(3) धारा 62 के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, किसी गर्भवती महिला को, इस संबंध में उसके द्वारा किए गए अनुरोध पर, उपधारा (4) में निर्दिष्ट अवधि के दौरान, उसके नियोक्ता द्वारा कोई ऐसा कार्य करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा जो कठिन प्रकृति का हो या जिसमें लंबे समय तक खड़े रहना शामिल हो या जो किसी भी तरह से उसकी गर्भावस्था या भ्रूण के सामान्य विकास में बाधा उत्पन्न कर सकता हो या जिससे उसका गर्भपात हो सकता हो या अन्यथा उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता हो।
(4) उपधारा (3) में निर्दिष्ट अवधि होगी---
(क) उसकी अपेक्षित प्रसव तिथि से ठीक पहले के छह सप्ताह की अवधि से पहले का एक माह का समय;
(ख) उक्त छह सप्ताह की अवधि के दौरान कोई भी अवधि जिसके लिए गर्भवती महिला धारा 62 के तहत अनुपस्थिति की छुट्टी का लाभ नहीं उठाती है।
स्पष्टीकरण। --- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "कठिन प्रकृति का कोई भी कार्य" अभिव्यक्ति का अर्थ ऐसा कोई भी कार्य होगा जिसमें ज़ोरदार प्रयास शामिल हो या जिसकी आवश्यकता हो या जो प्रकृति में कठिन और थकाऊ हो।
(2) कोई भी महिला अपने प्रसव, गर्भपात या गर्भावस्था के चिकित्सकीय समापन के दिन के तुरंत बाद के छह सप्ताहों के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान में काम नहीं करेगी।
(3) धारा 62 के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, किसी गर्भवती महिला को, इस संबंध में उसके द्वारा किए गए अनुरोध पर, उपधारा (4) में निर्दिष्ट अवधि के दौरान, उसके नियोक्ता द्वारा कोई ऐसा कार्य करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा जो कठिन प्रकृति का हो या जिसमें लंबे समय तक खड़े रहना शामिल हो या जो किसी भी तरह से उसकी गर्भावस्था या भ्रूण के सामान्य विकास में बाधा उत्पन्न कर सकता हो या जिससे उसका गर्भपात हो सकता हो या अन्यथा उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता हो।
(4) उपधारा (3) में निर्दिष्ट अवधि होगी---
(क) उसकी अपेक्षित प्रसव तिथि से ठीक पहले के छह सप्ताह की अवधि से पहले का एक माह का समय;
(ख) उक्त छह सप्ताह की अवधि के दौरान कोई भी अवधि जिसके लिए गर्भवती महिला धारा 62 के तहत अनुपस्थिति की छुट्टी का लाभ नहीं उठाती है।
स्पष्टीकरण। --- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "कठिन प्रकृति का कोई भी कार्य" अभिव्यक्ति का अर्थ ऐसा कोई भी कार्य होगा जिसमें ज़ोरदार प्रयास शामिल हो या जिसकी आवश्यकता हो या जो प्रकृति में कठिन और थकाऊ हो।
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