Competition Act 32अध्याय IV · Duties, Powers and Functions of Commission
धारा 32 · भारत के बाहर घटित होने वाली ऐसी घटनाएं जिनका भारत में प्रतिस्पर्धा पर प्रभाव पड़ता है
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इसके बावजूद आयोग,--
(क) धारा 3 में निर्दिष्ट समझौता भारत के बाहर किया गया हो; या
(ख) ऐसे समझौते का कोई पक्षकार भारत से बाहर है; या
(ग) कोई भी उद्यम जो प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग करता है, भारत के बाहर स्थित है; या
(घ) भारत के बाहर संयोजन हुआ है; या
(ई) संयोजन में शामिल कोई भी पक्ष भारत से बाहर है; या
(f) ऐसे समझौते या प्रभुत्वपूर्ण स्थिति या संयोजन से उत्पन्न कोई अन्य मामला या प्रथा या कार्रवाई भारत के बाहर हो,
अधिनियम की धारा 19 , 20, 26, 29 , 29ए और 30 में निहित प्रावधानों के अनुसार, ऐसे समझौते या प्रभुत्वपूर्ण स्थिति के दुरुपयोग या संयोजन की जांच करने का अधिकार है, यदि ऐसे समझौते या प्रभुत्वपूर्ण स्थिति या संयोजन का भारत में संबंधित बाजार में प्रतिस्पर्धा पर उल्लेखनीय प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है या पड़ने की संभावना है, और इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ऐसे आदेश पारित करने का अधिकार है जो वह उचित समझे।
(क) धारा 3 में निर्दिष्ट समझौता भारत के बाहर किया गया हो; या
(ख) ऐसे समझौते का कोई पक्षकार भारत से बाहर है; या
(ग) कोई भी उद्यम जो प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग करता है, भारत के बाहर स्थित है; या
(घ) भारत के बाहर संयोजन हुआ है; या
(ई) संयोजन में शामिल कोई भी पक्ष भारत से बाहर है; या
(f) ऐसे समझौते या प्रभुत्वपूर्ण स्थिति या संयोजन से उत्पन्न कोई अन्य मामला या प्रथा या कार्रवाई भारत के बाहर हो,
अधिनियम की धारा 19 , 20, 26, 29 , 29ए और 30 में निहित प्रावधानों के अनुसार, ऐसे समझौते या प्रभुत्वपूर्ण स्थिति के दुरुपयोग या संयोजन की जांच करने का अधिकार है, यदि ऐसे समझौते या प्रभुत्वपूर्ण स्थिति या संयोजन का भारत में संबंधित बाजार में प्रतिस्पर्धा पर उल्लेखनीय प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है या पड़ने की संभावना है, और इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ऐसे आदेश पारित करने का अधिकार है जो वह उचित समझे।
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